Hello Mr. Stalin,
This is the suicide data from central institutions (2014-21)👇
Total=122
SC/ST/OBC=68
GC=54
Question is-
If caste-discrimination is killing SC/ST/OBC students,
what is killing GC students????
दो ब्राह्मणों की हत्या हुई हैं, क्या आपको लगता है बीजेपी की सरकार कोई कार्यवाही करेगी?
कर ही नहीं सकती, क्योंकि अपराधी मोदी जी का मानस पुत्र है, भीमटा है!
90% ब्राह्मण वोट बीजेपी को दे और फिर गोली भी खाये, ये सही मायने है लोकतंत्र के। एक ही रास्ता बचता है, अपना हाथ जगन्नाथ!
ये दोनों बच्चियां पिछले दिनों से लापता है।
स्थानः प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
थानाः सराय ममरेज
पोस्ट: जंघई बाजार
नामः निधि पाण्डेय, उम्र 13 वर्ष
नामः अनन्या पाण्डेय, उम्र 7 वर्ष
कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें,
विष्णु तिवारी ने फर्जी SC/ST एक्ट और रेप केस में 20 साल तक जेल काटे और निर्दोष साबित हुए।
जेल से आए हुए विष्णु तिवारी को 5 साल हो गए है
अब जाकर मेनस्ट्रीम मीडिया आवाज़ उठा रही है।
SC/ST के कॉलेज अलग हों, जिसमें चपरासी से लेकर कुलपति तक वही हों।
हम अनरिज़र्व्ड वालों का कॉलेज अलग हो, जिसमें सब कोई हमारे हों।
OBC भी चाहे तो अपना अलग कॉलेज ले, चाहे तो SC/ST के साथ रहे, चाहे हमारे साथ।
हमारे साथ आने पर स्वागत है, क्योंकि हमारा कॉलेज अनरिज़र्व्ड है, तो यहाँ आरक्षण नहीं मिलेगा।
इससे सारी समस्या ख़त्म हो जाएगी।
अभी ज़्यादातर SC/ST के लोग और कुछ OBC सदैव हम लोगों पर झूठे जातिगत आरोप लगाते रहते हैं। हमारे टीचर और बच्चों को एक्ट लगाकर जेल भिजवा रहे हैं, उगाही कर रहे हैं, जातिगत भेदभाव का कवच पहनकर पढ़ाई चोरी करके, कम नंबर पर सिलेक्शन भी ले रहे हैं।
हमारे विद्वान बच्चों को जबरदस्ती अयोग्य आरक्षित टीचरों से पढ़ाया जा रहा है, उससे हमें बचत मिलेगी।
आरक्षण वालों के पास इसके बाद कोई बहाना नहीं रहेगा कि इनके साथ भेदभाव हो रहा है, इसलिए नहीं पढ़ पाते।
इसके बाद आएँ और ओपन कंपटीशन में हमसे मुकाबला करके दिखाएँ सेलेक्टर आधे आरक्षित हो और आधे हमारे एग्जाम सिर्फ कंप्यूटर बेस्ड हो
तो इनके रोज़-रोज़ के क्लेश से परमानेंट छुट्टी हो जाएगी, देश शांति से जियेगा
सीसीटीवी में साहिल साफ-साफ चीटिंग करते पकड़ा गया उसके बाद भी सारे अंबेडकरवादी हम सामान्य वर्ग पर जातिवाद का आरोप लगा रहे हैं जो कि ये 80 साल से करते आए है तो अब इसके अलावा कोई उपाय नहीं है
उत्तर प्रदेश के 4 मेडिकल कॉलेज में 91% आरक्षण लागू था। हमलोग यह खोज कर ले आए, तो कहा गया कि ये तो मायावती के समय से था।
फिर इलाहाबाद हाई कोर्ट से आदेश ले आए कि इसके आधार पर काउंसलिंग रोकी जाए, तो योगी जी सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना चुके हैं।
उधर मोहन यादव जी 73% के लिए जी जान से जुटे हुए हैं। लेकिन डर हमें राहुल गांधी का दिखाया जाता है कि आते ही 90% कर देगा।
ब्रो, हो रहा है 91%, इसी हिंदुत्ववादी सरकार में! चिल करो। मायावती के समय तो और भी बहुत कुछ था, उसको क्यों कंटिन्यू नहीं कर पाए?
क्या ये जो कॉलेज बने वो SC-ST के द्वारा दिए दान से बने थे? या यह सवर्णों के टैक्स से ही बना था? फिर उसके लिए 9% सीट का कोई मतलब है?
इस तस्वीर में बाईं ओर दिख रहे वयोवृद्ध व्यक्ति को आसानी से एक महान पुजारी समझने की भूल की जा सकती है! लेकिन जी नहीं! वह डॉ. सी. पी. मैथ्यू हैं, जो कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में ऑन्कोलॉजी (कैंसर विज्ञान) विभाग के प्रमुख और बाद में वहां के प्रिंसिपल थे। वहीं 'दाईं ओर' ब्रह्मश्री सूर्यन् सुब्रमण्यन भट्टतिरी हैं।
डॉ. मैथ्यू केरल में ऑन्कोलॉजी के पहले प्रोफेसर थे, जो कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख और फिर प्रिंसिपल रहे। बाद में जब वह सेवानिवृत्त हुए, तो वह एक फ्लाइंग डॉक्टर और 50 से अधिक देशों के विश्वविद्यालयों में एलोपैथिक कैंसर उपचार के विजिटिंग प्रोफेसर बने।
60 वर्ष की आयु में, उन्होंने वह सब कुछ भूलने (अनलर्न करने) का निर्णय लिया जो उन्होंने पहले सीखा था और उन्होंने एक लाड़ा वैद्य (पारंपरिक जनजातीय चिकित्सा प्रणाली के चिकित्सक) को अपना गुरु स्वीकार किया, जिनसे वह सड़क पर मिले थे।
इसके बाद, इस महान डॉक्टर ने अपने दिवंगत लाड़ा गुरु से सीखी गई नव-बुतपरस्त (नियॉ-पेगन) सिद्ध चिकित्सा का उपयोग करके हजारों कैंसर रोगियों को मृत्यु के मुंह से बचाया। जिन रोगियों को उन्होंने बचाया, उनमें अमेरिका के मेयो क्लिनिक द्वारा जवाब दिए गए (अस्वीकृत) कई मरीज भी शामिल थे।
वह वेदों और उपनिषदों सहित भारतीय सांस्कृतिक ग्रंथों के गहरे अध्येता थे। यही नहीं, उन्होंने "तांत्रिक अनुष्ठानों" के लिए प्रसिद्ध सूर्याकलडी मना से उपनयन संस्कार प्राप्त किया और अपना शेष जीवन सनातन धर्म आचार्य के रूप में बिताया।
डॉ. मैथ्यू का 20 अक्टूबर 2021 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। अज्ञात कारणों से केरल के किसी भी प्रमुख मीडिया ने उनके निधन की खबर रिपोर्ट नहीं की।
कोई भी व्यक्ति अपने जन्म से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से महान बनता है।
This is how a woman’s picture was morphed, paraded and circulated by Cockroach Janta Party protesters
Watch the man holding it. Watch others making videos of it
As @SanjeevSanskrit put it - a taharrush of sexual perverts
They all seemed to have gotten away with it UNTIL
we stepped in. Helped the woman file FIR. Helped her reach Delhi high court
The order by high court is today was STRONG:
- content to be pulled down within 24 hours
- police protection for victim
- start investigation in FIR (which names Dipke, Das and others)
- she can file for compensation from organisers
This is the victory we had today
Those who fought for her - @BhaiPreetSingh@AdYogeshh@VikasNagwan@SanjeevSanskrit
This is the parivar I am blessed to work with 🙏
#Sirohi: EWS सरलीकरण यात्रा लेकर 27 सितंबर को सिरोही पहुंचेंगे विधायक रविंद्र सिंह भाटी
सांचौर से शुरू होगी भाटी की यात्रा, सिरोही जिले में रहेगा खास पड़ाव, दांतराई से रेवदर, करोटी, अनादरा और सिरोड़ी...
#RajasthanWithFirstIndia@RavindraBhati__
दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron VanDyke और छह यूक्रेनी नागरिकों को एक महीने के लिए अमेरिका/यूक्रेन जाकर परिवार से मिलने की अनुमति दी है। यह स्थायी रिहाई या भारत से बरी होना नहीं है।
2. अदालत ने स्पष्ट शर्त रखी है कि एक महीने की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें भारत लौटना है और लौटने के 72 घंटे के भीतर अदालत को सूचित करना है।
3. उन्हें अपने विदेश स्थित पते और संपर्क विवरण NIA को देने हैं तथा जरूरत पड़ने पर जांच में वीडियो-कॉल या व्यक्तिगत रूप से शामिल होना है।
4. महत्वपूर्ण बात यह है कि NIA की पहली चार्जशीट में UAPA के आरोप शामिल नहीं किए गए, बल्कि Immigration and Foreigners Act के तहत आरोप लगाए गए; हालांकि NIA ने कहा है कि UAPA से जुड़ी आगे की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर supplementary chargesheet दाखिल की जा सकती है।
तो क्या वे लौटेंगे?
व्यावहारिक रूप से यह एक वास्तविक जोखिम वाला सवाल है, लेकिन अभी कोई विश्वसनीय आधार नहीं है जिससे कहा जा सके कि वे वापस नहीं आएंगे।
अदालत ने उनकी वापसी की कानूनी बाध्यता और जांच में सहयोग की शर्तें लगाई हैं लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि वे वापस कभी नहीं लौटेंगे। भाड़े के आतंकवादी (merceneries) जेल में सजा काटने में विश्वास नहीं करते।
च _मारो के हज़ारों लड़के मरवाएगा फिर उनकी लाशों पर राजनीति करने जाएगा जब तक इसके घर में कोई नहीं मर जाता तब तक समाज का दर्द नहीं समझेगा !!
जिस दिन एक भी वाल्मीकि इसकी वजह से मरा उसी दिन इसका भी आख़िरी दिन होगा !
अब यह तो च_मारों को सोचना चाहिए इस चरित्रहीन को नेता बना बैठे है और कितने युवाओं की बलि चढ़वाओगे ?
#Dalit #Crime #India
क्या आपने एक बात नोटिस की है। मायावती ने अभी तक साहिल वकोडे को लेकर भी एक ट्वीट या बयान नहीं दिया।
चूंकि मायवती नीले गमछों वालो की तरह अनपढ़ मूर्ख नहीं है। वे एक परिपक्व नेता है उन्हें अच्छे से पता है क्या सही है , क्या गलत है।
बाकि नकल करते हुई की वीडियो तो उन्होंने देख ही ली होगी। हर कोई नीले गमछों वालो की तरह मूर्ख नहीं है जो सच देखकर भी झूठ बोले।
#NewsLeaderSurvey
BJP समय रहते नहीं सुधरी तो आगे चलकर मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जनता की आवाज़ सुनना और हर वर्ग के साथ न्याय करना जरूरी है। 🇮🇳
सत्ता स्थायी नहीं, जनता का विश्वास सबसे जरूरी है।
पहली बार Scheduled Caste की लिस्ट 1935 में बनी थी।
Lothian Committee की रिपोर्ट का आधार पर बनाई गई थी।
उसमें रिपोर्ट में भी यह कहा गया था कि
"छुआछूत काम के आधार पर होता है, ना की जाति के आधार पर।"
जातिगत छुआछूत कोरी कल्पना है और कुछ नहीं।