🚨 ब्रेकिंग:
ईरान के विदेश मंत्री दुनिया को संबोधित करते हुए बोले:
एक बात साफ कर दूं—
मिस्र स्वेज नहर से गुजरने के लिए $200,000 से $700,000 तक शुल्क लेता है। बड़े कंटेनर जहाज या टैंकर के लिए यह $1 मिलियन से भी ज्यादा हो सकता है।
पनामा नहर से गुजरने के लिए $100,000 से $450,000 तक शुल्क लिया जाता है। बड़े Neopanamax जहाजों के लिए यह $500,000 तक पहुंच सकता है।
तुर्की बोस्फोरस जलडमरूमध्य के लिए शुल्क लेता है।
कनाडा सेंट लॉरेंस सीवे के लिए शुल्क लेता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका भी सेंट लॉरेंस सीवे के लिए शुल्क लेता है।
लेकिन ईरान ने दशकों से होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए कोई शुल्क नहीं लिया—उसे मुफ्त रखा।
बदनामी, प्रतिबंधों और अलगाव के बावजूद—और फिर भी आप चाहते हैं कि मैं मान लूं कि ईरान ही “गलत” है?
@mangalpandeybjp बक्सर जिला के सिमरी प्रखंड के स्वास्थ कर्मियों CHO को पिछले 5 माह से नहीं मिल रहा मानदेय। होली में भी नहीं हुआ भुगतान । सिविल सर्जन को मामले की है जानकारी, बाबजूद भुगतान नहीं होने से कर्मी परेशान स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ने से सिमरी प्रखण्ड को बचाये।
@anandmishraips सिमरी प्रखंड के स्वास्थ कर्मियों (ANM, CHO, nhm staff और अन्य nhm कर्मी) को पिछले 5 माह से नहीं मिल रहा मानदेय। होली में भी नहीं हुआ भुगतान । सिविल सर्जन को मामले की है जानकारी, बाबजूद भुगतान नहीं होने से कर्मी कार्य बहिष्कार करने के लिए हो सकते है मजबूर। सिमरी प्रखण्ड को बचाये
@BEASABihar1@IPRDBihar बस 2026 में और मन लगा कर काम कीजिए। बिहार सरकार में इस तरह लगन से सेवा देने के लिए धन्यवाद। सरकार कैलेंडर खोज रही है , जल्द ही 8 वे वेतन से खाता खुलेगा
फ्रांस की नागरिक ने कहा:
"मैं अपने देश वापस जाना चाहती हूँ।"
इंडिगो, बीजेपी और गोबर-भक्त ग़ोदी मीडिया मिलकर हमारे देश का नाम बदनाम कर रहे हैं।
बोलो जय विश्वगुरु।