लड़ाई सिर्फ़ पेपर लीक की नहीं है, भर्ती परीक्षाओं में होने वाली तमाम गड़बड़ियों की भी है।
SSC हो, UPSC हो या रेलवे की परीक्षाएँ-
कभी remote access से सॉल्वर गैंग, कभी normalization, कभी 100 में से सिर्फ़ 20–25 सवाल पूछकर एक छात्र से 2000–2500 रुपये वसूलना, तो कभी उल्टे-पुल्टे और स्तरहीन सवाल पूछना।
इन सभी परीक्षाओं में बहुत ज़्यादा पारदर्शिता की ज़रूरत है। और यह सब DoPT के अंतर्गत आता है, जिसके मंत्री जितेंद्र सिंह जी हैं।
उन्हें भी सभी आयोगों और बोर्डों के चेयरमैन को साफ़-साफ़ बता देना चाहिए कि अब से कोई गलती नहीं होनी चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि अगला नंबर उनका भी लग जाए।
क्योंकि देश में पिछले 10 वर्षों में जो 100 से ज़्यादा पेपर लीक हुए हैं, उनमें 80% से ज़्यादा मामले DoPT और अलग-अलग राज्य आयोगों से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं के ही होंगे। इसके लिए अलग-अलग राज्यों की सरकारें भी उतनी ही ज़िम्मेदार हैं।
धर्मेंद्र प्रधान जी के अंतर्गत आने वाले पेपर लीक की संख्या कम है , लेकिन उनके प्रति गुस्सा ज़्यादा इसलिए है क्योंकि पूरी शिक्षा व्यवस्था खोखली हो चुकी है।
CBSE का इस बार का OSM वाला नाटक हमने देखा।
NTA का NEET पेपर लीक देखा।
इसलिए लड़ाई सिर्फ़ एक मंत्री के इस्तीफ़े तक सीमित नहीं है। लड़ाई पूरी परीक्षा और भर्ती व्यवस्था में जवाबदेही, पारदर्शिता और सुधार की है।
शुक्रिया माई लार्ड !
आपने ही तो लाखों बच्चों को रास्ता दिखाया है . अब आप वीडियो क्यों देखेंगे ?
अगर आपने देख लिया तो पुलिस की बर्बरता दिख जाएगी. बच्चों के जिस्म पर जख्म दिख जाएंगे. छात्रों के शरीर पर लाठियों के निशान दिख जाएंगे.
आप ये सब देखना नहीं चाहते .
कोई बात नहीं माई लार्ड . ज़माना देख रहा है .
यह झूठा भ्रम मत फैलाएं और जो एकता देश में बनी हैं उसपर कुठाराघात न करें !
आज़ कांग्रेस सेवादल ने CJP आंदोलनकारियों के लिए नाश्ता तैयार किया हमारी मदद कर रहें हैं !
और श्री राहुल गांधी जी ने जो किया है उससे यह स्पष्ट है कि पुरा देश अब सरकार पर दबाव बना रहा है।
नेता विपक्ष अपना कर्तव्य निर्वहन कर रहे हैं।
ये लोग कौन हैं जो लाठी लेकर आए थे? एक समय था जब क्राइम रिपोर्टर पुलिस से पहले बता देते थे। लगता है अब वे भी व्हाट्स ग्रुप के खटाल में बाँध दिए गए हैं। JNU के साबरमती हॉस्टल में अचानक गुंडे घुस आए। उस केस का क्या हुआ? किसी को सज़ा हुई?
NEET पेपर लीक : चुप
सोनम वांगचुक प्रोटेस्ट : चुप
चंद्र चोरी : चुप
इथेनॉल ब्लेंडिंग : चुप
फ्यूल की कीमत में बढ़ोतरी : चुप
इंफ्रास्ट्रक्चर का गिरना : चुप
डॉलर बनाम रुपया : चुप
और इस आदमी को कुछ महीने पहले ही लोगों की सबसे ऊंची आवाज माना जाता था 🤣
वह इस बात का सबसे अच्छा उदाहरण है कि अच्छी PR मशीनरी किसी की इमेज चमकाने के लिए क्या कर सकती है। अच्छा हुआ कि पाला बदलने के बाद वह एक्सपोज हो गया।
ये कानपुर की आर्या सिंह हैं, जिनका कहना है कि Re-NEET के रिजल्ट में गड़बड़ी और धांधली हुई है।
आर्या ने बताया 👇
• OMR शीट के अनुसार उसे 609 नंबर मिलने चाहिए थे
• लेकिन Re-NEET के रिजल्ट में उसे 540 नंबर मिले
ऐसे में आर्या का पूरा परिवार परेशान हो गया। सभी लोग बार-बार वेबसाइट चेक करने लगे। इसी बीच रात 2 बजे आर्या के नंबर 540 से घटकर अचानक 167 हो गए।
👉 मतलब 540 नंबर, अपने आप ही 167 हो गए
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी.. क्या यही है वो 'व्यवस्था', जिसके लिए आपने एयरफोर्स लगवाकर Re-NEET करवाया था।
छात्रों की मेहनत बर्बाद हो रही है, परिवार परेशान हो रहे हैं, सपने टूट रहे हैं- जिसके लिए आप और आपका घटिया सिस्टम जिम्मेदार है।
आपको एक मिनट भी पद पर रहने का हक नहीं है- थोड़ी शर्म कीजिए और इस्तीफा दीजिए।
छात्र : BJP से नाराज़
शिक्षक : BJP से नाराज़
कार मालिक : BJP से नाराज़
मध्यम वर्ग : BJP से नाराज़
बेरोज़गार : BJP से नाराज़
2029 में असल में मोदी को वोट कौन देगा? 😭