@hajarkagalwa हे! पापी कन्या, ईश्वर ने तुम्हें इतनी सौंदर्यता प्रदान की हैं। इसकी तुलना निषेद हैं। गर आप तुलना करते है तो आप ईश्वर की व्यवस्था पर सन्देह कर दे हैं।
सुंदर प्रस्तुति! यदि जज और दर्शकों को स्वास्तिक, डमरू, नाग, त्रिशूल जैसे प्रतीकों के बारे में जानकारी होती तो वो और भी प्रसन्न होते। नृत्य निर्देशन और पूरा कॉन्सेप्ट डिज़ाइन उत्कृष्ट है।