सत्य की जीत, न्याय की विजय
वर्ष 2022 में मेरे विरुद्ध पैगंबर मोहम्मद पर कथित टिप्पणी को लेकर मामला दर्ज किया गया था। उस समय की BRS सरकार ने मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाए और मुझे पीडी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर 77 दिनों तक जेल में रखा। उस कठिन समय में मुझे न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था।
जेल से बाहर आने के बाद मैंने न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया। पिछले चार वर्षों तक यह मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चला। मैंने हमेशा कानून और संविधान के दायरे में रहकर अपना पक्ष रखा।
आज न्यायालय की प्रक्रिया के बाद मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे साबित हुए हैं। यह सत्य, न्याय और कानून की जीत है। मैं अपने सभी समर्थकों, अधिवक्ताओं और उन सभी लोगों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस पूरे संघर्ष के दौरान मुझ पर विश्वास बनाए रखा।
मैं न्यायपालिका का सम्मान करता हूँ और आगे भी जनता की सेवा तथा संविधान के दायरे में रहकर कार्य करता रहूँगा।
हर उद्दंड पुलिस को इसी तरह के लताड़ की आवश्यकता है। साथ ही, पुलिस कमिश्नर या एसपी को उतने ही दिन जेल में रखा जाए, जितने दिन से अन्य को रखते हैं और स्टेट से केस लड़ने की पूरी फीस वसूल कर वापिस की जाए। ये साले खुल्लमखुल्ला गुंडई करते हैं।
गाय को काटने वाले और गाय की पूजा करने वाले कभी एक नहीं हो सकते। बाबा साहब अंबेडकर जी ने भी अपनी किताब में लिखा है कि हमारे आदर्श राम जी, कृष्ण जी और छत्रपति शिवाजी महाराज जी हैं और मुस्लिम समाज के आदर्श बाबर, अकबर और औरंगजेब हैं।