गौतम बुद्ध की करुणा हूं
महावीर स्वामी की अहिंसा हूं
विश्वामित्र की शिक्षा हूं
राम की मर्यादा हूं
कृष्ण की कर्मण्यता हूं
लक्ष्मण का क्रोध हूं
भीष्म की प्रतिज्ञा हूं
शस्त्र की शक्ति हूं
शास्त्रों की अभिव्यक्ति हूं
महाराणा का बलिदान हूँ
सुनो मेरा परिचय
हां मैं क्षत्रिय हूं।✌️
@IMinakshiJoshi रामचरितमानस में कहां गया है
"विनय न मानत जलधि जड़, गए तीनि दिन बीति।
बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति॥"
समाज में सुधार करने के लिए माफी नहीं
समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना होता है जिससे कि आगे आने वाले पीढ़ी में भय बना रहे
नमः शिवाय शान्ताय पार्वतीपतये नमः।
गणेश-स्कन्द-सहिताय,श्रावणं मंगलं भवेत्॥
सावन आया है...☘️🍃
मानो कैलाश फिर मुस्कुरा उठा हो।
महादेव की जटाओं से करुणा बरस रही है,
माँ पार्वती के नेत्रों में असीम वात्सल्य झलक रहा है।
गणेश मंगल के दीप जला रहे हैं,
कार्तिकेय साहस का ध्वज लहरा रहे हैं।
आज हर बूंद यही कहती है—
जहाँ शिव का आशीर्वाद,
माँ गौरी का स्नेह,
गणेश का मंगल
और कार्तिकेय का पराक्रम हो,
वहीं हर सावन जीवन का सबसे सुंदर उत्सव बन जाता है। 🌧️💚
हर हर महादेव! 🔱🕉
#Sawan #Shravan
#HarHarMahadev
#श्रावण
शुभ संध्या वंदन 🙏🙏
🙏🌹जय माँ भवानी 🌹🙏
🌹🙏न तातो न माता न बन्धुर्नदाता,
न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता।
न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव,
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥🌹🙏
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
🚩जय माता दी🚩
🚩ऊँ महालक्ष्मीभ्योः नमोः नमः🚩
🕉️गर्व से कहो हम हिन्दू हैं🕉️
🔱जय श्रीराम हर हर महादेव🔱
🇮🇳पहले राष्ट्र, फिर कास्ट🇮🇳
🚩वन्देमातरम्🚩
🙏सुप्रभात जी🙏
पद्मानने पद्मऊरु पद्माक्षी पद्मसंभवे।
तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्॥
कमल के समान नेत्रों वाली माँ लक्ष्मी, हमें अपनी भक्ति और चरणों में स्थान दें ताकि हमारे जीवन में अक्षय सुख और समृद्धि का वास हो।
🌺 शुभ प्रभात! जय माँ लक्ष्मी! 🌺
"हर रिश्ता विश्वास और सम्मान से मजबूत होता है।"
माँ लक्ष्मी करिए कृपा, हो अर्जी स्वीकार।
धन-वैभव से घर भरे, सुखी रहे परिवार।।
- सुनीता पाण्डेय 'सुरभि'
आप सभी का दिन मंगलमय हो
सुप्रभात
कुछ नाम दे रहा हूँ और उनके साथ उनका स्टेटस भी लिख रहा हूँ। पहले इस लिस्ट को देखिए...
1) सोमभाई (75 वर्ष) सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारी, आश्रम में रहते हैं
2) अमृतभाई (72 वर्ष) प्राइवेट फैक्ट्री में कर्मचारी थे, सेवानिवृत्त
3) प्रह्लाद (64 वर्ष) राशन की दुकान
4) पंकज (58 वर्ष) सूचना विभाग में कार्यरत
5) भोगीलाल (67 वर्ष) किराने की दुकान
6) अरविंद (64 वर्ष) फुटकर कबाड़ी का काम
7) भरत (55 वर्ष) पेट्रोल पंप पर अटेंडेंट
8) अशोक (51 वर्ष) पतंग और किराने की दुकान
9) चंद्रकांत (48 वर्ष) गौशाला में सेवक
10) रमेश (64 वर्ष) कोई जानकारी नहीं
11) भार्गव (44 वर्ष) कोई जानकारी नहीं
12) बिपिन (42 वर्ष) कोई जानकारी नहीं
ऊपर के चार व्यक्ति (नंबर 1 से 4) प्रधानमंत्री मोदी जी के सगे भाई हैं।
नंबर 5 से 9 तक मोदी जी के सगे चाचा नरसिंहदास मोदी के बेटे हैं। यानी प्रधानमंत्री के चचेरे भाई।
नंबर 10 रमेश, चाचा जगजीवनदास मोदी के बेटे हैं।
नंबर 11 भार्गव, चाचा कांतिलाल के बेटे हैं। और आखिरी बिपिन, प्रधानमंत्री मोदी जी के सबसे छोटे चाचा जयंतिलाल मोदी के बेटे हैं।
मेरी उन क्रांतिकारी टीवी पत्रकारों से विनती है जो कभी दिन-रात एक नीली वैगन-आर कार दिखाते थे और राजनीति के शुद्धिकरण की बात करते थे। आपसे निवेदन है कि अपना कैमरा लेकर ऊपर बताए गए लोगों के पास जाइए।
ऐसे समय में जब राजनीति में लोग सिर्फ अपने और अपने परिवार के हित के लिए लगे हैं, मोदी जी केवल देश के लिए काम कर रहे हैं।
मत भूलिए कि नरेंद्र मोदी 25 सालों से (13+12 साल) मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री हैं और उन्होंने अपने किसी भी अपने को एक पैसे का भी लाभ नहीं दिया है।
जो अपने सगों के लिए कुछ नहीं करता, वो अडानी-अंबानी के लिए करेगा? ये तो सिर्फ विपक्ष की चाल है।
हम भारतीय भाग्यशाली हैं कि हमें मोदी जैसा ईमानदार, देशभक्त, मेहनती और गरीबों का मसीहा प्रधानमंत्री मिला है। मोदी जी केवल राष्ट्रहित सोचते हैं और देश के लिए जो सबसे अच्छा है वही करते हैं। विपक्ष की चालों से सावधान रहें।
एक खानदान है मोती लाल नेहरू का।
बेटा, बेटी सभी उच्च पदों पर।
सारे रिश्तेदार उच्च पदों पर।
जवाहर लाल से शुरू कर दीजिये और अंतिम पीढ़ी तक पहुंचिए। ढूंढ कर बताएं कि कोई ऐसा है जिसने सत्ता सुख नहीं लिया है?
यही हालत लालू यादव, मुलायम सिंह यादव, मायावती, करुणानिधि, ममता बनर्जी, अब्दुल्ला, मुफ्ती सईद, बादल..... गिनते जाइए।
राजनीति सेवा नहीं, सत्ता सुख का साधन बन गया है। बीजेपी और NDA में भी बहुत नेता मिलेंगे जिनके परिवारजन सत्ता का सुख ले रहे हैं।
मोदी जैसा कोई नहीं।
दोस्तों! क्या आप इसे सिर्फ पढ़कर छोड़ देंगे, या दूसरों के साथ भी शेयर करेंगे?
*मोदी कौन है ?*
इसका जवाब एक जानकार *राजनैतिक वैद्य* ने बड़ा सुंदर समझाया।
आयुर्वेद और मेडिकल सांईस में *शहद* को अमृत के समान माना गया हैं।
लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि शहद को अगर *कुत्ता* चाट ले तो वह मर जाता हैं। यानी जो मनुष्यों के लिये अमृत हैं वह शहद *कुत्तों* के लिये जहर है।
शुद्ध *देशी गाय के घी* को आयुर्वेद और मेडिकल सांईस औषधीय गुणों का भंडार मानता हैं।
मगर आश्चर्य, गंदगी से प्रसन्न रहने वाली *मक्खी* कभी शुद्ध देशी घी को नहीं खा सकती।
गलती से अगर *मक्खी* देशी घी पर बैठ कर चख भी ले तो वो तुरंत तड़प तड़प कर वहीं मर जाती है।
आर्युवेद में *मिश्री* को भी औषधीय और श्रेष्ठ मिष्ठान्न माना गया हैं।
लेकिन आश्चर्य, अगर *गधे* को एक डली मिश्री खिला दी जाए, तो कुछ समय में उसके प्राण पखेरू उड़ जाएंगे।
यह अमृत समान श्रेष्ठ मिष्ठान, मिश्री *गधा* कभी नहीं खा सकता हैं।
*नीम* के पेड़ पर लगने वाली पकी हुई निम्बोली में कई रोगों को हरने वाले औषधीय गुण होते हैं।
आयुर्वेद उसे *"उत्तम औषधि"* कहता हैं।
लेकिन रात दिन नीम के पेड़ पर रहने वाला *कौवा* अगर निम्बोली खा ले तो उस कौवे की मृत्यु निश्चित है।
मतलब, इस धरती पर ऐसा बहुत कुछ हैं... जो हमारे लिये अमृत समान हैं, गुणकारी है, औषधीय है...
पर इस धरती पर ऐसे कुछ जीव ऐसे भी हैं जिनके लिये वही *अमृत... विष है।*
*मोदी वही गुणकारी अमृतमय औषधि है।*
लेकिन कुत्तों *(आतंकवादी-दंगाई),*
मक्खियों *(देशद्रोही-गंदगी),*
गधों *(वामपंथी सोच-राजनैतिक मूर्ख)*
और
कौवों *(स्वार्थी कपटी मीडिया)* आदि के लिये... विष समान है।
इसलिये यह कुछ तत्व इतने भयभीत हैं।