@JioCare लगातार 2019 से @JioCare पर शिकायत दर्ज करा रहे हैं मगर अभी 2026 तक इनसे समाधान नहीं हुआ कुछ समय के लिए सही ���रते हैं फिर वापिस बंद हो जाता है ।
क्या अब पेट भरने के लिए जलना होगा?
जयपुर में मुख्यमंत्री के काफिले के लिए सड़क खाली करवाई जा रही थी।
आरोप है कि पुलिस ने एक महिला का ठेला पलट दिया, जबकि वह बार-बार कह रही थी कि बर्तन में खौलता पानी है।
उसी खौलते पानी से उसका आधा शरीर झुलस गया।
यह सिर्फ एक हादसा नहीं, VIP मानसिकता की असली तस्वीर है।
जिस सड़क पर गरीब अपनी रोजी कमाता है, वही सड़क सत्ता के काफिले के लिए “खतरा” बन जाती है।
नेताओं के लिए रास्ते साफ किए जाते हैं, लेकिन आम आदमी की जिंदगी, मेहनत और इज्जत कुचल दी जाती है।
काफिला 2 मिनट लेट हो जाता तो क्या आसमान टूट पड़ता?
फोटो : AI जेनरेटेड
“मैं जब सांसद थी उस समय भी ऐतिहासिक रेलवे लाइनों के काम हुए हैं। ऐसे क्षेत्र में जहां हम सब ने सोच लिया था कि ये काम नहीं हो सकता।
लेकिन सब कुछ उन्होंने समय सीमा के अंदर वो सारी जो डीपीआर बनाई, उसके बाद अब तो काम भी फर्स्ट फेज का खत्म हो चुका है।”
बिल्कुल सही कहा आपने ।विशेष कर राजस्थान। और हमारे नागौर शहर जिला बी जे पी की जो इसी हिसाब के लोगों से जुड़ी है जिला अध्यक्ष भाजपा महामन्त्री सब को विधित करवाया मगर कोई फर्क नहीं उनको इन बातों से इन लोगों से बस पद चाहिए! @AmitShah@AgrawalRMD@NitinNabin@madanrrathore@BJP4India
यह खबर मजेदार है
खबर यह है कि पश्चिम बंगाल में जब से बीजेपी की शुभेंदु अधिकारी सरकार आई है, तभी RSS से जुड़ने के इच्छुक लोगों की कतार लग गई है।
पिछले एक मही���े में ही संघ से जुड़ने के लिए बंगाल से ऑनलाइन 25 लाख आवेदन आए हैं। इनमें उत्तर बंगाल से ही सबसे ज्यादा 9 लाख हैं। लोगों की इतनी ज़्यादा दिलचस्पी देखकर खुद RSS के पदाधिकारी भी हैरान हैं।
हालांकि RSS के पदाधिकारियों को हैरान होने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए। ये वे ही लोग हैं, जिन कोई है अच्छे से पता है कि भाजपा की सरकार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ना फायदे का सौदा होता है। परंपरागत रूप से जिन राज्यों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प��ले से अच्छा आधार रहा है, वहां भी भाजपा की सरकारें आने के बाद बड़ी संख्या में लोग संघ से जुड़े हैं लेकिन इनमें से ज्यादातर अपने मतलब के लिए ही जुड़े हैं।
सरकार आने के बाद संघ से जुड़ने वाले लोग इतने ज्यादा सक्रिय होते हैं और खुद को इतना ज्यादा समर्पित स्वयंसेवक दिखाते हैं कि जो ओरिजिनल स्वयंसेवक होते हैं, वे बेचारे पिछड़ा महसूस करने लगते हैं। राजस्थान के अनेक जिलों में ऐसे ही हालात हैं। संघ ��े जानकार लोग इस स्थिति को बेहतर जानते हैं और वे ही बेहतर तरीके से बता भी सकते हैं।
@RSSorg
केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में नागौर-बीकानेर NH-62 के चौड़ीकरण (फोरलेन) हेतु ₹1360 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करने पर यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री @narendramodi जी तथा केंद्रीय सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री श्री @nitin_gadkari जी का सहृदय आभार।
इस परियोजना से ���्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम एवं सुरक्षित होगा, यात्रा समय में कमी आएगी तथा व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। यह विकास कार्य राजस्थान के आधुनिक एवं सुदृढ़ सड़क नेटवर्क के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
#Rajasthan #PragatiKaHighway
“मैं कांग्रेसी नहीं हूँ, हम सपोर्ट बीजेपी को करते हैं, मगर इनकी इज़्ज़त दिल से करते हैं।”
बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन आज अपने निजी कार्यालय में कार्यकर्ताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और मित्रों के साथ अपना जन्मदिन मना रहे थे। कार्यालय के बाहर भारी भीड़ देखकर कुछ युवतियाँ अपनी गाड़ी मोड़कर उम्मीद के साथ वापस कार्यालय लौट आई।
इसी दौरान, मुख्य शहर में पिछले दस दिनों से बाधित जल आपूर्ति की समस्या को लेकर वही युवतियाँ वापस गाड़ी घुमा कर फिर से वहाँ पहुँचीं और अपनी पीड़ा सामने रखी। जन्मदिन के कार्यक्रम के बीच, सैकड़ों कार्यकर्त��ओं की उपस्थिति में भी मेवाराम जैन ने संबंधित अधिकारी को फोन किया और जल्द से जल्द इस जल समस्या के समाधान का आग्रह किया।
जबकि उनका कहना था कि “मैं कांग्रेसी नहीं हूँ, हम सपोर्ट बीजेपी को करते हैं, मगर इनकी इज़्ज़त दिल से करते हैं।” इसके बावजूद इतने बड़े कार्यक्रम के बीच भी जनता की पीड़ा को प्राथमिकता देते हुए उसका तत्काल संज्ञान लेना और समाधान के लिए प्रयास करना वाकई सराहनीय है।
@madanrrathore@NitinNabin@NitinNabin जी आपका बहुत बहुत आभार ।आशा है कि अब संगठन राजस्थान में एक नयी उड़ान भरेगा ।मूल कार्यकर्ताओं को छोड़ अन्य पार्टियों से आए और बागी व्यक्तियों को पार्टी मे पद दिए गए उन पर वापिस मंथन हो ।नागौर शहर भारतीय जनता पार्टी का विशेष संज्ञान लेवे। @AmitShah@AgrawalRMD