ज्ञानी जी कहते हैं
जीवन मे�� अपने आप से अपने स्वयं को खोजिए, दूसरों को अपने लिए अपना रास्ता बनाने की अनुमति न दें..
प्रेमपूर्वक चलते रहिए !
सुप्रभात सुधीजनो !
मानव !
हंसता है रोता है
जगता है सोता है
फूलों के चक्कर में
कांटे तक बोता है
पत्नी का भक्त मिला
प��रेयसि अनुरक्त मिला
वेश्या अनुगामी भी
किंतु रामनामी भी
अनथक नमाजी भी
अंदर से पाजी भी
जगह जगह पूजित है
जगह जगह निंदा है
आज तक जिंदा है ।
- अरुणेश मिश्र
सिलसिला ज़ख्म ज़ख्म जारी है
ये ज़मी दूर तक हमारी है
मैं बहुत कम किसी से मिलता हूँ
जिससे यारी है उससे यारी है
हम जिसे जी रहे हैं वो लम्हा
हर गुज़िश्ता सदी पे भारी है
मैं तो अब उससे दूर हूँ शायद
जिस इमारत पे संगबारी है
नाव काग़ज़ की छोड़ दी मैंने
अब समन्दर की ज़िम्मेदारी है
फ़लसफ़ा है हयात का मुश्किल
वैसे मज़मून इख्तियारी है
रेत के घर तो बह गए नज़मी
बारिशों का खुलूस जारी है
अख़्तर नाज़्मी
दूसरा फ़ैसला नहीं होता
इश्क़ में मशवरा नहीं होता
ख़ुद ही सौ रास्ते निकलते हैं
जब कोई रास्ता नहीं होता
कुछ न कुछ पहले खोना पड़ता है
मुफ़्त में तजरबा नहीं होता
नवाज़ देवबंदी
एक उम्र के बाद
आदमी को कुछ नहीं चाहिए होता
न कोई जीत,
न कोई प्रमाण,
न कोई ताली।
बस एक ऐसी जगह चाहिए होती है
जहाँ उससे कोई सवाल न किया जाए।
जहाँ उसे हर बात के लिए
अपने होने का कारण न बताना पड��े।
@queensugandha1 तेरी मौजूदगी महसूस
वो करे जो जुदा हो तुझसे...🫶
मैंने तो अपनी हर साँस में
तुझे बसाया है..❤️💞❤️
अब फ़ासलों का एहसास कैसा,
जब तू मेरी रूह में समाया है...♥️
शुभ प्रभ��त वंदन 🌹💛🌹
हम तो सीधे लफ़्ज़ों में
अपने एहसासों की
गहराई लिखा करते हैं...
कुछ हैं जो लफ्ज़ों को
रफ़ू करके ख्वाबों का अपने
महज़ हक अदा करते हैं....
और कुछ इश्क नाचीज़ की खातिर
ख्यालों की #हरगिज़
बेकरारी अता करते हैं... ✍️
#काव्याक्षरा