Chandrayaan-3 Mission:
The rover was rotated in search of a safe route. The rotation was captured by a Lander Imager Camera.
It feels as though a child is playfully frolicking in the yards of Chandamama, while the mother watches affectionately.
Isn't it?🙂
जून और जुलाई में ख़बरें चलने लगीं कि मोदी कैबिनेट में फेरबदल होने वाला है। कहीं किसी के नाम चलने लगे तो कहीं पर क्षेत्र और समीकरण की चर्चा होने लगी। गूगल में उस समय की काफ़ी ख़बरें मिल जाएँगीं। जुलाई और अगस्त बीत चुका है। जिन्हें बनना था, क्या उन्��ें पता भी था या सभी सपने देखते रह गए? अब विशेष सत्र को लेकर अटकलें चलेंगी। कोई चुनाव करवा देगा तो कोई महिला आरक्षण लागू करवा देगा। कोई UCC लागू करवा देगा तो कोई कुछ भी करवा देगा। सारी अटकलें चलेंगी सिर्फ़ इसे छोड़ कर कि प्रधानमंत्री विशेष सत्र में संयुक्त संसदीय समिति से जाँच कराने का एलान कर देंगे। मीडिया यह भी तो कह सकता है कि आज जो ख़बर आई है, उसे तो वैसे भी कवर नहीं करना है।
विश्व विजेता नीरज चोपड़ा को हार्दिक बधाई। उनकी माँ को भी प्रणाम। खेल भावना को लेकर उनके विचार शानदार हैं। नीरज की खेल भावना गोदी मीडिया की समझ की रेंज से बाहर है। 4x400 के चारों धावकों को भी हार्दिक बधाई। राजेश रमेश, मो. अजमल,अमोज जेकब, मोहम्मद अनस ने भी कमाल किया है। दोनों ही प्रदर्शनों से मन प्रफुल्लित है।
अब तो लगता है कि सरकारी शिक्षकों की घोर कमी एक सुनियोजित षड्यंत्र है शिक्षा क्षेत्र को नष्ट करके 'निजी शिक्षा माफिया' को ��ायदा पहुँचाने का।
वरना और क्या कारण हो सकता है कि इतनी भारी संख्या में शिक्षित बेरोज़��ार युवाओं के बावजूद सरकार पदों को न भरे?
#Teachers_Shortage_In_Bihar
चुनाव से फ़ुरसत मिल गई हो तो इन छात्रों का Evacuation करवाइए @narendramodi और देश को बताइए कि असली evacuation क्या होता है। एयरपोर्ट पर बहुत जय जयकार हो चुकी है।
When will be vacancy of Jharkhand AE Out ?...
Jharkhand badly needs engineers for its development
Pending from many years...
Please release vacancy..
@HemantSorenJMM@JharkhandCMO@BJP4Jharkhand
कभी कह रहे हैं कि छोटे देशों में पढ़ने क्यों गए
कभी कह रहे हैं मोदी जी को बताकर गए क्या
कभी कह रहे हैं यहाँ फेल हो जाते हैं परीक्षा में इसलिए गए
इतनी घटिया बातें भाजपा के नेता कर रहे हैं ताकि आम लोग भी ऐसा बोलने लग जाएं, वो भी तब जब हजारों बच्चे मौत के बीच यूक्रेन में फसे हैं!
यूक्रेन में कर्नाटक के छात्र नवीन की जान चली गयी। वहाँ फसे 15 हजार से अधिक भारतीयों के परिजनों का हाल सोचकर दिल दहलता है।
दुनिया के बाकी देश जब अपने नागरिकों को यूक्रेन से निकाल रहे थे तो भारतीय प्रधान���ंत्री उत्तर प्रदेश जाकर पूछ रहे थे कि आतंकवादियों ने साइकिल को ही क्यों चुना।