आज जो 2 टुकड़ो के लिए बिक जाते हो ना
गद्दारो तुम्हारे लिए भूखा रह कर
रात गुजारी थी हमारे महापुरूषो ने
साहब कांशीराम जी अमर रहे।
🌹जय भीम नमो बुद्धाये 🌹🙏
*बहुजन नायक मान्यवर साहब श्री कांशीराम जी को उनकी 20वीं (09अक्टूबर 2006) पुण्यतिथि पर शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि!*
💐💐💐🙏
*बहुजन समाज के सामाजिक परिवर्तन और जागरूकता के लिए उनके संघर्ष, विचार और योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा।*
*जय भीम | जय कांशीराम 🙏🙏
आदरणीय बहन कु. मायावती जी, सादर च���णस्पर्श।
आपने मुझे क्षमा किया और बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की ज़िम्मेदारी दोबारा सौंपी। इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूँ, और इसे मैं हल्के में कभी नहीं ले सकता हूँ।
पिछले कुछ समय ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। सबसे बड़ी सीख यह है कि यह मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है। परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी और मान्यवर श्री कांशीराम जी ने जो रास्ता दिखाया, और जिस पर आपने अपन��� पूरा जीवन लगा दिया, उस पर चलना मेरा सौभाग्य है।
इसलिए आपके दिशा-निर्देशन में पार्टी और मूवमेंट का हित ही मेरे लिए सर्वोपरि रहेगा। मैं अपने सभी व्यक्तिगत हितों को त्यागकर, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ, संगठन को मज़बूत करने के लिए दिन-रात काम करूँगा।
आपने मुझ पर भरोसा किया है। अब उसे अपने काम से सही साबित करना मेरी ज़िम्मेदारी है।
जय भीम, जय भारत।
@tvsmotorcompany Sir, is this complaint open or closed? If this complaint has been marked as 'closed', that is incorrect; my complaint is still pending.
@Mayawati वक्त और सियासत भले ही करवट बदलते रहें,मगर हमारा स्वाभिमान कभी कम नहीं होगा।
जब तक जिंदा है बहुजन समाज का एक एक सिपाही,
हमारी 'बहन जी' का रुतबा कभी कम नहीं होगा। 👑 💕
#BSP बहन जी मेरी गुड़िया अधीरा वत्स की तरफ से जय भीम🙏 #AI@bspindia
@Mayawati बहनजी आपके फैसले ने आज साबित किया है कि आप मान्यवर कांशीराम साहब की बेहद ईमानदार शिष्या हैं।
आज ना जाने क्यों ये महसूस हो रहा है की आदरणीय बहनजी मन ही मन बहुत परेशान हैं, बहुत तकलीफ़ में हैं ,और मैं तुरंत जाकर कहूँ की बहनजी आप परेशान ना ���ों लेकिन शायद ये मुमकिन नहीं?🙏
1. वैसे तो बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) ��्वारा पूरे देश भर में व ख़ासकर उत्तर प्रदेश में युवाओं को तरजीह देने की नीति के तहत जेन-जी को लगभग पचास प्रतिशत तक पार्टी संगठन में भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया काफी लम्बे समय से जारी है, किन्तु अब यूपी, उत्तराखण्ड एवं पंजाब विधानसभा आमचुनाव आदि में भी सर्वसमाज के कर्मठ व युवा प्रतिभाओं को पार्टी उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने के निर्देश पर भी अमल जारी है, ताकि नई पीड़ी के ज़र���ये देश में आपेक्षित अम्बेडकरवादी राजनीति एवं संवैधानिक मूल्यों का तेज़ी से विकास हो सके।
---और भारतीय संविधान का मानवतावादी, समतामूलक व सेक्युलर उद्देश्य ज़मीन पर लागू हो सके और सभी लोग सही से फल-फूल सकें, जैसाकि यूपी में बी.एस.पी. की चार बार रही सरकारों में क़ानून द्वारा क़ानून के आयरन लेडी राज के साथ ही जनहित, जनकल्याण एवं विकास आदि के मामलों में बेहतरीन सरकार होना साबित रहा है।
2. इस क्रम में, सड़क, बिजली पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सम्बंधी लोगों की अहम ज़रूरतों के साथ ही सरकारी नौकरी, रोज़गार, स्कूल, अस्पताल, शहरी व ग्रामीण विकास आदि के साथ ही ’जेन-जी’ व ’जेन-अल्फा’ की भी बुनियादी ज़रूरतों पर मज़बूत इच्छाशक्ति के साथ कार्य किया गया और जिस क्रम में अनेकों स्कूल, कालेज, यूनिवर्सिटी, छात्रावास, ट्रेनिंग सेन्टर व पार्क आदि की स्थापना की गयी और इन प्रयासों के क��रण लोगों का मजबूरी का पलायन होना भी काफी रूका हैै, जिससे कोई इंकार नहीं कर सकता है,
---किन्तु विरोधी पार्टियों के घोर जातिवादी रवैयों के कारण बी.एस.पी. की सरकार सन 2012 में पाँचवी बार यहाँ सत्ता में नहीं आ सकी, जिसका पछतावा सर्वसमाज के लोगों को अभी तक भी है, क्योंकि बी.एस.पी. सरकार के जाने के बाद से यहाँ पूरे प्रदेश में क़ानून द्वारा क़ानून का राज कायम नहीं होने से लोगों का जीवन दुखी ही नहीं बल्कि का��ी त्रस्त भी बना हुआ है तथा विकास का सरकारी ढिंढोरा लोगों का पेट भी सही से नहीं भर पा रहा है।
3. ऐसे में पार्टी के लोगों को फिर से यह कहना है कि वे बी.एस.पी. का उम्मीदवार चुनते समय सर्वसमाज के अच्छे लोगों को ही चुनें तथा युवा वर्ग को भी प्राथमिकता दें जिसमें महिला व पुरुष दोनों होने चाहिये, तो यह उचित होगा।
4. इसके साथ ही, यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी. द्वारा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिम��न के जिस कारवाँ को लगातार मज़बूत करने व आगे बढ़ाकर सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करके ’अपना उद्धार स्वंय करने योग्य’ बनाने के मिशन की बात है तो इसकी सफलता हेतु किसी का भी रोड़ा बनना मुझे कतई भी स्वीकार नहीं है अर्थात मुझे केवल अपने ’बहुजन समाज परिवार’ के हित, कल्याण व उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने की ही रात-दिन चिन्ता रहती है, अपने किसी भी सगे भाई-बहन व उनके परिवार के युवा सदस्यों, तथा नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि को भी मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह मैंने भी, उन्हें पार्टी के कार्यों तक सीमित करके उन्हें सांसदी, विधायकी, मंत्री पद व अन्य किसी भी राजनैतिक लाभ आदि के पदों से हमेशा दूर रखा है।
5. इतना ही नहीं बल्कि मेरे अविवाहित होने के नाते मुझे मजबूरी में, अपने सभी सगे भाई-बहनों में से किसी एक को और अन्ततः सबसे छोटे भाई श्री आनन्द कुमार को अपने साथ रखने की भी ज़रूरत पड़ी है जो यह मेरी देखभाल करने के साथ-साथ मेरी पूरी निगरानी में पार्टी की अहम ज़िम्मेदारियों को भी काफी लम्बे समय से निभा रहे हैं, लेकिन इसका लाभ अब उनके परिवार के लोग भी उठायें तो यह पार्टी व मूवमेन्ट के हित में सही नहीं होगा।
6. इसीलिए आज मेरा अन्तिम यही फैसला व प्रतिज्ञा भी है कि इसके एवज में, अब इनके ख़ासकर किसी भी बेटे को बी.एस.पी. में किसी भी छोटे-बड़े पद पर बने रहकर राजनीति करने का मौका नहीं दिया जायेगा। यदि आगे चलकर मेरे साथ रहते हुये श्री आनन्द कुमार को मेरी मदद के लिए किसी और सदस्य की भी ज़रूरत पड़ती है तो फिर वह वर्तमान राजन���तिक हालात में केवल अपनी इकलौती बेटी कुमारी दीपिका आनन्द को, जो इस समय वकालत की पढ़ाई कर रही है, उसे आगे चलकर उसकी मदद ले सकते हैं और फिर उसकी ईमानदारी, वफादारी व कार्य क्षमता आदि को देखकर पार्टी में उसे ज़रूरतानुसार अपनी ख़ुद की ज़िम्मेवारी भी सौंप सकते हैं।
---लेकिन वे अपने दोनों बेटों को व आगे चलकर उनके युवा बच्चो में से किसी को भी अपनी यह ज़िम्मेवारी नहीं सौपेंगे। साथ ही, यह भी कहना है कि अपनी बेटी के तैयार नहीं होने पर फिर वे पार्टी की आम सहमति से केवल पार्टी के दलित वर्ग में से ही अन्य किसी मिशनरी कार्यकर्ता को भी अपनी यह ज़िम्मेवारी सौंप सकते हैं अर्थात् अपने किसी भी बेटे को व उनके बच्चों के बड़े होने पर उन्हें भी यह ज़िम्मेवारी नहीं सौंपेंगे। यही वर्तमान में समय की जरुरत है व पार्टी के हित में भी है।
---ताकि मान्यवर श्री कांशीराम जी जिस प्रकार से ’परिवारवाद’ आदि के विरुद्ध कायम रहे, उनकी शिष्या होने के नाते मैं भी उसी प्रकार से पूरी तरह डटी हूँ , और जैसाकि मैंने काफी कुछ इस पर अमल करके भी दिखाया है और यदि मैं लड़की नहीं होती, तो मैं फिर मान्यवर श्री ���ांशीराम जी की तरह ही अपने भाई-बहिनों आदि में से किसी को भी अपने साथ नहीं रखती। लेकिन मैं लड़की होने की वजह से अपनी सुरक्षा सम्बन्धी, हर परेशानी से मुक्त होकर व पूरे मान-सम्मान के साथ पार्टी में आगे बढ़ती रहूँ तभी मुझे अपने सबसे छोटे भाई श्री आनन्द कुमार को मजबूरी में अपने साथ रखना पड़ा है। और अब इनके बच्चों के बड़े व शादीशुदा होने पर काफी कुछ मुझे भी झेलना पड़ रहा है, लेकिन फिर भी मैं किसी के भी मोह आदि के चक्कर में ना पड़कर पार्टी को कोई भी नुकसान नहीं पहुचने दूँगी।
7. इसी प्रकार पार्टी संगठन में व आगे सरकार बनने पर भी, चाहे वह कोई भी हो, केवल सम्बन्धित उसी एक व्यक्ति को ही मौक़ा दिया जायेगा, लेकिन उसकी आड़ में उसके परिवार के अन्य किसी भी सदस्य को कोई भी लाभ आदि नहीं दिया जायेगा, ताकि बी.एस.पी. अब आगे परिवारवाद से मुक्त रहे तथा सर्वसमाज में से ज़्यादा से ज़्यादा लोग ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ आन्दोलन के सहभागी बन सकें, जो कि अम्बेडकरवादी राजनीति के लिये बहुत ज़रूरी है।
8. इसके साथ ही बी.एस.पी. के लोगों से यह भी कहना है कि वे बी.एस.पी. विरोधी पार्टियों/संगठनों तथा जातिवादी मीडिया व सोशल मीडिया आदि के भी विषैले एवं साज़िशी तथा प्रायोजित व पेड paid प्रोपेगण्डा आदि से ज़रूर सावधान रहें क्योंकि इनक�� मक़सद केवल साम, दाम, दण्ड, भेद आदि सभी प्रकार के घिनौने हथकण्डे अपनाकर बी.एस.पी. को यूपी में सरकार बनाने से रोकना है, जिसे किसी भी हाल में सफल ��हीं होने देना है और इन्हें पूरे तन, मन, धन से लगातार अपने अम्बेडकरवादी मिशन में लगे रहना है, इसी में ही सबकी भलाई है यानी कि व्यापक देश व जनहित निहित है।
9. अन्त में यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया आदि में यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि अनुशासनहीनता अपनाने व पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने आदि के कारण बी.एस.पी से निष्कासित लोगों को वापस लिया जायेगा, यह पूरी तर�� से ग़लत एवं मिथ्या प्रचार है यानी कि यह फेक न्यूज़ है अर्थात ऐसे लोगों को बी.एस.पी में कतई भी वापस नहीं लियाा जायेगा।
1. वैसे तो बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) द्वारा पूरे देश भर में व ख़ासकर उत्तर प्रदेश में युवाओं को तरजीह देने की नीति के तहत जेन-जी को लगभग पचास प्रतिशत तक पार्टी संगठन में भागीदारी ���ुनिश्चित करने की प्रक्रिया काफी लम्बे समय से जारी है, किन्तु अब यूपी, उत्तराखण्ड एवं पंजाब विधानसभा आमचुनाव आदि में भी सर्वसमाज के कर्मठ व युवा प्रतिभाओं को पार्टी उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने के निर्देश पर भी अमल जारी है, ताकि नई पीड़ी के ज़रिये देश में आपेक्षित अम्बेडकरवादी राजनीति एवं संवैधानिक मूल्यों का तेज़ी से विकास हो सके।
---और भारतीय संविधान का मानवतावादी, समतामूलक व से��्युलर उद्देश्य ज़मीन पर लागू हो सके और सभी लोग सही से फल-फूल सकें, जैसाकि यूपी में बी.एस.पी. की चार बार रही सरकारों में क़ानून द्वारा क़ानून के आयरन लेडी राज के साथ ही जनहित, जनकल्याण एवं विकास आदि के मामलों में बेहतरीन सरकार होना साबित रहा है।
2. इस क्रम में, सड़क, बिजली पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सम्बंधी लोगों की अहम ज़रूरतों के साथ ही सरकारी नौकरी, रोज़गार, स्कूल, अस्पताल, शहरी व ग्रामीण विकास आदि के साथ ही ’जेन-जी’ व ’जेन-अल्फा’ की भी बुनियादी ज़रूरतों पर मज़बूत इच्छाशक्ति के साथ कार्य किया गया और जिस क्रम में अनेकों स्कूल, कालेज, यूनिवर्सिटी, छात्रावास, ट्रेनिंग सेन्टर व पार्क आदि की स्थापना की गयी और इन प्रयासों के कारण लोगों का मजबूरी का पलायन होना भी काफी रूका हैै, जिससे कोई इंकार नहीं कर सकता है,
---किन्तु विरोधी पार्टियों के घोर जातिवादी रवैयों के कारण बी.एस.पी. की सरकार सन 2012 में ��ाँचवी बार यहाँ सत्ता में नहीं आ सकी, जिसका पछतावा सर्वसमाज के लोगों को अभी तक भी है, क्योंकि बी.एस.पी. सरकार के जाने के बाद से यहाँ पूरे प्रदेश में क़ानून द्वारा क़ानून का राज कायम नहीं होने से लोगों का जीवन दुखी ही नहीं बल्कि काफी त्रस्त भी बना हुआ है तथा विकास का सरकारी ढिंढोरा लोगों का पेट भी सही से नहीं भर पा रहा है।
3. ऐसे में पार्टी के लोगों को फिर से यह कहना है कि वे बी.एस.पी. का उम्मीदवार ���ुनते समय सर्वसमाज के अच्छे लोगों को ही चुनें तथा युवा वर्ग को भी प्राथमिकता दें जिसमें महिला व पुरुष दोनों होने चाहिये, तो यह उचित होगा।
4. इसके साथ ही, यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी. द्वारा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के जिस कारवाँ को लगातार मज़बूत करने व आगे बढ़ाकर सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करके ’अपना उद्धार स्वंय करने योग्य’ बनाने के मिशन की ���ात है तो इसकी सफलता हेतु किसी का भी रोड़ा ��नना मुझे कतई भी स्वीकार नहीं है अर्थात मुझे केवल अपने ’बहुजन समाज परिवार’ के हित, कल्याण व उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने की ही रात-दिन चिन्ता रहती है, अपने किसी भी सगे भाई-बहन व उनके परिवार के युवा सदस्यों, तथा नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि को भी मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह मैंने भी, उन्हें पार्टी के कार्यों तक सीमित करके उन्हें सांसदी, विधायकी, मंत्री पद व अन्य किसी भी राजनैतिक लाभ आदि के पदों से हमेशा दूर रखा है।
5. इतना ही नहीं बल्कि मेरे अविवाहित होने के नाते मुझे मजबूरी में, अपने सभी सगे भाई-बहनों में से किसी एक को और अन्ततः सबसे छोटे भाई श्री आनन्द कुमार को अपने साथ रखने की भी ज़रूरत पड़ी है जो यह मेरी देखभाल करने के साथ-साथ मेरी पूरी निगरानी में पार्टी की अहम ज़िम्मेदारियों को भी काफी लम्बे समय से निभा रहे हैं, लेकिन इसका लाभ अब उनके परिवार के लोग भी उठायें तो यह पार्टी व मूवमेन्��� के हित में सही नहीं होगा।
6. इसीलिए आज मेरा अन्तिम यही फैसला व प्रतिज्ञा भी है कि इसके एवज में, अब इनके ख़ासकर किसी भी बेटे को बी.एस.पी. में किसी भी छोटे-बड़े पद पर बने रहकर राजनीति करने का मौका नहीं दिया जायेगा। यदि आगे चलकर मेरे साथ रहते हुये श्री आनन्द कुमार को मेरी मदद के लिए किसी और सदस्य की भी ज़रूरत पड़ती है तो फिर वह वर्तमान राजनैतिक हालात में केवल अपनी इकलौती बेटी कुमारी दीपिका आनन्द को, जो इस समय वकालत की पढ़ाई कर रही है, उसे आगे चलकर उसकी मदद ले सकते हैं और फिर उसकी ईमानदारी, वफादारी व कार्य क्षमता आदि को देखकर पार्टी में उसे ज़रूरतानुसार अपनी ख़ुद की ज़िम्मेवारी भी सौंप सकते हैं।
---लेकिन वे अपने दोनों बेटों को व आगे चलकर उनके युवा बच्चो में से किसी को भी अपनी यह ज़िम्मेवारी नहीं सौपेंगे। साथ ही, यह भी कहना है कि अपनी बेटी के तैयार नहीं होने पर फिर वे पार्टी की आम सहमति से केवल पार्टी के दलित वर्ग में से ही अन्य किसी मिशनरी कार्यकर्ता को भी अपनी यह ज़िम्मेवारी सौंप सकते हैं अर्थात् अपने किसी भी बेटे को व उनके बच्चों के बड़े होने पर उन्हें भी यह ज़िम्मेवारी नहीं सौंपेंगे। यही वर्तमान में समय की जरुरत है व पार्टी के हित में भी है।
---ताकि मान्यवर श्री कांशीराम जी जिस प्रकार से ’परिवारवाद’ आदि के विरुद्ध कायम रहे, उनकी शिष्या होने के नाते मैं भी उसी प्रकार से पूरी तरह डटी हूँ , और जैसाकि मैंने काफी कुछ इस पर अमल करके भी दिखाया है और यदि मैं लड़की नहीं होती, तो मैं फिर मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह ही अपने भाई-बहिनों आदि में से किसी को भी अपने साथ नहीं रखती। लेकिन मैं लड़की होने की वजह से अपनी सुरक्षा सम्बन्धी, हर परेशानी से मुक्त होकर व पूरे मान-सम्मान के साथ पार्टी में आगे बढ़ती रहूँ तभी मुझे अपने सबसे छोटे भाई श्री आनन्द कुमार को मजबूरी में अपने साथ रखना प��़ा है। और अब इनके बच्चों के बड़े व शादीशुदा होने पर काफी कुछ मुझे भी झेलना पड़ रहा है, लेकिन फिर भी मैं किसी के भी मोह आदि के चक्कर में ना पड़कर पार्टी को कोई भी नुकसान नहीं पहुचने दूँगी।
7. इसी प्रकार पार्टी संगठन में व आगे सरकार बनने पर भी, चाहे वह कोई भी हो, केवल सम्बन्धित उसी एक व्यक्ति को ही मौक़ा दिया जायेगा, लेकिन उसकी आड़ में उसके परिवार के अन्य किसी भी सदस्य को कोई भी लाभ आदि नहीं दिया जायेगा, ताकि बी.एस.पी. अब आगे परिवारवाद से मुक्त रहे तथा सर्वसमाज में से ज़्यादा से ज़्यादा लोग ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ आन्दोलन के सहभागी बन सकें, जो कि अम्बेडकरवादी राजनीति के लिये बहुत ज़रूरी है।
8. इसके साथ ही बी.एस.पी. के लोगों से यह भी कहना है कि वे बी.एस.पी. विरोधी पार्टियों/संगठनों तथा जातिवादी मीडिया व सोशल मीडिया आदि के भी विषैले एवं साज़िशी तथा प्रायोजित व पेड paid प्रोपेगण्डा आदि से ज़रूर सावधान रहें क्योंकि इनका मक़सद केवल साम, दाम, दण्ड, भेद आदि सभी प्रकार के घिनौने हथकण्डे अपनाकर बी.एस.पी. को यूपी में सरकार बनाने से रोकना है, जिसे किसी भी हाल में सफल नहीं होने देना है और इन्हें पूरे तन, मन, धन से लगातार अपने अम्बेडकरवादी मिशन में लगे रहना है, इसी में ही सबकी भलाई है यानी कि व्यापक देश व जनहित निहित है।
9. अन्त में यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया आदि में यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि अनुशासनहीनता अपनाने व पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने आदि के कारण बी.एस.पी से निष्कासित लोगों को वापस लिया जायेगा, यह पूरी तरह से ग़लत एवं मिथ्या प्रचार है यानी कि यह फेक न्यूज़ है अर्थात ऐसे लोगों को बी.एस.पी में कतई भी वापस नहीं लियाा जायेगा।
उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं।🙏
प्रभु श्री राम से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की कामना करता हूं।
#YogiAdityanath@myogiadityanath
@WDSiddiqui2011@BhimArmyChief@Mayawati@AmitShah@myogiadityanath बिल्कुल सरकार को इस माम��े को संज्ञान में लेकर तत्काल जांच करनी चाहिए यह बहुत ही गंभीर मामला है।, ऑडियो की जांच होनी चाहिए
बहन जी पर इस तरह टिप्पणी करना बिल्कुल उचित नहीं है मर्यादा में रह कर बोलना चाहिए
@abhijatav07 तुम जितने भी लोग भाई अभिषेक के बारे में जो गलत बात बोल रहे हो ना तुम भाई की पैर की धूल भी नहीं हो और हां भाई @Mayawati बहन जी और भैया चंद्रशेखर @BhimArmyChief को एक करने के लिए ही संघर्ष कर रहा है, मैं भी प्राथमिकता बहन जी को ही दूंगा उनका सम्मान महापुरुषों में है , ❤🙏
बहुजन मिशन के लिए समर्पित, सामाजिक परिवर्तन की महानायिका, मेरी आदर्श, कर���ड़ों देशवासियों की प्रेरणा स्त्रोत, और हमारे समाज की मार्गदर्शक, पूर्व सांसद और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय बहन कु. @Mayawati जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं
एक बार अम्मा ने जल्दी जगा दिया तो डिब्बी जलाकर रज़ाई में लिपटकर अटारी की बाँट में पढ़ने बै�� गये। अम्मा कार्तिक नहाने चली गई तो नींद आई। सामने रखी डिब्बी से बाल झुलस गये।संघर्ष के दिनों की यादें संस्कारों को ज़िंदा रखती हैं घमंडी होने से बचाती हैं व जनसेवा के लिये प्रेरित करती हैं