लोकतंत्र में हिंसा का कोई भी स्थान नहीं है। कल बाड़मेर आम नागरिकों के साथ अभद्र व्यवहार तथ�� राह चलते एक ग्रामीण के वाहन/टैक्सी में तोड़फोड़ की घटना अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। किसी भी पक्ष, समाज या पार्टी से जुड़े व्यक्ति का कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। किसी भी घटना में पुलिस व्यवस्था का पालन किया जाना चाहिए।
इस शांतिप्रिय क्षेत्र के वातावरण को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रशासन ��वं @PoliceRajasthan को शीघ्र, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। ऐसे कृत्यों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
@Barmer_Police
@dm_barmer
@RajGovOfficial
विधायक रविन्द्र सिंह भाटी साहब की सुरक्षा बहाल करने की मांग को लेकर 36 कौम के युवा साथियों के साथ बागोड़ा से सायला की ओर विशाल रैली..
लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करते हुए SDM सायला को ज्ञापन सौंपने के लिए हजारों युवा एकजुट..
@RavindraBhati__
सीमांत क्षेत्र, जो भाईचारे, अपनत्व और आपसी सौहार्द की अपनी एक अलग पहचान रखता है, वहाँ कल कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा राह चलते एक ग्रामीण के वाहन में तोड़फोड़ करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
मेरा प्रशासन से आग्रह है कि इस घटना में शामिल असामाजिक तत्वों के विरुद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र की शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनी रहे।
@RajPoliceHelp@BarmerDm@Barmer_Police
कच्चे तेल की क़ीमतें कम हुईं…
तो नायरा एनर्जी लिमिटेड ने देश भर में पेट्रोल और डीज़ल के दाम पाँच रुपये तक घटाए…
लेकिन बाक़ी कि���ी कम्पनी में दाम नहीं घटाए…
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी से जब इस बारे में पूछा गया…
तो उनका तर्क ये था कि हमारे पास स्टॉक में जो तेल है…
वो महँगे दामों पर ख़रीदा गया है…
इसलिए हम दाम कम नहीं कर सकते…
इस तर्क के हिसाब से देखा जाए, तो रूस से जिस समय सस्ता तेल ख़रीदा गया था…
तब तो पेट्रोल डीज़ल के दाम बीस बीस रुपये तक कम होने चाहिए थे…
कुल मिलाकर सरकार का एक ही मक़सद हैं…
अंतरराष्ट्रीय बा���़ार में दाम बढ़े… तो सारा भार जनता पर डाल दो…
और जैसे ही दाम घटे… तो सरकार और कम्पनियों को मुनाफ़ा वसूली करने दो…!!
ऐसा तांडव ?
सौहार्द की सीख देने बाड़मेर आए थे नेताजी, और उनके “जोशीले” समर्थकों ने राहगीर की गाड़ी तोड़ दी! 😡
सीएम बनने का सपना देख रहे हो, लेकिन कार्यकर्ता सड़क पर गुंडागर्दी कर रहे हैं?
जनता दिल जीतकर वोट देती है, तोड़फोड़ करके नहीं !
ऐसे “नेतृत्व” से राजस्थान को क्या उम्मीद?
#बाड़मेर #Barmer
#HanumanBeniwal #RajasthanPolitics
आइटी सेल के टट���टी टट्टू अब यह बता रहे हैं कि इथेनॉल UPA ले कर आई थी और राजपत्र दिखा रहे हैं!
अरे भड़वों! जब तर्क नहीं है तो लड़चट्टों चुप क्यों नहीं रहते तुम लोग? पिछले बारह वर्षों से सत्ता में त��म हो। नीति पर गंभीरता से कार्य आरम्भ हुआ 2018 में। इंजन बने 2023 में। और तुम दिखा रहे हो कि नीति तो 2007 में आई?
अच्छा तो ये बताओ कि 2001 और 2003 में किस पैर्टी की सरकार थी? क्या वो तब से E20-30-85 बेच रहे थे? तुमने तब भी जनता को कॉन्फिडेंस में नहीं लिया, और तुमने आज भी बिना बताए जनता के EMI पर लिए इंजनों का बलात्कार किया है।
क्या UPA वालों ने गडकरी और हरदीप पुरी से कहा था कि बिना जनता को बताए कि इथेनॉल कितना मिक्स है, पेट्��ोल कह कर बेचो। और उन गाड़ियों में भी डलवाओ जो बिलकुल भी इसके लिए नहीं बने हैं।
तुम्हारे पाँव के नीचे से भूमि खिसक रही है, और तुम अभी भी कॉन्ग्रेस और नेहरू को ब्लेम करने की राह देख रहे हो। चुल्लू भर पानी में डूब जाओ हरामखोरों।
कितना PR करोगे @nitin_gadkari का? और ये तुम ��हीं करते पर करना पड़ रहा है क्योंकि आँच @narendramodi तक जा रही है। कुछ भी हो जाए, मोदी के कुर्ते का एक धागा हिलना नहीं चाहिए। बाकी देश में आग ही क्यों न लग जाए।
ऐसी भी क्या गुलामी करनी है बे? आत्मा तो मत बेचो दल्लों!
हनुमान बेनीवाल बाड़मेर में अपना जनाधार फिर से मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ अति-उत्साही समर्थकों की तोड़फोड़ जैसी हरकतें उनके सभी प्रयासों पर पानी फेर देती हैं।
जनसमर्थन गाड़ियां तोड़कर नहीं, बल्कि लोगों का दिल जीतकर मिलता है। यदि किसी वाहन मालिक को नुकसान हुआ है, तो हनुमान बेनीवाल को स्वयं पहल कर उनसे संवाद करना चाहिए। राजनीति में बड़ा जनाधार शक्ति प्रदर्शन से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और बड़े दिल से बनता है।
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे…
12,000 करोड़ टैक्स का पैसा फूंककर रोड बनाई…
बीस लाख रुपये में गाड़ी ख़रीदी…
गाड़ी पर चार लाख का टैक्स दिया…
पाँच हज़ार का पेट्रोल डलवाया…
उसमें भी गन्ने का रस मिलाकर कटवाया…
फिर 1000 रुपये का टोल टैक्स कटवाया…
��र गाड़ी गई सीधे खड्डे में…!!
वेलकम टू इंडिया…!!
लोकतंत्र को कलंकित करती यह तस्वीर....... बाड़मेर के पुषड़ गांव के पास सीताराम की ढाणी की है।
इस तस्वीर में हाथ जोड़कर न्याय की दुआई करता गरीब और अहशाय किसान गोरख दान है और उनके सामने विराजमान शख्स भियांड़ ( शिव) के नायब तहसीलदार साब है।
मामला ये है कि पश्चिमी राजस्थान वर्तमान में सौलर और पवन ऊर्जा का हब बन रहा है,,, बड़ी बड़ी कम्पनियां इस क्षेत्र में कूद पड़ी है,, भूमि चयन से लेकर काम पूरा करने तक अर्थ का बड़ा प्रवाह चलता है,, हर कोई अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में लगा है, हर कोई का मतलब .... हर कोई।
अगर किसी किसान की इच्छा नहीं है जमीन देने की तो उसका भी तोड़ निकाला जाता है साम- दाम - दंड - भेद ।
और इन सब में साथ देता है प्रशासन... प्रशासन के अधिकारी।
यह�� यंहा भी हो रहा है किसान चिल्ला रहा है ... गुहार कर रहा है.... न्याय की मांग कर रहा है... पूछ रहा है मेरा खेत है,, मैं मालिक हूं... तो आप बिना मेरी इज्जाजत के मेरे खेत में कैसे घुस सकते हो ।
क्या विकास के नाम पर यह तानाशाही का चरम नहीं है।
क्या लोकतंत्र का वजूद खत्म हो रहा है।
क्या संगठन ,,, सरकार,, और प्रशासन के अधिकारी भगवान हो गये है।
कौन जवाब देगा.......#cmo #pmonarendramodi #BhajanlalSharma #barmernews #barmerpolice #chinmayeegopal #DistrictCollector #DistrictMagistrate #RajasthanNews
जिसने कंधे पर बिठाकर,अपना भाई मानकर आपको इस पद पर बिठाया आपने आज उसे ही भुला दिया..खैर यह प्रकृति का नियम है।
पार्टी जसवंतसिंह की नहीं हुई तो आपकी क्या होगी,
फिर भी उम्मीद अच्छी है अरविन्दसा 😆
यदि आप सफल होते है तो हमारी अग्रिम शुभकामनाएँ ।
@ArvindSBhati9
जयपुर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण महापड़ाव पर बैठे घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय के लोगों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज एवं आंसू गैस के गोले दागने की घटना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
लोकतंत्र ��ें प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। इस प्रकार बल प्रयोग कर जनभावनाओं को दबाने का प्रयास न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है, बल्कि यह संवाद और संवेदनशीलता की भावना को भी आहत करता है।
घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय के लोगों पर सरकार द्वारा की गई इस दमनात्मक कार्रवाई की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ और सरकार से मांग करता हूँ कि डीएनटी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल के साथ तत्काल वार्ता की जाए और जल्द से जल्द उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
@PMOIndia
@RajCMO
#शिव विधानसभा क्षेत्र के समस्त गांवों में जलापूर्ति सुचारु रूप से ज��री है। विधायक कार्यालय द्वारा जलापूर्ति व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग एवं नियमित ट्रैकिंग की जा रही है।
इसी क्रम में कल जानसिंह की बेरी तालाब में जलापूर्ति सुनिश्चित की गई, वहीं आज दुधोड़ा क्षेत्र के विभिन्न कुण्डों एवं खेलियों में भी सफलतापूर्वक पानी की सप्लाई की गई। @RavindraBhati__
कल घर के बच्चों के पासपोर्ट रिन्युअल के लिए पुलिस वेरिफिकेशन के लिए जयपुर के मानसरोवर थाने से फोन आया था
आज तक का सामान्य अनुभव ये ही रहा था कि ऐसे मामलों में पुलिस थोड़ी बहुत आशा रखती है, और अगर आप आशा को पूरा न करो तो ��ासपोर्ट वेरिफिकेशन को अटका दिया जाता है
पर कल बहुत आश्चर्य हुआ जब 5 मिनिट से कम समय में मुझे फ्री कर दिया गया, कोई मांग की बात तो दूर, उन भाईसाहब ने किसी भी आशा से मेरी तरफ देखा भी नहीं
पुलिस का जब ऐस��� रूप देखते हैं तो एक सुखद अनुभव होता है
उम्मीद करता हूं, पुलिस का ऐसा रूप हर जगह देखने को मिलेगा
( एक मित्र ने व्हाट्सएप पर भेजा है )
@DCPsouth @policerajasthan
मुख्यमंत्री जी,
बाड़मेर में आपका शासन कम, "पावर सेंटर फ्रेंचाइज़ी" ज़्यादा चलती दिखाई दे रही है।
हाइटेंशन लाइन और सोलर प्रोजेक्ट ने कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को ऐसा व्यस्त कर दिया ���ै कि वे जनता के प्रतिनिधि कम, ठेकेदार ज़्यादा लगने लगे हैं। उधर किसान और आम लोग अपनी ज़मीन, मुआवज़े और सुनवाई के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
लगता है जयपुर में सरकार आपकी है, लेकिन बाड़मेर में रिमोट किसी और के हाथ में है।
अगर मुख्यमंत्री से ऊपर भी कोई "पावर सेंटर" है, तो फिर जनता यह सवाल पूछने का अधिकार रखती है कि असली सरकार चला कौन रहा है?
ध्यान रखिए, जनता हर बात नोट करती है। आज की चुप्पी कल पंचायतों में जवाब बनेगी, विधानसभा में हिसाब बनेगी और लोकसभा में परिणाम।
@BhajanlalBjp @Bhajanlalofc
@BJP4India @BJP4Rajasthan
भाषा में घमंड टपकता साफ़ दिख रहा है।
सेना के जवान को लड़का कह कर पुकारना। खुद की फोर्स के तोंदू को साब साब कहो।
कैसी मानसिकता हैं ?
@adgpi से बात करने के सलीके सिखाने के लिए ऐसे अधिकारियों को किसी वर्कशॉप में भे���ो भाई।
ऑपरेशन सिंदूर पूरा हुआ…
चुनावों में वोट लेने थे, इसलिए सरकार ने कहा..
हमें कोई क्षति नहीं हुई है…
और हमने हमारा लक्ष्य पूरा कर लिया…
पाँच राज्यों के चुनाव ख़त्म हुए…
अब सरकार कह रही है हमारे छ जवान शहीद हुए थे…
इससे ज़्यादा नीच हरकत और कुछ नहीं हो सकती…
तुम लोग जवानों की शहादत को बेचकर खा गए…!!!