@Dreams_realites@rajeshmaurya276 जनरल (चालू) टिकट लेकर वो स्लीपर/AC में यात्रा करेंगे तो पेनल्टी लगेगी ही।
साथ ही आपके द्वारा भेजे गए पर्चे से लगता है कि पेनल्टी यात्रा के लिए नहीं बल्कि, अधिक सामान ले जाने के लिए लगा है ।
अनारक्षित/चालू टिकट पर अधिकतम 35 किलोग्राम तक का ही सामान ले जा सकते हैं।
4-5 बैग नहीं ।
@aayanishu0208@PragyaLive दहेज वो होता है जो लड़का पक्ष मांग करता है कि मुझे अमुक वस्तु या इतना धन चाहिए।
स्त्री धन वो होता है जो लड़की के अभिभावक उसे स्वैच्छिक रूप से धन,आभूषण या अन्य महत्वपूर्व वस्तु यथासंभव मात्रा में देते हैं।
इसीलिए ताकि बुरे वक्त इत्यादि में उसका उपयोग करके विपत्ति से निकला जा सके।
@BJP4India@narendramodi आपके अनुसार प्रतिभाशाली कौन है ?
मेहनत करके एग्जाम में 80% या ज्यादा लाने वाला या अय्यासी करके 0-30% लाने वाला ।
आपके अनुसार योग्य अय्यासी करके -40 लाने वाला अगर विशेष जाति से ताल्लुक रखता है तो वो ज्यादा योग्य है ।
@SanjayAzadSln जब 80% वाले बेरोजगार और 30% वालों के हाथ में व्यवस्था रहेगी तो यही होगा ।
सही व्यवस्था के लिए सही और योग्य व्यक्ति का होना जरूरी है।
सरकारी विद्यालय में अपने बच्चों को पढ़ाइए उसके बाद ये नौटंकी कीजिए, वैसे आपके खुद के बच्चे सरकारी विद्यालय में क्यों नहीं पढ़ते ?
जवाब देंगे ?
@singhD_25@Akhilesh180519 किसी भी धर्म ग्रन्थ में पासी, चमार, मुशहर, दलित, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति जैसे शब्द लिखे हुए दिखा दो।
कहीं नहीं मिलेगा,क्योंकि हिंदू धर्म में जाति व्यवस्था थी ही नहीं।
संविधान/कानून में पचासों जगह दिखा सकता हूं।
असल में मुगल काल में ये फूट डालने के लिए जाति/उपजाति बनाई गई
@singhD_25@Akhilesh180519 और संविधान तुमको दलित |
समस्या धर्म में नहीं संविधान में है |
जाति प्रमाणपत्र धर्म जारी नहीं करता बल्कि संविधान ही मोहर लगाकर देता है |
हिन्दू धर्म में जाति व्यवस्था कभी थी ही नहीं | पहले कर्म व्यवस्था (ब्राम्हण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) थी उसके बाद गोत्र व्यवस्था आई |
@AshokPa75841294@khurpenchh शिक्षा जरूरी है, भाजपाइयों को ये भी नहीं पता कि सवाल किससे पूछना है?
पंजाब यूनिवर्सिटी केंद्र के अंतर्गत आता है, राज्यपाल द्वारा देखा/ऑडिट किया जाता है।
व्यवस्था ठीक नहीं है तो राज्यपाल का इस्तीफा मांगो।
लेकिन राज्यपाल तो केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त होता है, किस पार्टी का है?
@madhu192021@khurpenchh@abhijeet_dipke शिक्षा जरूरी है, भाजपाइयों को ये भी नहीं पता कि सवाल किससे पूछना है?
पंजाब यूनिवर्सिटी केंद्र के अंतर्गत आता है, राज्यपाल द्वारा देखा/ऑडिट किया जाता है।
व्यवस्था ठीक नहीं है तो राज्यपाल का इस्तीफा मांगो।
लेकिन राज्यपाल तो केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त होता है, किस पार्टी का है?
@arakshan_hatao1 "जितनी जनसंख्या उतनी भागीदारी" सुनने में बड़ा बढ़िया लगता है लेकिन, "जितनी जनसंख्या उतनी जिम्मेदारी" का नाम सुनते ही कबूतरों की बत्ती गुल हो जाती है।
बेरोजगारी और महंगाई की मूल समस्या है जनसंख्या।
जिम्मेदार कौन है?
जिनकी जनसंख्या ज्यादा है वो स्थिति का खुद जिम्मेदार भी तो हैं ।
@WokeFuneral वास्तव में सही चीज है, कम से कम आरक्षण के कारण ही SC/ST/OBC के बच्चे मेहनत से भाग रहे हैं और शॉर्टकट खोज रहे हैं ।
जिसके कारण प्राइवेट सेक्टर या अन्य उच्च पदों पर सवर्ण बैठा है ।
आरक्षण हटा तो ये लोग भी मेहनत करने लगेंगे और प्राइवेट सेक्टर भी सवर्णों का नहीं रहेगा ।
@WokeFuneral अगर तुम लोग भाजपा के एजेंट नहीं होते तो मैं खुद वालंटियर्स की फौज लेकर आता धरने में।
लेकिन,
सवर्णों के नाम पर राजनीति करोगे और चुनाव आते ही भाजपा/मोदी गुणगान गाना चालू कर दोगे।
अगर मैं निष्पक्ष होकर देखूं तो आरक्षण गलत है, लेकिन जब मैं सवर्ण होकर देखता हूं तो लगता है कि आरक्षण.
@askvipendra महिला को भले ही 10% ही सीट मिले लेकिन 1 घंटा जाते जाते वो 90% पर कब्जा कर ही लेती हैं ।
ट्रेन में खासकर स्लीपर कोच में किसी भी महिला को सुरक्षा का खतरा नहीं हो सकता, आसपास के लोग तत्काल मदत करते हैं ।
हां, पुरुषों के लिए सुरक्षा मिलनी चाहिए ।
@SHARIFJAAT75@CommonBS786OM डॉक्यूमेंट लेकर, किसी दूसरे राज्य में आयुष्मान लेकर जाओ ।
नियमतः इलाज का 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार देते हैं, दूसरे राज्य में सब सही होने पर भी आयुष्मान नहीं लेंगे भले ही नियम inter-state portability का हो ।
नियम/विज्ञापन और भौतिक रूप में जमीनी सच्चाई अलग अलग होती है ।
@SHARIFJAAT75@CommonBS786OM साल में एक बार KYC कराने का कोई नियम नहीं है ।
आयुष्मान मित्र हूं, BIS और TMS दोनों पर काम करता हूं।
आधार कार्ड में सामान्यतः नाम कोई चेंज नहीं कराता ।
आधार जन्मतिथि, जेंडर और एड्रेस का प्रूफ नहीं होता इसीलिए उससे दिक्कत नहीं होती ।
आयुष्मान का खेल देखना हो तो सारे सही..........
@AAPUttarPradesh 2 दिन पुरानी पोस्ट पर एक भी कमेंट नहीं, रीच भी ना के बराबर ।
क्या हाल हो गया है पार्टी का ।
अपने खास लोगों को जगह देने के चक्कर में पूरे उत्तर प्रदेश में @AamAadmiParty का अस्तित्व खत्म कर दिया @SanjayAzadSln
ने ।
हटाओ इसको UP से नहीं तो अगले 20 साल में भी एक सीट नहीं जीत पाओगे