बादलों ने बारिश को रोकने की ज़िद, कभी नहीं की
उन्होंने उसे झूमकर बरसने के लिए, जाने दिया
क्योंकि वो जानते थे, कि,
प्रेम, किसी को रोकने की ज़िद से ज़्यादा,
उसे जाने देने के साहस का नाम है।
तुम्हारा अंतिम समय का व्यवहार, मेरी पसंद पर दाग लगा गया।
वो सारी शराफ़त बस एक दिखावा थी, जो आखिरी मोड़ पर आकर बेनकाब हो गया।
सोचा था तुम भीड़ से अलग हो,
मगर अफ़सोस, तुम भी उसी भीड़ का हिस्सा निकले।
रिश्ता खत्म होने का दुःख नहीं है मुझे, दुःख ये है कि मैंने 'तुम्हें' चुना था।
मन में जब अशांति उत्पन्न होती है,
उसका प्रभाव हमारे आसपास के वातावरण पर भी पड़ता है,
सभी प्रिय वस्तुएँ कातर हो जाती हैं, हर शब्द शूल की भाँति चुभने लगता है,
उस वक़्त हृदय को कुछ भाता है तो वो है एकांत ।
Bahut milenge shayad tum jaise,
Par tum toh tum ho na,
Ishq karne ki tumse ab koi wajah nahin,
Par ishq toh ishq hai na,
Yeh dheet hai, bematlab bhi,
Par paak bhi hai,
Ab tumhara intezaar nahin,
Koi ummeed nahin,
Par ishq toh wahin hai na.