@RSSorg सारी पोल खुल गई आप धर्मद्रोहियों की। आपकी सारी ओढ़ी हुई विश्वसनीयता की असलियत लोगों के सामने खुल कर आ गई। अयोध्या के सभी सम्माननीय संत–महात्मा और आमजन सच्चाई बता रहे हैं। अयोध्या के अधिवक्ताओं ने आपके अपने लोगों को बचाने की चाल का पर्दाफाश कर दिया है।
@RSSorg ये वीडियो हिंदू धर्म की आस्था और श्रद्धा का आर्थिक और राजनीतिक दोहन करने की संघियों की कुत्सित चालों में से एक है। संस्कृतनिष्ठ हिंदी बोलकर गोल–गोल घुमाने से नहीं होगा। ये डकैत किस गिरोह के हैं, ये अब सामने आ गया है।
@amrendraakhouri@Profdilipmandal क्लास, कास्ट नहीं होता है सर। उस समय क्लास तो निर्धारित ही नहीं था। कास्ट को जाति–व्यवस्था के पदानुक्रम से ही देखा जा सकता है। आज पाटीदार शैक्षणिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग में नहीं हैं, लेकिन जातीय पदानुक्रम में उसकी जातीय स्थिति क्या है? पाटीदार क्यों आंदोलन कर रहे थे?
@PiyushGoyal नरेंद्र मोदी साक्षात्कार तो करने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे हैं गैर–गोदी मीडिया से, वे शास्त्रार्थ क्या कर सकेंगे प्रतिपक्षी विद्वानों से?
@rohanrgupta क्यों बिना आस्था के राजनीति नहीं हो सकती है? स्वामी विवेकानन्द में बीजेपी की आस्था है? गांधीजी में बीजेपी की आस्था है? लेकिन उस पर राजनीति करती है कि नहीं? आपको क्या लगा कि जय श्रीराम चिल्लाने वाले ढोंगी जनता की आंखों में धूल झोंककर लूटते रहेंगे ख़ज़ाना? और ये होने दिया जाएगा?
@Radhika_Khera@Pawankhera आप RSS की कितनी भी चाटुकारिता कर लें, फिर भी गिरोह के लिए आप संदिग्ध ही रहेंगी। हां, आप ख़ुद अपने पुरखों की विरासत को तोड़–मरोड़कर खुद को गिरोह की ही वारिस साबित करने में सफल हो जाएं, तब बात दूसरी है। आप दादाजी थे क्या RSS गिरोह में?
@SushantBSinha@YouTubeIndia@YouTube राष्ट्रवाद को क्यों अपनी चाटुकारिता में घसीट रहे हो सुशांत? राष्ट्रवादी वे थे जिन्होंने अंग्रेजी औपनिवेशिकता का, शोषण का, ग़ुलामी का अंत करने की लड़ाई लड़ी—अहिंसक या हिंसक ढंग से। तुम लोग तो उस समय अंग्रेजों की मददगार क़ौम वाले लोग हो, जो आन्दोलन को दबाने के नुस्ख़े बता रहे थे।