नौजवानों को धमकी. डॉक्टरी भूल जाओगे, FIR करवाएंगे…फोर्स बुलाकर ठीक कर देंगे. नौजवानों से ऐसे डील करेगा यूपी का शासन प्रशासन?
संवाद ही एक रास्ता है. जिम्मेदारों को ये समझना होगा, धमकाना नहीं.
@Saurabh_Pinch#UttarPradesh#UPProtest
इन लौंडो को क्या पता कि कुछ अधिकारियों ने तो Before की फ़ोटो का स्क्रीनशॉट लेके टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी होगी
2-4 करोड़ डकारने के बाद में साफ़ नदी की फ़ोटो अपलोड कर देंगे।
बिहार के वैशाली में एक अंडर कंस्ट्रक्शन पुल ने शर्मिंदा होकर आत्महत्या कर ली है।
आत्महत्या करते समय बीचबचाव में 6 लोग घायल भी हुए हैं।
खबरदार किसी ने भ्रष्टाचार कहा तो।
कोई सांसद, नेता या अधिकारी अपने बच्चों को इस हॉस्टल में रहने देगा?
PG में दीवारें लकड़ी की हैं। ना बीम है ना पिलर। गिरी तो पूरी जाएगी। और आग तेजी से क्यों लगती है ये समझ सकते हैं। भागने के लिए स्पेस नहीं है।
आपका बच्चा दिल्ली के ‘मौत के मकानों’ में रह रहा है
₹2,600 करोड़ का उज्जैन-गरोठ हाईवे कीहालत उद्धघाटन के पहले की है बाद का क्या ही होगा ??
Nitin Gadkari जी @nitin_gadkari@DrMohanYadav51 , आपकी सड़क पर गढढे वाली Technology और Quality Control में ये सब दिखाई नहीं देता क्या?
सबसे बड़ा सवाल ये है कि ठेकेदारों और काम की निगरानी करने वाले अधिकारियों को डर क्यों नहीं है? सड़क बनाते समय Quality क्यों नहीं दिखती,
कहने को Double Engine की सरकार है,
लेकिन अगर पुल टूट रहे हैं, सड़कें धंस रही हैं और निर्माण की Quality पर बार-बार सवाल उठ रहे हैं, तो ये Double Engine आखिर चलेगा कहाँ?........
जनता के Tax के हजारों करोड़ खर्च होते हैं। उसे ऐसी सड़क चाहिए जो सालों चले, ऐसी नहीं जिसे बनने से पहले ही तोड़कर फिर बनाना पड़े।
अभी इंदिरा गांधी एयरपोर्ट का उद्घाटन करना होता तो रील पे रील काट के इन्फ़्लुएंसर्स को पैसे देके चलाई जा रही होती,
लेकिन अब पानी भर गया तो कोई वीडियो नहीं चलाएगा!!
सिर्फ़ सड़के ही नहीं बल्कि डिवाइडर की क्या स्थिति है वो भी देखिए….
निर्माण क्वालिटी कैसी है इस वीडियो से आप अंदाजा लगा सकते हैं । इसी जगह हमारे मंत्री नितिन गडकरी जी शिलान्यास किए थे और खबर है की चुनाव से पहले इसका उद्घाटन भी होने वाला है ।
राम वनगमन मार्ग(NH-731A) उद्घाटन से हल्का सा धँस क्या गया ,
कि लगे पहुँच के रिपोर्टिंग करने…
इनको पकड़ के रासुका लगानी चाहिए।
सिर्फ़ 4400 करोड़ का ही तो है इतना क्या बवाल करना??
अकेले दम पर पूरी नदी
साफ की, वीडियो वायरल
मध्य प्रदेश से सामने आई यह कहानी हौसले की मिसाल है. जहां लोग नदियों को कचरे से पाटने में लगे हैं, वहीं 20 साल के बिट्टू तबाही ने एक ऐसी नदी को दोबारा ज़िंदगी देने की ठान ली, जिसे लोग कब का नाला जैसा मान चुके थे.
कभी अजनार नदी का हाल इतना बदहाल था कि उसमें पानी से ज़्यादा कचरा नजर आता था. गंदगी के चलते नदी एक बदबूदार नाले में बदल चुकी थी. लेकिन बिट्टू ने हालात के आगे घुटने नहीं टेके. बिना किसी बड़ी टीम या मदद के, उसने अकेले ही नदी की सफाई शुरू कर दी.
देखते ही देखते उसकी मेहनत रंग लाने लगी. करीब दो साल तक लगातार सफाई करने के बाद अजनार नदी का स्वरूप बदल गया और उसमें फिर से पानी बहने लगा.
बिट्टू की इसी अनोखी पहल का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कभी उसकी कोशिशों पर हंसने वाले लोग आज उसी युवक की मेहनत को सलाम कर रहे हैं.
When a label lies, the consumer pays the price.
An expiry date is not just ink on a package.A nutrition label is not just information.They are promises made to the consumer.
When those promises are deliberately manipulated, it is not merely a violation of regulations, it is a breach of public trust.
Effective regulation is not about creating fear in the industry. It is about creating an ecosystem where honest businesses are protected, violations are detected, and citizens are not deceived
#TukaramMundhe #FoodSafety #Leadership #Inspairation #FDA #GenZ
https://t.co/fb7eSZZpPC
This is torture on live TV
If @Subhashgarg1960 had thrown any more facts at her - this @ndtv intern-anchor would have burst out in tears.
Imagine, trying to counter the former Finance Secretary, by lecturing him on the 'sanctity' of Govt numbers🤦🏻♂️
At 2:29 minutes it seems that she received the final warning from her boss on her earpiece. I think they clearly told her to intervene and censor the guest immediately, otherwise this would be her last show as an anchor.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UP सरकार को बड़े सबक वाला फैसला दिया है।
13 अप्रैल को नोएडा में मज़दूर प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा हुई थी। उस मामले में एक्टिविस्ट आकृति चौधरी पर NSA लगा कर जेल में डाल दिया। तब नक्सल,फॉरेन कनेक्शन की बातें सरकार की तरफ से हुई थी।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा- सरकार की कहानी मनगढ़ंत है। तुरंत रिहाई के आदेश। साथ ही नोएडा की DM, IAS मेघा रूपम की तनख़्वाह से काटकर 5 लाख मुआवजा भी देने को कहा