Atrocity Act अब कई मामलों में असली अत्याचार रोकने का कानून कम, राजनीतिक हथियार ज्यादा बन ग��ा है।
हिंदू देवी-देवताओं पर गाली-गलौज चले — कोई केस नहीं लेकिन वहीं अंबेडकर या किसी दलित नेता की आलोचना हो तो तुरंत SC/ST Act लग जाता है।
ये डबल स्टैंडर्ड ही असली समस्या है। कानून सबके लिए बराबर होना चाहि��, न कि किसी एक समुदाय के लिए हथियार।
आज अजीत भारती जी एकदम 'फुल रोस्ट' मूड में हैं!
निशाने पर आए हैं दृष्टि IAS वाले विकास दिव्यकीर्ति सर।
मुद्दा क्या है?
विकास दिव्यकीर्ती का दावा: "3000 सालों से पढ़ाई-लिखाई पर 100% आरक्षण ब्राह्मणों का ही था!"
जिस पर अजीत भारती ने उन्हें लताड़ते हुए जवाब दिया— "सर जी, थो��़ा इतिहास पढ़ लेते! डेटा कहाँ है? साक्ष्य कहाँ है? बिना तथ्य के क्लास में बस ज्ञान पेलना है!" 🤣
अजीत भारती का कहना है कि इतिहास में 150 साल पहले के भी रिकॉर्ड उठा कर देख लो, समाज के हर वर्ग के लिए विद्यालय और गुरुकुल थे।
3000 साल वाले दावों का कोई ऐतिहासिक आधार या ऑथेंटिक डेटा ही नहीं है!
ऐसे बयानों से भावी IAS अफसरों के मन में गलत धारणाएं भरी जा रही हैं।
“मैं विधवा हूँ और मेरी बहू भी विधवा है, लेकिन हमें किसी भी स��कारी योजना का लाभ नहीं मिलता।
प्रधान साफ़ कहता है, ‘तुम ठाकुर हो, तुम्हें किसी योजना की क्या ज़रूरत?’
अगर पात्रता के बावजूद केवल जाति के आधार पर किसी परिवार को सरकारी योजनाओं से वंचित किया जा रहा है, तो यह गंभीर भेदभाव है।
यही वह स्थिति है, जिसका सामना देश में कई आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवार भी करते हैं, गरीबी और मजबूरी जाति देखकर नहीं आती।
लहसुन का लोकतंत्र
देखिए कि सरकार कितनी नंगी और अराजकतावादियों की गोद में बैठने वाली हो गई है कि ये आज सुप्रीम कोर्ट में यह कहने गए कि तिलचट्टों के प्रदर्शन में जिन्होंने पत्थरबाजी की, पुलिस पर डंडों से प्रहार किया, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुँचाई, उन पर हुए केस निरस्त किए जाएँ।
@BJP4India वालों, वह तुम्हारे बापों की संपत्ति थी? कितनी बार तुम अपनी घटिया राजनीति के लिए @DelhiPolice को पिटवाते रहोगे? पूरी पुलिसिंग को पंगु बना कर रख दिया है, जो भी आता है इनका सर फोड़ कर चला जाता है।
पर हाँ, पुलिस कुछ न करे क्योंकि माननीय @narendramodi जी को रात के एक बजे ‘जेन जी’ के लिए रील बना कर, उन्हें माफ करते हुए बड़ा हृदय वाला दिखना है। आज कल रील और उसके व्यू नहीं गिन रहा कोई!
सरकार चाहती है कि वो ये केस माफी की भी नौटंकी करे और वही सरकार फिर कोर्ट को यह भी कहती है कि तिलचट्टों का पाँच सितम्बर ���ाला मार्च रोक दिया जाए। माननीय सूर्यकांत जी ने कहा है कि अभी से वो यह नहीं मान सकते कि कुछ गलत ही हो जाएगा।
जबकि माननीय सूर्यकांत के समक्ष ऐसे उदाहरण हैं कि इन्हीं आयोजकों के कारण दिल्ली में तीन दिन क्या होता रहा। फट्टू सरकार की %# इतनी फटी हु�� थी कि आयोजकों को नामित तक नहीं कर पाई कि इनका ही दायित्व बनता था।
ये चल रहा है इस देश में। दंगाइयों को सरकार बचा रही है ताकि उनके राम मंदिर लूट के पाप को डायवर्ट करने का रिवार्ड उन्हें दिया जा सके। जनता सब देख रही है।
🚨 देहरादून पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी का ये वीडियो देखकर खून खौल जाता है।
लड़का बार-बार कह रहा है — “मेरा एकादशी का व्रत है, मम्मी ने रखवाया है।”
फिर भी रैगिंग के नाम पर उसे पीटा जा रहा है, गालियां दी जा रही हैं।
माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, इस ���रह अपमानित और पीटे जाने के लिए नहीं।
रैगिंग कोई मस्ती नहीं, गुंडागर्दी है। ऐसे छात्रों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी और पुलिस दोनों को जवाबदेह होना चाहिए।
Babasaheb Ambedkar ji had 32 degrees, while you don’t even have a single degree to show
Don’t hide behind the name of respected Babasaheb Ambedkar, you uneducated gawar
Mohammed Ashraf brutally attacked Chandrababu (55) by throwing hot oil on him because he was in Mahabali costume on the occasion of Onam in Keralam.
100% Literacy Saaar
Rahul Gandhi claimed in his speech that tea shops use two different types of cups, disposable cups for Dalits and glass cups for others.
Mr. Rahul Gandhi, could you please clarify: Which tea shop asks a customer’s caste before serving them tea? 🤔
She is Ruchika Singh.
The same girl who used extremely abusive langauge against our PM and his late mother
Now she claims that she can’t step out of her house or face people because of Modi ji
Let’s be clear: Modi ji never asked her to abuse anyone. Nobody forced her to use such vile language.
You are responsible for your own actions Ruchika. You chose those words, and now you have to face the consequences.
I am also a Rahul Gandhi critic, but i have never abused him or used the kind of language you used against others.
You previously claimed that protestors forced you to abuse Modi ji, And now, by making another video, you are only drawing more attention to yourself
Stop blaming others for the consequences of your own actions. Take responsibility for what you said and move on.
Nobody has even talked about you on the internet since your apology. Now you’re desperately craving attention again, only to embarrass yourself and make your parents ashamed of you all over again.
Rahul Gandhi launched “Chhatron Ki Goonj” with fake claims hoping to manipulate the youth.
We FACT-CHECKED him.
We EXPOSED the lies.
The narrative COLLAPSED.
So what did Rahul do?
Quietly switched scripts.
Now it’s caste, division & unrest and once again, the claims are getting BUSTED with facts.
Fake claim → Fact-check → Collapse → Change topic → Repeat.
Rahul Gandhi doesn’t change politics.
He just changes the lie after the previous one gets caught.