माननीय @Barmer_Harish आप पहले ऐसे मंत्री हो जिनको अपने कर्मचारियों के लिए कोई सहानुभूति नही है, आपके पटवारीयो के द्वारा 39 दिन से आन्दोलन जारी है, आप कुछ नही कर रहे,यदि आप अपने पटवारीयो के लिए 3600 grade pay नही करवा सकते तो आप अपने मंत्री पद से तुरंत इस्तीपा दे @RahulGandhi
@zeerajasthan_@DipuGoyal अब कुछ नहीं बचा सरकार के पास तो अब ये चाल चल रही है सब पटवारी लोग वेक्सीन लगवा चुके है और नेता जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई वो विधानसभा मे बिना मास्क बैठे है
उम्मीद है आज की पटवार संघ की मेहनत से राजस्थान की गहलोत सरकार का खजाना भर जाए और उनकी कंगाली दूर हो जाये,ताकि 3600 ग्रेड पे देने में आसानी हो।
जय पटवार संघ
राजस्थान स्टेट पैरिटी के आधार पर ग्रेड 3600 एवं लेवल -10 की मांग सिर्फ राशि नहीं है यह हमारा आत्मसम्मान है। पटवारी प्रशासन की मजबूत नीवं है इस पर पूरा प्रशासन टिका हुआ है,अगर वेतनमान कम कर इसे सरकार खोखला करती रही तो फिर प्रशासन कमजोर होगा । @RajCMO@RPS_President_@asho
जय संगठन, जय पटवार।
#ग्रेडपे_3600_है_हमारा_अधिकार
सरकार से हमारी मांग है कि 28 अप्रैल, 2018 एवं उससे पू��्व समय-समय पर हुए समझौतों को लागू करते हुए वेतन विसंगति दूर करके ग्रेड पे 3600/L10 और 7, 14, 21, 28 और 32 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर चयनित पद का वेतनमान दिया जाए।
इस तरह से किसी भी कार्मिक के प्रति एकाधिकार जताना कहां तक न्यायोचित है माननीय को क्या अधिकार है कि कार्मिक को वह बाड़मेर और जैसलमेर भेजेगा इस तरह से अगर कार्मिक को धमकाया जाएगा तो कोई कैसे अपना राज्यक���र्य कर पाएगा ।
@ashokgehlot51
@RPS_President_
@Barmer_Harish
बाड़मेर जैसलमेर भी राजस्थान का ही हिस्सा है ..चांदना जी ..वहां भी पटवारी काम करते है लेकिन आपने कभी पटवारीयों की पीड़ा नहीं समझी उनके वेतन बढ़ाने के लिए कभी बोला आपने ..उनके आत्मसम्मान के लिये नहीं बोला आपने @RPS_President_@BeingBhaijan_@patwari_aarti@Barmer_Harish
बाड़मेर भेजने के बजाय उनकी पे ग्रेड और वर्क लोड में कम्पेयर करे , और रही बात नोकरी छोड़ने की ,तो एडिया घिस जाती है लगने में ,सब अपनी मेहनत से लगे हैं ,न कि खैरात में बटी है नोकरी। बाड़मेर कोई नरक नहीं है ,वहा भी पटवारी होंगे
@ashokgehlot51@SachinPilot
आपको अगर धर्म के नाम से भड़काया जा सकता है तो आप सच्चें हिन्दू या सच्चे मुस्लिम नहीं।
आप सिर्फ कुत्ते की लाइफ जी रहे हो,
जो छू कहते ही काटने को दौड़ते है।