“हम भी इंडिया हैं… हमको चाइनीज मत बोलो...”
अरुणाचल की एक छोटी लड़की की नस्लीय भेदभाव के खिलाफ भावुक अपील।
इतनी छोटी और क्यूट बच्ची को अपील तो सुननी चाहिए।
कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम का सम्मान करने से औपचारिक रूप से न केवल इंकार करना, बल्कि सीधे सीधे विरोध करना, अत्यंत दुर्भाग्य जनक और संवैधानिक दृष्टि से बहुत गंभीर विषय है। भारत के संविधान के अनुसार, संसद देश का सर्वोच्च संस्था है और संसद से पारित कोई भी क़ानून हर व्यक्ति के लिये बाध्यकारी है।
यदि कोई इसे मानने से मना करता है तो निश्चित रूप से संविधान के प्रति उनकी निष्ठा संदेह के घेरे में आ जाती है और यदि राष्ट्र गीत का सम्मान करने से कोई मना करता है, तो उसकी देशभक्ति पर भी सवालिया निशान लग जाता है।
कांग्रेस 1937 के जिस प्रस्ताव की बात करती है, वह कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की कट्टरपंथी मांगो के आगे नतमस्तक होकर पारित किया था और उसका ख़ामियाज़ा भविष्य में देश को विभाजन के रूप में देखना पड़ा।
कट्टरपंथी तत्वों के आगे समझौता करना, हमेशा देश के लिए घातक साबित हुआ है, और आज कांग्रेस जब कट्टरपंथी तत्वों के आगे उसी प्रकार समर्पण कर रही है, तो यह देश के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरे के संकेत हैं।
मैं मानता हूँ कि कांग्रेस का यह निर्णय सवर्था असंवैधानिक और निंदनीय है साथ ही राजनैतिक दृष्टि से भविष्य में एक गंभीर संकट को पैदा करने वाला है। वंदे मातरम का विरोध करके कांग्रेस ने अपने नासमझी भरे खतरनाक इरादों को देश के सामने बता दिया है।
Suggestions have been made by the United States that India should take China's place in the Security Council. We cannot of course accept this as it means falling out with China and it would be very unfair for a great country like China not to be in the Security Council. - Nehru
Although its late, It is good that you have accepted the title of ‘Dimagi Naxal.’
Now we know why Naxalism prospered during your tenure as Home Minister and under the UPA government.
Now we know why around 2000 policemen and CRPF jawans were killed fighting Naxalism during 2004–14.
Now we know why more than 5000 Indians lost their lives to Naxal attacks under your government
Now we know why as HM, you allowed 92% of Naxal weapons to be looted from police armouries.
Now we know 183 districts remained hostage to Naxal violence in 2013.
कापिस्तान के कुल इलाके का 39.4% हिस्सा बलूचिस्तान है।
इसने खुद को एक आज़ाद देश घोषित कर लिया है और अपनी सरकार बना ली है।
बलूचिस्तान के लोगों के लिए राष्ट्रगान जारी किया गया है; यह बहुत शानदार है।
इस राष्ट्रगान में भारत के सनातन धर्म के देवी-देवताओं की बहुत सुंदर ढंग से स्तुति की गई है और यह पूरी दुनिया में वायरल हो गया है।
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में CJP के 'school thik karo' अभियान और सरकार द्वारा बाहरी लोगों की एंट्री पर लगाई गई रोक पर नई बहस छिड़ गई है।
सवाल है कि क्या कोई भी गैर-सरकारी संगठन खुद को 'ऑडिट अथॉरिटी' मानकर स्कूल में घुस सकता है? Ashutosh ranka कौन होते हैं बिना अनुमति स्कूल में घुसने वाले?
@SP_Pratibha
कांग्रेस का काला अध्याय
154. 17 अगस्त 1958 नेहरु जी ने एक विप्र मदन मोहन मालवीयजी जिन्होंने भीख माँगकर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय 1915 में बनाया था,उसे क़ानून में संशोधन1958 में सेकुलर विश्वविद्यालय बना दिया,उन्हीं नेहरु जी 1920 में बने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को 1951 में मुस्लिम परस्त विश्वविद्यालय बना दिया,1967 में जब सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक घोषित करने से मना किया तो 1981 में क़ानून लाकर दुबारा इस्लामिक यूनिवर्सिटी बना दिया ।
1958 के बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के इस संशोधन से पूरा विश्वविद्यालय ठप हो गया,1000 विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से बाहर निकाल दिया गया,400 शिक्षक बर्खास्त कर दिए गए ।GEN- Z की बात करने वाली @INCIndia ने छात्र संघ चुनाव 1958 से लेकर 1966 तक बंद कर दिया,हिंदी,हिंदू और गौ माता के रक्षा के आंदोलन को 1966 में बंदूकों के बल पर छात्रों,साधुओं की हत्या कर डराया गया
#CongressDarkHistory
कांग्रेस के राज में 1947 से 1977 तक
भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे 5 नाम !
1 - मौलाना आज़ाद
2 - हुमायूँ कबीर
3 - मोहम्मद करीम चागला
4 - फखरुद्दीन अली अहमद
5 - नुरुल हसन
अब समझ मे आ गया होगा कि अकबर बाबर औरंगजेब खिलजी जैसे आक्रान्ता महान कैसे हो गए
प्रकृति के प्रति श्रद्धा, सह-अस्तित्व और शिवत्व का संदेश देने वाले पावन पर्व 'नाग पंचमी' की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आज के इस पुण्य अवसर पर भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना है कि उनकी कृपा से प्रत्येक घर-आंगन आनंद, शांति और खुशहाली से आलोकित रहे।
जब हमारा मुनाफा विदेशों में जाता है तो उसका एक हिस्सा हमारे खिलाफ आतंकवाद, नक्सलवाद और भारत को अस्थिर करने में खर्च होता है।
हमेशा जागरूक रहें और 'स्वदेशी' को प्राथमिकता दें...
सम्मान हमारे व्यक्तित्व का सबसे अहम् अंश है, ये एक निवेश की तरह है, जितना हम दूसरो को देते है वो हमें ब्याज सहित वापस मिलता है।
PDA का अलाप गाने बालों को समझना चाहिए कि वह सत्ता से दूर क्यों है जनता उन्हें क्यों ठुकरा देती है।