@AnandAkash_BSP यह केवल एक पद पर वापसी नहीं है, बल्कि करोड़ों बहुजनों की उम्मीदों, संघर्षों और विश्वास की जीत है।
भाई साहब, बहुजन समाज का यह अटूट विश्वास अब आपके कंधों पर है।
जय भीम 💙 जय बीएसपी 💙
आदरणीय बहन कु. मायावती जी, सादर चरणस्पर्श।
आपने मुझे क्षमा किया और बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की ज़िम्मेदारी दोबारा सौंपी। इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूँ, और इसे मैं हल्के में कभी नहीं ले सकता हूँ।
पिछले कुछ समय ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। सबसे बड़ी सीख यह है कि यह मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है। परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी और मान्यवर श्री कांशीराम जी ने जो रास्ता दिखाया, और जिस पर आपने अपना पूरा जीवन लगा दिया, उस पर चलना मेरा सौभाग्य है।
इसलिए आपके दिशा-निर्देशन में पार्टी और मूवमेंट का हित ही मेरे लिए सर्वोपरि रहेगा। मैं अपने सभी व्यक्तिगत हितों को त्यागकर, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ, संगठन को मज़बूत करने के लिए दिन-रात काम करूँगा।
आपने मुझ पर भरोसा किया है। अब उसे अपने काम से सही साबित करना मेरी ज़िम्मेदारी है।
जय भीम, जय भारत।
साधुवाद बहन जी। 🙏🍁
आपके इस फैसले से बहुजन मूवमेंट के समर्थकों में फिर से एक उम्मीद जाग गई है। आप आकाश आनंद को यूपी में अपने निर्देशन में खुली छूट दे दीजिए। चमचों और पार्टी विरोधियों ने बसपा एवं आपके खिलाफ जो दुष्प्रचार फैलाया है, आकाश उन सभी को मुंहतोड़ जवाब सकते हैं।
श्री आकाश आनन्द जी को बहुजन समाज पार्टी का पुनः राष्ट्रीय संयोजक बनाये जाने पर हार्दिक बधाई के साथ उनके उज्जवल भविष्य की शुभ कामनाये साथ ही आदरणीय बहनजी को बहुत बहुत आभार. जय भीम जय भारत
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री, परम आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी द्वारा माननीय श्री आकाश आनंद जी को बहुजन महापुरुषों के मिशन-मूवमेंट को आगे बढ़ाने के लिए पुनः बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने पर आदरणीय बहनजी का बहुत-बहुत आभार एवं धन्यवाद।
माननीय श्री आकाश आनंद जी को इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं।
#जयभीम #BSP
#उम्मीदों_का_आकाश
#मिशन_2027
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी के निर्देशानुसार श्री आकाश आनंद @AnandAkash_BSP जी को पुनः बी.एस.पी. का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कन्वेनर) बनाए जाने पर उन्हें बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ। 💐🐘💙
बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ! 🎉💐
वैसे तो श्री आकाश आनन्द का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहें हैं जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ ज़रूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं और फिर अन्ततः श्री आकाश आनन्द के ससुर श्री अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है।
जिसके बाद से श्री आकाश आनन्द के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका ख़ास प्रमाण पार्टी में वापिसी हेतु अभी हाल ही में सोशल मीडिया ’एक्स’ पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है।
इसको लेकर पार्टी के अधिकांशः लोगों का यही कहना है कि श्री आकाश आनन्द के अनुरोध को स्वीकार करते हुये उनकी पूर्व की दी गई ज़िम्मेवारियों के साथ इनको पार्टी में पुनः कार्य करने का मौक़ा दिया जाये, जिसके लिए इनके पिता के साथ-साथ इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द ने भी अपनी सहमति जताई है। वास्तव में श्री ईशान आनन्द ने तो अपनी मिशनरी भावना प्रदर्शित करते हुये यह भी कहा है कि वे बिना किसी पद के ही पार्टी में मा. बहनजी के दिशा-निर्देशन में जो भी उनको कार्य सौंपे जायेंगे तो उसे वे अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से ज़रूर निभायेंगे।
ऐसे में अब पार्टी काफी सोच-विचार करने के बाद पार्टी व मूवमेन्ट के हित में श्री आकाश आनन्द को पुनः बी.एस.पी. का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कन्वेनर) बनाकर इनको फिर से पार्टी में कार्य करने का मौक़ा दे रही है। उम्मीद है कि श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति सेे संन्यास लेने के बाद से अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा और पार्टी संगठन में भी बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, हालाँकि यह काफी कुछ श्री आकाश आनन्द के ऊपर भी निर्भर करेगा।
इन्ही कुछ ज़रूरी बातों के साथ ही अब मैं पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आज लिये गये इस फैसले के साथ ही श्री आकाश आनन्द के राजनैतिक उज्जवल भविष्य की कामना के साथ ही इनको (श्री आकाश आनन्द) व इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द को तथा इनके पिता श्री आनन्द कुमार को भी अपना बहुत-बहुत प्यार व आशीर्वाद देती हूँ। इतना ही नहीं बल्कि पिछले दिनों हर परिस्थिति में मेरा साथ निभाने के लिए ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के सभी लोगों का व अपने सभी शुभचिन्तकों आदि का भी मैं पूरे तहेदिल से व सम्मान के साथ उनका आभार भी प्रकट करती हूँ।
आदरणीय बहन कुमारी @Mayawati जी
जय भीम 💙 जय बसपा 🐘 जय संविधान 🇮🇳
1. जैसाकि सर्वविदित है कि परमूपज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व उनके परम अनुयायी मान्यवर श्री कांशीराम जी की देश भर में बहुजन-हित हेतु ज़बरदस्त त्याग-तपस्या, आजीवन कड़ा संघर्ष व उनके उच्च आदर्श हमेशा ही प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं, जिस पर चलकर ही बी.एस.पी. ने देश की राजनीति में अभूतपूर्व सफलतायें अर्जित की हैं और अब ख़ासकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव को लेकर सर्वसमाज के साथ उत्साहपूर्ण ज़बरदस्त तैयारी भी की जा रही है।
2. यहाँ यह भी कहना हैं कि मेरा निजी नहीं बल्कि पूरा ’बहुजन समाज’ ही मेरा विराट परिवार है और उनका हित व कल्याण मेरे लिये सर्वोपरि है और हमेशा ही रहेगा। इसी को मद्देनज़र रखते हुये व ख़ासकर पार्टी में अनुशासन बनाये रखने के लिये ही मेरे द्वारा पिछले कुछ दिनों में, अनेकों सख़्त फैसले भी लिये गये हैं और इसको लेकर मेरे अपने भाई-बहन व उनके परिवार के लोग कभी भी अपवाद नहीं रहे हैं, जो कि जग-ज़ाहिर है।
3. वैसे तो श्री आकाश आनन्द का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहें हैं जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ ज़रूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं और फिर अन्ततः श्री आकाश आनन्द के ससुर श्री अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है।
* जिसके बाद से श्री आकाश आनन्द के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका ख़ास प्रमाण पार्टी में वापिसी हेतु अभी हाल ही में सोशल मीडिया ’एक्स’ पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है।
4. इसको लेकर पार्टी के अधिकांशः लोगों का यही कहना है कि श्री आकाश आनन्द के अनुरोध को स्वीकार करते हुये उनकी पूर्व की दी गई ज़िम्मेवारियों के साथ इनको पार्टी में पुनः कार्य करने का मौक़ा दिया जाये, जिसके लिए इनके पिता के साथ-साथ इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द ने भी अपनी सहमति जताई है। वास्तव में श्री ईशान आनन्द ने तो अपनी मिशनरी भावना प्रदर्शित करते हुये यह भी कहा है कि वे बिना किसी पद के ही पार्टी में मा. बहनजी के दिशा-निर्देशन में जो भी उनको कार्य सौंपे जायेंगे तो उसे वे अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से ज़रूर निभायेंगे।
5. ऐसे में अब पार्टी काफी सोच-विचार करने के बाद पार्टी व मूवमेन्ट के हित में श्री आकाश आनन्द को पुनः बी.एस.पी. का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कन्वेनर) बनाकर इनको फिर से पार्टी में कार्य करने का मौक़ा दे रही है। उम्मीद है कि श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति सेे संन्यास लेने के बाद से अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा और पार्टी संगठन में भी बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, हालाँकि यह काफी कुछ श्री आकाश आनन्द के ऊपर भी निर्भर करेगा।
6. इन्ही कुछ ज़रूरी बातों के साथ ही अब मैं पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आज लिये गये इस फैसले के साथ ही श्री आकाश आनन्द के राजनैतिक उज्जवल भविष्य की कामना के साथ ही इनको (श्री आकाश आनन्द) व इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द को तथा इनके पिता श्री आनन्द कुमार को भी अपना बहुत-बहुत प्यार व आशीर्वाद देती हूँ। इतना ही नहीं बल्कि पिछले दिनों हर परिस्थिति में मेरा साथ निभाने के लिए ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के सभी लोगों का व अपने सभी शुभचिन्तकों आदि का भी मैं पूरे तहेदिल से व सम्मान के साथ उनका आभार भी प्रकट करती हूँ।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि परमूपज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व उनके परम अनुयायी मान्यवर श्री कांशीराम जी की देश भर में बहुजन-हित हेतु ज़बरदस्त त्याग-तपस्या, आजीवन कड़ा संघर्ष व उनके उच्च आदर्श हमेशा ही प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं, जिस पर चलकर ही बी.एस.पी. ने देश की राजनीति में अभूतपूर्व सफलतायें अर्जित की हैं और अब ख़ासकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव को लेकर सर्वसमाज के साथ उत्साहपूर्ण ज़बरदस्त तैयारी भी की जा रही है।
2. यहाँ यह भी कहना हैं कि मेरा निजी नहीं बल्कि पूरा ’बहुजन समाज’ ही मेरा विराट परिवार है और उनका हित व कल्याण मेरे लिये सर्वोपरि है और हमेशा ही रहेगा। इसी को मद्देनज़र रखते हुये व ख़ासकर पार्टी में अनुशासन बनाये रखने के लिये ही मेरे द्वारा पिछले कुछ दिनों में, अनेकों सख़्त फैसले भी लिये गये हैं और इसको लेकर मेरे अपने भाई-बहन व उनके परिवार के लोग कभी भी अपवाद नहीं रहे हैं, जो कि जग-ज़ाहिर है।
3. वैसे तो श्री आकाश आनन्द का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहें हैं जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ ज़रूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं और फिर अन्ततः श्री आकाश आनन्द के ससुर श्री अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है।
* जिसके बाद से श्री आकाश आनन्द के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका ख़ास प्रमाण पार्टी में वापिसी हेतु अभी हाल ही में सोशल मीडिया ’एक्स’ पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है।
4. इसको लेकर पार्टी के अधिकांशः लोगों का यही कहना है कि श्री आकाश आनन्द के अनुरोध को स्वीकार करते हुये उनकी पूर्व की दी गई ज़िम्मेवारियों के साथ इनको पार्टी में पुनः कार्य करने का मौक़ा दिया जाये, जिसके लिए इनके पिता के साथ-साथ इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द ने भी अपनी सहमति जताई है। वास्तव में श्री ईशान आनन्द ने तो अपनी मिशनरी भावना प्रदर्शित करते हुये यह भी कहा है कि वे बिना किसी पद के ही पार्टी में मा. बहनजी के दिशा-निर्देशन में जो भी उनको कार्य सौंपे जायेंगे तो उसे वे अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से ज़रूर निभायेंगे।
5. ऐसे में अब पार्टी काफी सोच-विचार करने के बाद पार्टी व मूवमेन्ट के हित में श्री आकाश आनन्द को पुनः बी.एस.पी. का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कन्वेनर) बनाकर इनको फिर से पार्टी में कार्य करने का मौक़ा दे रही है। उम्मीद है कि श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति सेे संन्यास लेने के बाद से अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा और पार्टी संगठन में भी बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, हालाँकि यह काफी कुछ श्री आकाश आनन्द के ऊपर भी निर्भर करेगा।
6. इन्ही कुछ ज़रूरी बातों के साथ ही अब मैं पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आज लिये गये इस फैसले के साथ ही श्री आकाश आनन्द के राजनैतिक उज्जवल भविष्य की कामना के साथ ही इनको (श्री आकाश आनन्द) व इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द को तथा इनके पिता श्री आनन्द कुमार को भी अपना बहुत-बहुत प्यार व आशीर्वाद देती हूँ। इतना ही नहीं बल्कि पिछले दिनों हर परिस्थिति में मेरा साथ निभाने के लिए ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के सभी लोगों का व अपने सभी शुभचिन्तकों आदि का भी मैं पूरे तहेदिल से व सम्मान के साथ उनका आभार भी प्रकट करती हूँ।
बसपा ने @PalVishwnathbsp को प्रदेश अध्यक्ष बनाया पहले सपा को पाल याद आया और उनका प्रदेश अध्यक्ष पाल हुआ अब भाजपा को पाल याद आया और राज्यसभा प्रकाश पाल चले गए अभी विधानपरिषद में भी पाल भेजा जाएगा सपा की तरफ से ।
इसे कहते हैं पिछड़ों को हक़ दिलाना ।
@journalist_syed 6 से 8 तारीख के बीच बहनजी आकाश आनंद की वापसी की घोषणा कर सकती है l उम्मीद तो यही है l बाकी बहनजी का निर्णय सर्वोपरि है l जय भीम जय बीएसपी
मान्यवर कांशीराम साहब से एक साक्षात्कार में जब हैलीकॉप्टर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि;
"यह सबसे सस्ती सवारी है"
कारण पूछने पर बताया कि जब मैने आंदोलन शुरू किया तब हमारे पास फंड नही था इसलिए पुरानी साइकिल ली गयी और यात्रा शुरू की गई। उंसके बाद जब गरीब शोषित समाज ने चन्दा देना शुरू किया तब साइकल छोड़कर मोटरसाइकिल, जीप पर आ गए और अब हैलीकॉप्टर में आ गए क्योंकि हम पायलट को कहते है कि भाई दूर उस जगह ले चलो जँहा हम साइकल से बहुजन मिशन समझाने के लिए कई दिनों में पहुचते थे, वँहा यह पायलट हमे एकाएक कुछ ही समय मे पहुचा देता है जँहा हम गरीब शोषित वंचित बहुजन समाज को मिशन समझाकर उनमे राजनैतिक चेतना पैदा करके मनोबल दे देते है। जँहा इसे देने में हमे कई दिन साइकल से जाना पड़ता था अब कुछ ही समय मे पायलट पहचा देता है। इस समाज को कम समय मे समझाने के कारण हमारी नजर में हैलीकॉप्टर सबसे सस्ता साधन है।।
बाबा साहब या मान्यवर, हो या बहनजी इन्होंने गरीबी का रोना नही रोया है जिसमे जबरदस्ती अपने आप को गरीब दिखाया जाए बल्कि मौका मिलते ही समाज को अमीरी दिखाई, जिससे समाज सबसे पहले उस अमीरी से प्रभावित हो सके। एक मजदूर के पास उंसके समाज का मजदूर बनकर जाएगा तो उसे ज्यादा मनोबल मिलेगा या फिर कोट पेंट अच्छे कपड़े व साधन से जाए तब।ज्यादा मनोबल मिलेगा? ज्यादा अच्छे साधन व अच्छे कपड़े में जाने पर समाज मे यह भावना पैदा होगी कि हमारे बीच का व्यक्ति जब ऐसी स्तिथी में आ सकता है तो मेरा बच्चा भी ऐसा ही बन सकता है।
बहनजी के पास जब कोई युवा जाता था। बहनजी पूछती थी कि क्या करते हो। जब वो पढाई बताता था तो बहनजी उसे डाँटकर भगा देती थी कि जो कार्य कर रहे हो पहले उसे पूरा करो, कामयाब हो जाओ, परिवार को मजबूत करो जिसे आपसे ज्यादा अपेक्षा है, फिर मेरे पास आओ।
अब कुछ लड़के जो साइकल उठाकर व नीला झंडे पर मान्यवर की तश्वीर लगाकर लखनऊ तक कि यात्रा का आह्वान करते है व यह हरदोई के पार्क में बैठे थे। खैर, व्यक्तिगत है। कोई कमेंट नही। लेकिन मान्यवर का फोटो यूज करोगे तो कोई भी कह देगा कि बसपा वाला झंडा होना चाहिए।
बहुजन समाज के वास्तविक बुद्धिजीवी, मेहनती व समाज की इच्छाओं को जानने वाले।व्यक्ति प्रेमशंकर गौतम इनके पास आये। कहा कि इंहा क्यो बैठे हो, बौद्ध विहार में आराम करो, फिर जब झंडा देखा तो उन्होंने कहा कि नीला झंडा जिसपर मान्यवर कांशीराम साहब का फोटो है वो बसपा से सम्बंधित होना चाहिये क्योंकि आआजकल हर कोई मान्यवर का फोटो लगा रहा है।
लॉजिकल भी है। मान्यवर ने बसपा बनाई। बहनजी को अपने जीते जी अध्यक्ष बनाया। इसलिए मान्यवर पर कॉपीराइट बसपा का है।
अब यह लोग इस बेचारे को फर्जी तरीके से बदनाम कर रहे है।
यह व्यक्ति सम्मान योग्य है। मान्यवर कांशीराम की फ़ोटो वाला नीला झंडा मतलब बसपा का झंडा होना चाहिए। उंसके बिना मान्यवर का ही अपमान होगा।
विकास कुमार जाटव
कोई यकीन करे या ना करे लेकिन धरातल पर योगी से अगर फिलहाल उनके कम से कम 10% वोटर नाराज हैं तो अखिलेश यादव से उनको 2024 में मिले वोटो का लगभग 50% मुसलमान वोटर और 80-85% दलित वोटर नाराज है। इस हिसाब से यूपी विधानसभा चुनावों मे भाजपा 32-33% का आकड़ा छू जाये तो बहुत बड़ी बात है और सपा 22 -23% वोट तक पहुंच जाए तो हैरानी होगी।
हर चुनाव अलग होता है, 2027 का भी अलग है। बसपा और बहनजी के प्रति जो सकारात्मक माहौल दिख रहा हैं, उतना 2007 मे भी नही नजर आ रहा था। यकीन न हो तो यूपी में जगह जगह होती बसपा पदाधिकारियों खासतौर पर विश्वनाथ पाल, डॉ इन्दू चौधरी, मुनकाद अभी आदि की जनसभाएं देख लो।
बहनजी के प्रति 2022 के यूपी विधानसभा चुनावों के समय में सबसे ज्यादा नैगेटिविटी थी, बहनजी का हर दाँव, हर कोशिश मीडिया और सोशल मीडिया द्वारा फैलाए नरैटिव के सामने फेल साबित हो रही थी । 2024 लोकसभा के चुनावों में वो नैगेटिविटी कम जरूर हुई थी लेकिन बहनजी का इंडिया गठबंधन से अलग चुनाव लड़ना उनके कोर वोटरो के विश्वास को डगमगा रहा था और उनको लग रहा था कि बहनजी अकेली लड़ेंगी तो भाजपा जीत जाएंगी। खासतौर पर दलित समाज ने संविधान बचाओं वाले प्रौपगैंडे में फंसकर लाल किताब उठाए राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर दाँव खेला और अपना आधा किला गिर लिया।
लेकिन जब चुनाव के बाद बसपा के कमजोर होने से देश भर मे दलित आदिवासी समाज पट उत्पीड़न बढ़ा और इस पर सपा कांग्रेस आदि दलो की नीरसता देखी तो वो समझ चुके थे कि उनका भी सपा कांग्रेस आदि ने ठीक वैसे ही उल्लू बनाया है जैसा कि मुसलमान समाज का बनाते आए है यानि हमको चुपचाप वोट दो वरना भाजपा आ जायेंगी।
पिछले एक दशक मे सोशल मीडिया के जरिये मै पहली बार मुसलमान समाज की तरफ से भी मैं उनके मुद्दों पर प्रमुखता से बात करते हुए उनके समुदाय के लोगो को देख पा रहा हूँ । अब वो खुलकर बोलने लगे है कि मुसलमान सिर्फ दरी बिछाने और झंडा उठाने के लिए नही हैं, वो भी सपा भाजपा की अंदरूनी गठबंधन पर बेबाक राय दे रहा है। भाजपा को रोकने का ठेका अकेला मुसलमान क्यों उठाएं और वो बेवजह अपने हिन्दु भाईयों को अपना दुश्मन बनाएं।
औवेशी की पार्टी का प्रभाव यूपी मे भी देखने को शर्तिया मिलेंगा, उनकी मुसलमानों मे स्वीकार्यता बढ़ रही है। मुसलमान समाज मे एक बड़ा हिस्सा ऐसा है जो बहनजी और औवेसी की पार्टी मे गठबंधन देखना चाहते हैं और वो एक बार फिर बहनजी का वही पहले वाला शासन देखना चाहते है जिसमे कानून व्यवस्था का सही में ही राज था। वैसे तो बहनजी ने मुसलमान समाज की हिस्सेदारी कभी नही मारी, भले ही उनके बसपा को 1% वोट आए हो या 4% तक वोट आए हो। लेकिन ये भी सच है कि खासतौर पर पश्चिम यूपी से बसपा को मुसलमानों का काफी सहयोग मिलता आया है, पश्चिम यूपी मे दलित मुस्लिम मिल जाने पर ही 100 से 120 सीटों पर तो सीधे सीधे कब्जा किया जा सकता है लेकिन मुसलमान समाज अपनी संख्या की ताकत को जानना ही नहीं चाहता और हर बार उन्ही दलो को ज्यादातर वोट करता आया जिसके पास पश्चिम यूपी मे कोर वोट 1% भी नही हैं। पश्चिम यूपी मे यादव लगभग न के बराबर है और दलित 26 -27% के आसपास हैं, मुसलमान 30% के आसपास है।
आकाश आनन्द मामले में भी यकीन है कि बहनजी 6 तारीख के बाद अच्छा फैसला लेगी । अब आप सोचोगे कि 6 तारीख का जिक्र क्यों किया, ये तो मुझे भी नही पता लेकिन मेरा यकीन है कि बहनजी 6 से 9 अक्टूबर के बीच ही आकाश आनन्द के पक्ष मे फैसला लेकर खासकर बहुजन समाज के युवाओं का हौंसला अफजाई जरूर करेंगी।
भाजपा से सवर्णों और अति पिछड़ों के वोट अखिलेश यादव तोड़ने मे सक्षम नही है क्योंकि इनके राज मे हुई गुण्डागर्दी के डर से वो अखिलेश से बेहतर योगी को मुख्यमंत्री के रूप मे मानते है लेकिन कानून व्यवस्था के मामले मे बहनजी को आज भी नम्बर वन मुख्यमंत्री के रूप मे मानते है। बसपा ने अपना पतझड़ झेल लिया हैं लेकिन वो अपनी विचारधारा और अनुशासन से कभी पीछे नही हटी और यही बात बहनजी को विशिष्ट बनाती है।
जंग अभी बाकी हैं, अब की बार मीडिया के प्रौपगैंडे, चुनाव आयोग की हरकते आदि भी चुनावों मे अपना पुरा रंग नही दिखा पायेंगी क्योंकि चुनाव आयोग की गिरती साख के चलते सत्ताधारी दल चुनावों से पहले हर कदम फुंक फुंककर रखेंगे जिसका फायदा अन्य विपक्षी दलो के अलावा बसपा को भी मिलेंगा। #highlights #everyone #followers #दिलबाग_सिंह
अखिलेश यादव जी कह रहे हैं कि लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए एकजुट होना होगा।
लेकिन इससे पहले इनसे इन सब सवालों के जवाब जरुर होने चाहिए—
1. जब टिकट और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की बात आती है, तो मुस्लिमों और दलितों की वास्तविक भागीदारी कितनी दी जाति है?
2. राज्यसभा और विधान परिषद में आज तक कितने मुस्लिमों और दलितों को भेजा हैं ?
3. क्या संविधान और लोकतंत्र की बात केवल चुनाव के समय याद आती हैं, उसके बाद पार्टी के संगठन और उम्मीदवार चयन में मुस्लिमों एवं दलितों को कितना हिस्सा दिया जाता है l
दलितो एवं मुस्लिमों इस बार मूर्ख न बनना। सँविधान व लोकतंत्र के नाम पर आपका मूर्ख बनांकर;
"पूरे परिवार को व उधोगपतियों को राज्यसभा भेजेंगे और तुम्हे ठेंगा दिखाएंगे"
यकीन न हो तो;
"स्नातक स्तर के सपा के 11 एमएलसी प्रत्याशियो की जातिवार टिकट देख लो, एक भी अनुसुचित जाति या मुस्लिम का नही है",
व
"मेडिकल में 200 शीट के नुकसान पर अखिलेश व राहुल गाँधी एक शब्द नही बोले है"
और ना ही मुस्लिम यूनिवर्सिटी के समय कुछ बोले
इस बार मूर्ख नही बनना है.
इसलिए मुस्लिम एवम् दलित समाज को किसी भी दल पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना है l
संविधान की बात करने वालों से संविधान के मूल सिद्धांत—समानता, प्रतिनिधित्व और सामाआजिक न्याय—पर जवाब मांगना है l
जय भीम 💙 जय बीएसपी 💙
अखिलेश जी का कहना है कि;
"लोकतंत्र व सँविधान बचाने के लिए एकजुट होना होगा"
दलितो इस बार मूर्ख न बनना। सँविधान व लोकतंत्र के नाम पर आपका मूर्ख बनांकर;
"पूरे परिवार को व उधोगपतियों को राज्यसभा भेजेंगे और तुम्हे ठेंगा दिखाएंगे"
यकीन न हो तो;
"स्नातक स्तर के सपा के 11 एमएलसी प्रत्याशियो की जातिवार टिकट देख लो, एक भी अनुसुचित जाति का नही है",
व
"मेडिकल में 200 शीट के नुकसान पर अखिलेश व राहुल गाँधी एक शब्द नही बोले है"
इस बार मूर्ख नही बनना है.
विकास कुमार जाटव
एक नारा, एक आवाज़,
बीएसपी के साथ 2027 का नया आगाज़!
एक मिठाई, दो पताशा,
बीएसपी से जनता की आशा!
2027 में बीएसपी पर करो भरोसा!
#9अक्टूबर_चलो_लखनऊ#9अक्टूबर_चलो_लखनऊ
जो अपने बाप को मंच से धक्का देकर उनके हाथ से माइक छीन सकता है तो उससे और क्या उम्मीद कर सकते हैं कि वह अपने चाचा का सम्मान करेगा असल में सभी समाजवादी ऐसे ही है l सभी को उनके पता है कि उनके संस्कार कैसे हैं l