वह पुरुष
जो स्त्री के आत्मसम्मान को
" पहला "
और स्वयं अपनी वासना को
" दूसरा "
स्थान देते आए है,
वह पुरुष अवश्य ही
पुरुष कहलाने के योग्य है ���
~ श्वेता सिंह ( @Saadgi____ 🌼 )
थकना रूकना नहीं होता। थकना चलने की प्रक्रिया का ही हिस्सा है। थकना है कुछ पल के लिए ठहर जाना या कुछ पल का आराम। परन्तु थकना कभी रूकना नहीं होता। अचानक चलते-चलते रूक जाना थकना ही तो है। थकना, गिरना, संभलना सब चलते रहने का ही हिस्सा है लेकिन रूकना, रूकना अंत है सफर का।।
~saadgi