नरेंद्र मोदी और अमित शाह घर पर बैठकर हुकूमत चला रहे हैं, जबकि हमारे सांसद सदन में आवाज उठा रहे हैं।
मोदी-शाह कमरों में बैठकर सब सुनते हैं। फिर अपने लोगों को निर्देश देते हैं कि जैसे ही विपक्ष बोलने के लिए खड़ा हो, सदन में शोर मचाओ।
बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि राज्य सभा में चेयरमैन भी हमें आवाज उठाने नहीं देते। मैं उनपर भरोसा करके बैठ जाता हूं और फिर वे सदन स्थगित कर देते हैं।
हमारी मांग है: मोदी-शाह सदन में आएं, जवाब दें और अगर वे ऐसा नहीं करना चाहते तो इस्तीफा दें। आज अगर सदन नहीं चल रहा है तो उसके जिम्मेदार नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं।
: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge
हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया गया है।
⦿ 152 पेपर लीक हुए
⦿ 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए
⦿ किसी एक को भी सजा नहीं मिली
यही कारण है कि देश के लाखों छात्र विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी
• क्या दिल्ली पुलिस के पास महिला पुलिसकर्मी नहीं हैं?
• क्या महिला सांसद को पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा जबरन बस में ठूंसा जाना ठीक है?
अमित शाह की पुलिस ने आज न सिर्फ लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि महिला सम्मान की सारी मर्यादाएं लांघ दीं।
देश की महिला सांसद के साथ ऐसा दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शर्म आनी चाहिए!!
आज न्यूज़ीलैंड में नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह 30 साल पहले न्यूज़ीलैंड आए थे
तब उन्हें कोई जानता नहीं था और वहाँ उनके एक साथी ने उन्हें एक मफलर, एक टोपी और एक जोड़ी दस्ताने गिफ्ट किए थे.
▪️30 साल पहले उनकी उम्र 45 साल थी
▪️उन्होंने पहले यह भी बताया है कि वह 17 साल की उम्र तक चाय बेचते थे
▪️और यह भी बताया था कि 35 साल तक उन्होंने भिक्षा मांगकर अपना जीवन चलाया
▪️तो मतलब 17 + 35 = 52 साल की उम्र तक उन्होंने अपना जीवन चाय बेचने और भिक्षा मांगने में बिताया
👉लेकिन उसी दौरान उन्होंने न्यूज़ीलैंड की यात्रा भी की
👉👉भाई जो भी कहिए - अच्छे दिन तो कांग्रेस सरकार में ही थे - भिक्षा मांगकर जीवनयापन करने वाले भी न्यूज़ीलैंड घूमने जाते थे
हनुमान जी को अपने डमी अध्यक्ष नितिन नवीन के रथ के आगे नचवा रहे हैं, और फिर टीवी स्टूडियो में बैठकर सनातन की बात करते हैं। शर्म नहीं आती भाजपाइयों?
हनुमान जी के करोड़ों भक्त इस तरह की हरकतों से आहत हैं।
जब संसद में प्रियंका गांधी के एक जवाब ने कंगना रनौत की बोलती बंद कर दी थी।
कंगना — प्रियंका गांधी जी को ये बात याद रखना चाहिए कि आपका वर्तमान या भूतकाल आप लोगों के चरित्र में कोई मर्यादा नहीं है।
प्रियंका गांधी — मैं तो अभी नई नई हूँ , कोई कलाकार तो नहीं हूँ🔥🔥
राजीव रंजन ने राम मंदिर चंदा चोरी के मामले पर एक से एक विस्फोटक खुलासे किए है 💥💥🔥🔥💯💯
उनके हिसाब से चंदा चोरी में जो खुलासा अभी हुआ है वो तो महज रत्ती भर है। 🤏🏻🤏🏻
जो असल में घोटाला, घपलेबाजी और चोरी अयोध्या में हुई है उसकी ऊंचाई किसी पहाड़ से भी ज्यादा होगी। 😱😱💰💰
“जब ‘राम मंदिर’ का उद्घाटन मोदी जी ने किया
प्राण प्रतिष्ठा मोदी जी ने की
तो कैसे कह सकते हैं कि ‘चढ़ावा चोरी’ का पैसा मोदी जी के पास नहीं गया ?
राम मंदिर की ‘चंदा चोरी’ और ‘चढ़ावा’ चोरी पर ‘मन की बात’ कब करेंगे मोदी जी ?”
@PriyankKharge जी ने ‘संघियों’ की रातों की नींद उड़ा दी है 🔥🔥🔥
“केवल भारतीय नाविकों पर हमला हो रहा है”
ईरान में भारतीय नाविक मदद की गुहार लगा रहे हैं
उनका कहना है कि अमेरिका जानबूझकर उन जहाजों पर हमला कर रहा है जिन पर भारतीय मौजूद हैं
नरेंद्र मोदी के compromised होने की कीमत पूरा देश चुका रहा है
जब मोदी मीडिया आपको बताने में मशगूल था कि कैसे इतिहास को तोड़-मरोड़ का मोदी नेहरू जी से आगे निकल रहे है,
तब हमारे Sailors पर अमेरिका Hell Fire Missiles दाग रहा था, हमारे लोगों की हत्या कर रहा था।
क्योंकि ट्रम्प जानता है कि 16 के फेर में उलझा हमारा मुखिया नाकारा है और कुछ नही करेगा।
एक निडर और सच्चे पत्रकार की पीड़ा
“जिन्होंने नेहरू की किसी किताब के 10 पेज नहीं पढ़े वो उनके बारे में न जाने क्या-क्या बक रहे हैं
जिन्होनें महात्मा गांधी की किसी किताब के 20 पेज नहीं पढ़े वो बापू को गाली देते हैं
प्रधानमंत्री के खिलाफ़ कुछ बोलो तो कहते हैं राष्ट्र के खिलाफ़ हो गया
सरकार के खिलाफ़ बोलो तो कहते हैं देश के खिलाफ़ हो गया”
उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू का रिकॉर्ड टूट गया और आपने मान लिया ?
एक बात याद रखिये अगर 47-52 का नेहरू का कार्यकाल नही मानियेगा तो देश के पहले ग्रह मंत्री सरदार पटेल भी नही कहलाएंगे और पहले कानून मंत्री बाबा साहब अम्बेडकर भी नही कहलाएंगे ।
यह बेहद फ़र्ज़ी और आत्ममुग्धता भरा आंकड़ा है कि आप 47 से 52 का कार्यकाल गिन ही नही रहे हैं । नेहरू को अगर 52 से गिनियेगा तो बाकी पूरी कैबिनेट भी बदल जाएगी ।
बीजे पार्टी अगर इसी रिकॉर्ड को रखना चाहती है तो सबसे पहले घोषणा करे कि देश के पहले ग्रह मंत्री और उप प्रधानमंत्री सरदार पटेल भी नही थे । यही नही बल्कि कानून मंत्री बाबा साहब भी पहले कानून मंत्री नही थे । यह कौन सी बात हुई कि प्रधानमंत्री गिनेंगे नही और कैबिनेट को मानेंगे ।
यह एक फ़िज़ूल और फालतू इवेंट है । इनसे सवाल कीजिये कि क्या देश की पहली कैबिनेट को यह नही मानते, नेहरू को पिछाड़ने की ज़िद में कुछ भी कर गुज़रेंगे । अरे उनकी एक पंचवर्षीय योजना का आप पूरे कार्यकाल से मुकाबला नही कर सकते ।
हमें तो उनपर सवाल करने को दिल है, जो यह आंकड़े मानकर सफाई दे रहे हैं । अरे भाई रिकॉर्ड तब टूटेगा जब आप चौथा कार्यकाल भी पाइए । और अगर 52 से शुरू करना है तो देश के पहले ग्रह मंत्री का भी नाम स्पष्ट कर दीजिये,क्योंकि वह तो आपके अनुसार चुनी हुई सरकार से तो थे नही....
सब फ़र्ज़ी बातें हैं, यह आंकड़े दिल बहलाने के लिए है । सच्चे आंकड़ों से तो यह हमेशा बिदकते हैं । मगर इनपर सफाई मत दीजिये बस यह पूछ लीजिये की पहला ग्रह मंत्री और पहला कानून मंत्री कौन है और फिर मुस्कुरा कर निकल लीजिये । बेचारे गुलाब के कांटो में उलझे रहेंगे....
देश की पहली कैबिनेट में ही देश का पहला प्रधानमंत्री है, गिनती वहीं से शुरू होती है, शुरू होगी भी,कोई कुछ भी कहता रहे ।
हफ़ीज़ किदवई