समतामूलक समाज की स्थापना बहुजन महापुरुषों का ख्वाब है, हम अपने महापुरुषों के सपने साकार करेंगे। विश्वविद्यालय को जातिगत शोषण से मुक्त कराएंगे। #UGCREGULATIONS#UGCAct#Bhimraoambedkar#jaybhim
: मारो इतनी जो से मारो कि टूट जाए भारत के भविष्य की रीढ़!
:इन सरकारों के पास छात्रों के लिए लाठी के अलावा कुछ और भी है ?
#bihar#bpsc#protest#student#bpscprotest
एक बात याद रखिए
कोई खत्म नहीं होता। न एक हार से बंगाल में ममता बनर्जी खत्म हो गई हैं, न तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति और न ही भारत में लेफ्ट की राजनीति।
दो सीटें मिली थीं भाजपा को 1984 में। वह खत्म नहीं हुई तो बाक़ी भी ख़त्म नहीं होंगे।
राजनीति में अंत की घोषणाएँ जल्दबाज़ी की पत्रकारिता हैं, इतिहास कुछ अलग सबक सिखाता है।
चुनावों की जीत से जब सबक नहीं सीखे जाते तो हार होती है और सबक सीखने के मौक़े देती है।
कितनी आत्ममुग्धता है, आप कुछ लिखिए तो अंतिम सत्य अन्य कोई लिखे तो अन्तर्विरोधी क्यों ?
आप जैसे ल���ग युवा वैचारिकता का क़त्ल कर रही है, उनके सोचने समझे कि शक्ति को शून्य करना चाहती है, आपकी बातें वैचारिक— अन्य की बातें विकलांगता क्यों ?
जो लोग विपक्ष का समर्थन करते हैं और ममता बनर्जी जी की हार पर सुबह से जश्न मना रहे हैं, और जिन्हें लगता है कि सभी क्षेत्रीय पार्टियाँ समाप्त हो जाएँगी तथा केवल दो राष्ट्रीय पार्टियाँ आमने-सामने रह जाएँगी, उनसे मैं कहना चाहती हूँ कि पश्चिम बंगाल का चुनाव केवल तृणमूल कांग्रेस बनाम भारतीय जनता पार्टी नहीं था, बल्कि यह तृणमूल कांग्रेस बनाम चुनाव आयोग, तृणमूल कांग्रेस बनाम केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), तृणमूल कांग्रेस बनाम धनबल, और तृणमूल कांग्रेस बनाम पूरे केंद्रीय तंत्र का मुकाबला था��
इस��िए, ममता बनर्जी जी की हार का जश्न मनाने से पहले आपको हज़ार बार सोचना चाहिए। ये क्षेत्रीय पार्टियाँ जनाधार पर आधारित हैं, वे फिर लौटेंगी; लेकिन जो लोग इस तरह के अन्याय या धांधली का जश्न मना रहे हैं, उन्हें अपने रुख पर विचार करना चाहिए।
सीज़ फ़ायर की घोषणा का स्वागत उन सभी को करना चाहिए जो दसवीं में पढ़ते हैं और संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी में भाषण देकर ग्लोबल लीडर बनना चाहते हैं। उन्हें भी करना चाहिए जिनके नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं । वोटर लिस्ट से नाम कट तो क्या हुआ, विश्व ग��रु बनने का चांस अब भी है। सीज़ फ़ायर का स्वागत उसे भी करना चाहिए जो वोटर लिस्ट के फ़्रॉड से चुनाव जीतना चाहता है। सीज़ फ़ायर का स्वागत उन्हें भी करना चाहिए जो 39 दिनों से विदेश यात्रा पर नहीं जा सके। सीज़ फ़ायर का स्वागत उन्हें भी करना चाहिए जो दलाल नहीं हैं। उन्हें भी करना चाहिए जो दलाल भी हैं। यही नहीं सीज़ फ़ायर का स्वागत उन्हें भी करना चाहिए जो वीडियो डिलिट कराने और पेज ब्लॉक करा कर सुपर पावर बनने में लगे है। ट्रंप के भाषणों का अनुवाद हर भाषा में होना चाहिए। कोर्स में होना चाहिए।
इस उच्च स्तरीय ट्वीट पर ध्यान देने के लिए शुक्रिया।
प्रशासन भाजपा का अघोषित प्रतिनिधि बन चुका है, इन्हें विपक्ष के लोग सिर्फ अपराधी ही नजर आते है, ऐसे प्रशासनिक लोग समाज में वैमनस्यता के कारक सिद्ध हो रहे है।
सवाल एक ही है इनके बदजुबानी का स्रोत कौन है ?
अब अगर उत्तर प्रदेश में कोई दुष्कर्म पीड़िता की आवाज़ बनेगा और उसकी आवाज उठाएगा, अपराधियों की गिरफ्तारी का मांग करेगा तो SHO पूछेंगे की दुष्कर्म तुमने किया है ??
उत्तर प्रदेश में अधिकारी पुलिस सब बेलगाम हैं कोई किसी की नहीं सुन रहा है। जनता परेशान है, मंत्री विधायक मस्ती में मस्त है।
फ़ुरसत निकालना भी एक कला है। गधे हैं जो फ़ुरसत नहीं निकाल पा��े। फ़ुरसत के बिना साहित्य चिंतन नहीं हो सकता, फ़ुरसत के बिना दिन में सपने नहीं देखे जा सकते। फ़ुरसत के बिना अच्छी-अच्छी, बारीक-बारीक, महान बातें नहीं सूझतीं।
~ गजानन माधव मुक्तिबोध
क्या मान लिया जाय कि अब समुद्र पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है?
जिस तरह से अमेरिकी सबमरीन ने आ कर ईरानी शिप पर हमला कर के उसे डूबा दिया है
उसके दो ही मायने निकलते है
या तो यह मान लेना चाहिए कि नौसेना को इसकी कोई जानकारी नहीं थी,
अगर यह सच है तो यह बहुत ही चिंताजनक है
आज ईरानी शिप थी,कल को हमारे जहाज को भी निशाना बनाया जा सकता है और हमें कुछ भनक भी नहीं लगेगी
दूसरी संभावना यह है कि इस हमले की जानकारी नौसेना को थी
और यह हमला उनकी जानकारी में ही हुआ है
जिस तरह से हमले के बाद हमने चुप्पी साधी हुई है इससे यही लग रहा है
अगर यह बात सच है तो यह हमारे लिए बहुत ही शर्मनाक है
यह एक तरह से बहुत बड़ी गद्दारी है
हमारे अतिथि की रक्षा नहीं कर पाना और जानते हुए उसपर हमले होने देना बेहद निंदनीय है
दोनों ही तर�� से हमारी शाख को भारी हानि पहुंची है
एक व्यक्ति की फूहड़ता ने बरसों से बनी बनाई शाख को खत्म कर दिया है
लो भाई जैसा करोगे वैसा भरोगे..
मिट्टी पलीत करवा ली TRP के चक्कर में...
इलाहाबाद के बैंक रोड चौराहे पर कुछ लोगों ने Aaj Tak और ABP News द्वारा...
अभिनेता धर्मेंद्र को लेकर अफवाह भरी खबर चलने और मृत्यु से पहले श्रद्धांजलि देने...
और हजारों लोगों द्वारा दिलवाई जाने के उपलक्ष में इन लोगों का प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई और 2 मिनट का मौन रखा गया।
#लखनऊ
हजरतगंज चौराहा पर सपा के दो कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन।
हाथों में जूता लेकर बैठे दो सपा के कार्यकर्ता, कर रहे नारेबाजी।
पुलिस ने दोनों कार्यकर्ताओं को पकड़ कर भेजा ईको गार���डन।
लखनऊ : हजरतगंज चौराहे पर सपा छात्रसभा का प्रदर्शन
कार्यकर्ता हाथों में जूता पॉलिश लेकर बैठे थे।
पुलिस ने कार्यकर्ताओं को भेजा ईको गार्डन
महंगाई और शिक्षा को लेकर प्रदर्शन किया।
#SPProtest#PriceHike@samajwadiparty
#लखनऊ
♦हजरतगंज चौराहे पर सपा के दो कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
♦हाथों में जूता लेकर बैठे दो सपा के कार्यकर्ता कर रहे थे नारेबाजी
♦पुलिस ने दोनों कार्यकर्ताओं को पकड़कर भेजा ईको गार्डन
♦महंगाई और शिक्षा को लेकर उठाया प्रदर्शनकारी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने
#protest@samajwadiparty
सड़क पर बैठे कर दो सपा के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने दोनों कार्यकर्ताओं को पकड़ कर ईको गार्डन भेज दिया। महंगाई और शिक्षा को लेकर छात्र सभा के दो कार्यकर्ता अपनी नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन कर रहे थे.
@mediacellsp#Lucknow
लखनऊ हजरतगंज चौराहे पर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के समाजवादी पार्टी के छात्रों ने बूट पॉलिश प्रदर्शन किया। जूता पॉलिश करते हुए प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने शिक्षा नीति पर सवाल खड़े किया। पुलिस ने प्रदर्शन���ारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
लखनऊ मे बढ़ती हुई महंगाई और गलत शिक्षा नीतियों के विरोध मे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओ का ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन ,
बूट पोलिश करके सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन , पुलिस ने डीटेन किया ,