सवाल उठता है कि क्या FIR दाखिल हुआ? क्या जांच के बाद चार्जशीट दाखला हुआ? क्या वे बीफ रखने के दोषी पाए गए? घर गिराना यह किस ipc की सजा है?
पुरे न्यायिक प्रक्रिया को इस तरह बुलडोज़ करना पुरे देश के लिए ख़तरनाक और मानवता पर एक काला धब्बा है.
हाई कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए.
निज़ामुद्दीन मर्कज़ पर FIR कराने वाले, बिल्किस बानो और मुफ्ती सलमान अजहरी पर मुँह में दही जमाने वाले अरविंद केजरीवाल, दिल्ली दंगा हो या CAA आंदोलन कहीं पर भी नहीं दिखे थे, यहां तक के खुद के मुस्लिम पार्षद को तक निलंबित कर दिया, ऐसे #ArvindKejriwal से हमारे समाज का क्या वास्ता
कथित पाकिस्तान का नारा, 6 साल कैद तक 17 मुस्लिम लोगों को कैद और बाइज्ज़त बरी ?
कल्पना करिये कि केवल पाकिस्तान और भारत के दरमियान क्रिकेट मैच देखने से किसी का परिवार तबाह हो सकता है? सोचने की क्षमता से ये बात बड़ी अतार्किक लगेगी मगर हकीकत में मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के मोहद गांव के 17 परिवारों की जिंदगी कथित "पाकिस्तान के नारे" लगाने के झूठे आरोप ने बर्बाद कर दी है।
मध्य प्रदेश में राजधानी भोपाल से 30 किलोमीटर दूर एक आदर्श गांव है जिसका नाम है मोहद। 18 जून 2017 को लंदन में भारत के चैंपियन ट्रॉफी फाइनल में हारने के बाद, ग्रामीणों द्वारा पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने, मिठाइयाँ बाँटने और जश्न मनाते हुए पटाखे फोड़ने की अफवाह फैल गई।
पुलिस ने तत्काल आरोपियों पर राजद्रोह और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया। जब पुलिस को मामला बनाना असंभव लगा, तो उन्होंने राजद्रोह हटा दिया और विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना जोड़ दिया। पुलिस मामले पर कायम रही जबकि हिंदू शिकायतकर्ता सुभाष कोली सार्वजनिक रूप से कहता रहा कि उसने अपने गांव के मुस्लिम पुरुषों के खिलाफ ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया है।
मामला केवल आरोपों तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरी राइट विंग लॉबी और गोदी मीडिया के जॉम्बी "देशद्रोही" के लक़ब से इन बेगुनाह लोगों को दोषी साबित होने से पहले ही अपराधी बनाने पर उतारू हो चुके थे।
कांग्रेसी राजीव शुक्ला के चैनल न्यूज़ 24 के पत्रकार मानक गुप्ता तो इस मामले में ज्यादा ही उतावले नजर आ रहे थे। उनका बस चलता तो कोर्ट कचहरी को साइड कर खुद ही इन बेगुनाहों को फांसी के फंदे पर लटका देते।
पूरी स्टोरी मेरी वेबसाइट पर पढ़ और देख सकते हैं: https://t.co/BMBdgVQ7LB
@Jduonline कभी पूर्णिया सीमांचल का जायजा लीजिए
नगर निगम तो घोषित कर दिए है
लेकिन नगर निगम वाला कोई सुविधा नही
एक बारीश मे सड़क नाली बन जाता है क्यूंकि नाली है नही, कही है तो उसकी सालों से सफाई नही हुई है ।
घर घर पेयजल शहरी क्षेत्र मे एक ढिंढोरा है ।
@ProfNoorul बिहार की राजनीति मे चवनीं का फर्क़ नही पड़ेगा प्रोफेसर सहाब ।
पप्पू यादव एक थका हुआ फटा हुआ ढोल है।
बिहार मे जात से ज्यादा नशा धर्म का चढ़ गया है
तो आएगा तो मोदी ही वाली बात है।
मनोज तिवारी जी आप जनता को मूर्ख समझते हैं क्या?
क्या जनता आपके लिए भेड़-बकरी हो गई है कि राष्ट्रवाद के नाम पर जैसे चाहा हांक दिया?
आप कितनी ढिठाई से बता रहे हैं कि आपने जानता को कैसे मूर्ख बनाया!
जिस जनता ने आपको सांसद बनाया, आपने उसे मूर्ख बनाया.
@ManojTiwariMP@narendramodi
#LokSabhaElections2024
#ModiKaParivar
#nehasinghrathore
@Champarni_Tariq किससे मांग रहे 8 सीट RJD, काँग्रेस, से।
जो मुस्लिम लीडरशिप को समाप्त करने मे अहम भूमिका निभाई है। इफ्तार पार्टी और ईद मिलन का झुनझुना पकड़ा कर।
हमे दरियां बिछा ने वाला बना दिया।
यह मांगने का सिलसिला कब तक चलेगा?
हम खुद को कब इस क़ाबिल कब बनाए कि पार्टी खुद टिकट दे ?
अखिलेश काल: मुज़फ्फरनगर जेनोसाइड, ज़्याउल्हाक मर्डर, मसूरी मे दंगा, प्रतापगढ़ मे दंगा, स्टेज से मुस्लिमो को धक्का , पुलिस भर्ती मे यादवों को प्राथमिकता, मदरसा और वक्फ बोर्ड की बदहाली, मुस्लिमों को गाली देने वाले सुनील सिंह को पार्टी में लाना, VHP नेता डालमिया को राज्यसभा भेजना!!