यह मेरे आईने के पीछे गर तुम हो तो कह दो की तुम हो
तुम्हारे होने का सिर्फ ख़्वाब हो तो कह दो की ख़्वाब हो
मुझमें उम्मीद नहीं बची अब दिल-ए-राहत होगी नसीब
मेरा मिटता वजूद तेरी हाजरी होगी तो कह दो की तुम हो
~ सागर 💙
मेरा रोना या मुस्कुराना, मेरा लिखना या जिंदादिल होना मेरे तन्हा होने के आसार नहीं हो सकते |
मैं वो आदमी हूँ जो क़िताबों में से मोहब्बत जीना सीखा हुआ हैं |
~ सागर 🖤