तस्वीर सकारात्मक है
राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच नर्मदा अवार्ड से जुड़े दशकों से लंबित भुगतान संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए समझौता हुआ है। तस्वीर में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पटेल, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मौजूद हैं।
सभी राज्यों में भाजपा की सरकार है। संवाद, संस्कार, समन्वय वगैरह अच्छी चीजें जो भी हो सकती हैं, सब संभव हैं। ऊपर से सबके बीच समन्वय बिठाने के लिए अमित शाह खुद बैठे हैं। राज्यों के बीच बेहतरीन कोऑर्डिनेशन का इससे बेहतर समय तो पिछले वर्षों में नहीं आया होगा।
बीकानेर में चल रहा ‘खेजड़ी बचाओ आंदोलन’ को तीन दिन बीत चुके है खुले आसमान के नीचे, कड़ाके की सर्दी में 450 से अधिक लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं, जिनमें 29 संत, 68 महिलाएं और कई छोटे बच्चे शामिल हैं जिसमे से 17 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ चुकी है, हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि 75 बेड का अस्थायी अस्पताल महापड़ाव स्थल पर ही बनाना पड़ा है और कई अपने अपने घरों से ही इस आंदोलन को लेकर अनशन पर है लेकिन सरकार का अभी तक कोई ध्यान नहीं देना जनविरोधी मानसिकता को दर्शाता है, यह आंदोलन किसी निजी लाभ, पद या स्वार्थ के लिए नहीं है। यह लड़ाई थार की जीवनरेखा खेजड़ी को बचाने की है उस वृक्ष को बचाने की, जिसके लिए एक समय माता अमृता देवी विश्नोई जी सहित सैकड़ों लोगों ने बलिदान दिया था।
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ओर सरकार “एक पेड़ माँ के नाम” जैसे अभियान चलाती है, वहीं दूसरी ओर खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाने में इतने दिन लग रहे हैं। बीते वर्षों में लाखों पेड़ काटे जा चुके हैं क्या यही पर्यावरण संरक्षण है? यह महापड़ाव केवल बीकानेर का नहीं बल्कि पूरे राजस्थान का है, क्या विकास के नाम पर हमारी विरासत, पर्यावरण और भविष्य की बलि दी जाएगी? जीवनदाई वृक्षों को बचाने के इस आंदोलन में सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर इनकी भावनाओं के अनुरूप तुरंत समाधान करना चाहिए, सरकार में बैठे लोगों को इस आंदोलन की पैरवी करनी चाहिए और आंदोलनकर्ताओं एवं इनकी कमेटी की माँगों पर सहमति जतानी चाहिए मगर @RajGovOfficial का इस तरफ़ कोई ध्यान नहीं देना हठधर्मिता को दर्शाता है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी, हज़ारों लोग सर्दी में बैठे हैं, संत अनशन पर हैं, महिलाएँ और बच्चे संघर्ष कर रहे हैं सरकार की यह अनदेखी उचित नहीं हैं, सरकार को लाखों लोगों की इन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए खेजड़ी बचाओ आंदोलन की मांगों को तुरंत स्वीकार करे और पेड़ कटाई पर ठोस, स्थायी रोक लगाए।
मैं भी पर्यावरण प्रेमी #खेजड़ी_बचाओ
**जो पेड़ धूप में भी साया देता रहा,
आज उसी के वजूद पर आरी चली।
अगर आज हम खामोश रहे,
तो समझ लेना—कल हमारी नस्लों की सांसें भी कटीं।
बीकानेर की आवाज़ सिर्फ़ विरोध नहीं,
यह आने वाली पीढ़ियों की पुकार है।
बीकानेर के संघर्ष को सलाम! ✊🌳**
#WeWillSaveKhejari
#खेजड़ी_बचाओ
#SaveEnvironment
@Sanjay4India1@PMOIndia@HMOIndia
#खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव | बीकानेर
आज बीकानेर महापड़ाव स्थल पर 29 संत, 1 साध्वी तथा 68 मातृशक्ति व 439 पुरुषों के साथ कुल 537 लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं।
अन्य हज़ारों लोग साथ में महापड़ाव पर है।
दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई वार्ता या संवाद नहीं हुआ है।
सरकार के समक्ष हमारी दो स्पष्ट माँगें हैं।
१. सरकार खेजड़ी सुरक्षा अधिनियम लागू करने की निश्चित तिथि घोषित करे।
२.जब तक कानून विचाराधीन है, तब तक मुख्य सचिव द्वारा तत्काल सर्कुलर जारी कर यह निर्देश दिया जाए कि राज्य में खेजड़ी व अन्य हरे वृक्ष नहीं काटे जाएंगे।
यदि हमारी न्यायसंगत माँगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया और अनशनकारियों के साथ कोई अप्रिय स्थिति बनती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
कल आप सभी अधिक से अधिक संख्या में बीकानेर महापड़ाव पहुँचें।
जो बंधु घर पर हैं, वे एक दिन का व्रत रखकर सोशल मीडिया पर सक्रिय समर्थन देकर आंदोलन को सशक्त करें। यह आंदोलन एक जन आन्दोलन है । सभी की इसमें भागीदारी होनी चाहिये । @RajCMO@BhajanlalBjp@IgpBikaner
तिब्बत की महिला भी पहुंची धरना प्रदर्शन में..!
हमने सुना है कि यह प्रदर्शन पर्यावरण को लेकर तो उसके शामिल हुए..!
पिछले 3 तीन दिन से पर्यावरण संरक्षण के खेजड़ी की हो तो कटाई को रोकने के लिए धरने पर बैठे है लेकिन सरकार का अभी तक कोई निर्णय ना लेना
चिंता का विषय है
#खेजड़ी_बचाओ
"सिर सांटे, रूंख रहे, तो भी सस्तो जांण"
ये अमर वाक्य उस महान बलिदान की गवाही देता है, जब अमृता देवी बिश्नोई जी ने खेजड़ी की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए थे। उनके साथ 363 अन्य लोगों ने भी खेजड़ी वृक्षों को बचाने में अपने जीवन का बलिदान दिया था।
आज राजस्थान में उसी खेजड़ी को बचाने की पुकार एक बार फिर गूंज रही है। बीकानेर में प्रदेशभर से उमड़ा ये जनसैलाब पेड़ों की रक्षा, जीवन की सुरक्षा का संदेश दे रहा है।
भाजपा सरकार के कुशासन में विकास के नाम पर खेजड़ी के लाखों पेड़ों की कटाई एक भयावह पर्यावरणीय त्रासदी है। एक ओर सरकार जहां हरियाळो राजस्थान जैसे अभियान चलाकर खुद को पर्यावरण संरक्षण की प्रहरी का ढोंग कर रही है, वहीं दूसरी ओर हजारों साल पुराने रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ कहे जाने वाले खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई पर मौन बैठी है।
राज्य सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे का संज्ञान लेना चाहिए एवं पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए कठोर नीति लागू करनी चाहिए। @RajCMO
#खेजड़ी_बचाओ
मैक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया चेनबाम ने ट्रम्प को ऐसा जवाब दिया कि सुनने वालों को भी झटका लग गया।
"आपने दीवार बनाने की सोची, पर याद रखिए उस दीवार के उस पार 7 अरब लोग खड़े हैं। ये लोग iPhone छोड़कर सैमसंग या हुआवेई पकड़ लेंगे। Ford और Chevrolet की जगह Toyota, Kia, Honda चला लेंगे। Disney की जगह लैटिन अमेरिकी फिल्में देखेंगे और Nike की जगह मैक्सिकन Panam जूते पहनेंगे।
अगर इन 7 अरब उपभोक्ताओं ने अमेरिकी प्रोडक्ट्स लेना बंद कर दिया, तो आपकी अर्थव्यवस्था दीवार के अंदर ही ढह जाएगी। तब आप खुद आकर कहेंगे—'प्लीज़, ये दीवार हटा दो।'
हम ऐसा नहीं चाहते, लेकिन आपने दीवार मांगी, तो अब दीवार ही मिलेगी। बस याद रखिए, दुनिया बड़ी है और अमेरिका ही सबकुछ नहीं। #Trump #घोरकलजुग #Deportation