Revitalizing Public Primary Education in Vadodara: Bridging Gurukul Character with 21st Century Skills 📚
While thousands of parents across Gujarat navigate arbitrary private fee escalations and regulatory loopholes, our municipal primary school network managed by the NPSS
Public schools must transform into Modern Gurukuls—learning spaces rooted in mentorship, ethical discipline, and critical inquiry, while simultaneously empowering Gen Z and Gen Alpha students with modern digital literacy, practical problem-solving, and technology access.
लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi और मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को संयुक्त पत्र लिखकर जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई है।
Open-ended सवालों के जरिए जातियों की सही गिनती संभव नहीं है। एक ही जाति अलग-अलग नामों और उपजातियों में दर्ज हुई तो आंकड़े बिखरेंगे और सबसे बड़ा नुकसान OBC, अति पिछड़े और वंचित समुदायों को होगा।
हमारी मांग स्पष्ट है - मौजूदा प्रश्नावली रद्द हो, जातियों की प्रमाणित सूची के आधार पर नई प्रश्नावली बने और राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों व जनता से व्यापक परामर्श किया जाए।
तेलंगाना और बिहार के जाति सर्वेक्षणों की तरह, पहले से तैयार और प्रमाणित जाति सूची के आधार पर गणना इसका व्यावहारिक समाधान है।
जाति जनगणना सिर्फ होनी नहीं चाहिए,
सही भी होनी चाहिए।
जंतर मंतर पर हुए छात्रों के प्रोटेस्ट में जब रीढ़ विहीन मीडिया वाले भगाए जा रहे थे, माहौल एकदम संवेदनशील था
तब इन पत्रकारों ने काफी मजबूती से पूरे प्रोटेस्ट को कवर किया और छात्रों के हित की बात की।
1- अजीत अंजुम
2- राजीव रंजन
3- अभिनव पाण्डेय
4- श्याम मीरा सिंह
5- शमदीश भाटिया
6- काव्या कर्नाटक
7- प्रज्ञा मिश्रा
8- मेधा यादव
9- हर्ष यादव
10- तनुश्री पाण्डेय
और भी लोग होंगे जिन्होंने गुस्साई भीड़ में घुसकर अपनी पत्रकारिता दिखाई और बेहतरीन ग्राउंड रिपोर्टिंग किया।
सबसे बड़ी बात है कि इसमें से ज्यादातर लोग Independent Journalist हैं जो अपने यूट्यूब पर काम करते हैं। और
यही लोग असली पत्रकारिता को जिंदा रखे हुए हैं।
Check out my latest article: The Silent Architects: How India’s Government Schools Built a Nation (And Why They Are Under Siege) https://t.co/53NW5jNuPa via @LinkedIn
Rahul Gandhi didn't go to industrialist family wedding but attended the marriage function at a farmer's family in Haryana today. His bonding with ordinary people is truly remarkable.
@Vadcitypolice વાંસ તળાવ, વાઘોડિયા ડભોઇ રીંગ રોડ, ખાતે કોઈ ધાર્મિક ઉજવણી થઈ રહી છે, જેની પરવાનગી આપશ્રી ની કચેરી પાસે લીધી હશે.
આયોજકો દ્વારા વાંસ તળાવ ના કાંઠા નો ૧૦૦મીટર રોડ બંધ કરી દેવાતાં, પ્રજા ને ૧.૫ કિમી ફરીને જવું પડે છે. કૃપા કરી મદદ કરજો
"જેમ જીભ પર રાખેલા મધ કે ઝેરનો સ્વાદ ન લેવો અશક્ય છે, તેમ રાજાના (સરકારના) નાણાં સાથે કામ કરતા અધિકારી માટે તેમાંથી થોડું પણ ન ખાવું અશક્ય છે." - ચાણક્ય
जहाँ-जहाँ SIR, वहाँ-वहाँ वोट चोरी।
गुजरात में SIR के नाम पर जो कुछ किया जा रहा है, वह किसी भी तरह की प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है - यह सुनियोजित, संगठित और रणनीतिक वोट चोरी है।
सबसे चौंकाने वाली और ख़तरनाक बात यह है कि एक ही नाम से हज़ारों-हज़ार आपत्तियाँ दर्ज की गईं।
चुन-चुनकर ख़ास वर्गों और कांग्रेस समर्थक बूथों के वोट काटे गए। जहाँ BJP को हार दिखती है, वहाँ मतदाता ही सिस्टम से ग़ायब कर दिए जाते हैं।
यही पैटर्न आलंद में दिखा। यही राजुरा में हुआ। और अब वही ब्लूप्रिंट गुजरात, राजस्थान और हर उस राज्य में लागू किया जा रहा है जहाँ SIR थोपा गया है।
SIR को “एक व्यक्ति, एक वोट” के संवैधानिक अधिकार को ख़त्म करने के हथियार में बदल दिया गया है - ताकि जनता नहीं, BJP तय करे कि सत्ता में कौन रहेगा।
और सबसे गंभीर सच्चाई यह है कि चुनाव आयोग अब लोकतंत्र का रक्षक नहीं, बल्कि इस वोट चोरी की साज़िश का मुख्य सहभागी बन चुका है।