BIG ACCIDENT🚨अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया.टेक ऑफ करने के कुछ मिनट बाद ही प्लेन अहमदाबाद के मेडिकल कॉलेज के होस्टल बिल्डिंग पर गिर गया
इस विमान में 242 यात्री सवार सवार थे. यात्रियों में गुजरात के पूर्व CM विजय रूपानी भी सवार थे #crash#AirIndiaCrash
नारी मुक्तिदाता,ज्ञान के प्रतीक,अर्थशास्त्री,कानूनविद, संविधान के रचयिता,शोषित-वंचित समाज के उद्धारक,विश्वरत्न,बोधिसत्व,बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी के जन्मदिन पर कोटि-कोटि वंदन। आप सभी को अम्बेडकर जयंती की शुभकामनायें 💐💐🙏 शैलेश कुमार
@yadavakhilesh यह घटना #लखनऊ के #महिगवा थाने के #खतारी गाँव की बताई जा रही है सवाल ये है कि पुलिसके साथ बिना ड्रेस में लाल टी-शर्ट पहने हुए व्यक्ति पत्थर चला रहा है वो कौन है? क्या वो पत्थर चलाने गया है या फिर वो बिना वर्दी के पुलिस वाले हैं कौन बताएगा?
#लखनऊ#बाबासाहेब
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@JaikyYadav16 यह घटना #लखनऊ के #महिगवा थाने के #खतारी गाँव की बताई जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस प्रशासन के साथ बिना ड्रेस में लाल टी-शर्ट पहने हुए व्यक्ति पत्थर चला रहा है वो कौन है? क्या वो पत्थर चलाने गया है या फिर वो बिना वर्दी के पुलिस वाले हैं कौन बताएगा?
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यह घटना #लखनऊ के #महिगवा थाने के #खतारी गाँव की बताई जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस प्रशासन के साथ बिना ड्रेस में लाल टी-शर्ट पहने हुए व्यक्ति पत्थर चला रहा है वो कौन है? क्या वो पत्थर चलाने गया है या फिर वो बिना वर्दी के पुलिस वाले हैं कौन बताएगा?
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सरकार को बाबासाहेब से इतनी नफ़रत क्यों?
2015 में स��्ता में आने के बाद से मोदी सरकार ने बिना किसी सार्वजनिक आदेश या ठोस कारणदिए बाबासाहेब के नाम से दिए जा रहे पुरस्कार "डॉ. बी.आर. आम्बेडकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार” को बंद कर दिया है।
गौरतलब हो कि भारत सरकार ने बाबासाहेब के सम्मान में 1992 में "डॉ. बी.आर. आंबेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार” और वर्ष 1995 में "डॉ. बी.आर. आंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार" की शुरुआत की थी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकार���ता मंत्रालय द्वारा संचालित डॉ आम्बेडकर फाउंडेशन के द्वारा हर साल बाबासाहेब की जयंती के दिन 14 अप्रैल को ये पुरस्कार उन व्यक्तियों या संस्थाओं को दिए जाते थे जिन्होंने सामाजिक आंदोलन अथवा प्रकाशित लेखों या किताबों के जरिए सामाजिक समानता और वंचित समुदायों के उत्थान में असाधारण योगदान दिया हो।
इस योजना में "डॉ. बी.आर. आम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार" के तहत ₹15 लाख एवं प्रशस्ति पत्र, तथा ड���. बी.आर. आम्बेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार” के तहत ₹10 लाख और प्रशस्ति पत्र दिए जाते थे।
अफसोस नरेंद्र मोदी के ��ेतृत्व में सरकार बनते ही भारत सरकार ने 2015 में इस योजना को बंद कर दिया। अर्थात 2015 से 2025 तक आज यह किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को यह अवॉर्ड नहीं दिया गया।
हमारे मित्र @PkGollamudi जी ने RTI दायर करके आम्बेडकर फाउंडेशन से सवाल पूछा कि इस योजना को क्यों बंद किया गया, तो फाउंडेशन ने जवाब दिया कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर पुरस्कार को रद्द कर दिया गया है।
परंतु जब उनसे यह पूछा गया कि क्या इस संबंध में कोई सरकारी आदेश या सार्वजनिक सूचना जारी की गई है, तो फाउंडेशन ने इसका कोई जवाब नहीं दिया।
RTI Act के तहत तय समय सीमा में जवाब नहीं मिलने पर हमने इसे केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को अपील किया। आयोग में हमारी अपील स्वीकार किया और आम्बेडकर फाउंडेशन को 3 मार्च 2025 को सुनवाई के लिए तलब किया। सुनवाई से पहले फाउंडेशन ने कहा:
"डॉ. बी.आर. आम्बेडकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार (weaker sections के उत्थान के लिए) को पुनरावलोकन के बाद गृह म���त्रालय के गोपनीय कार्यालय ज्ञापन संख्या 5/1/2020-Public, दिनांक 03.10.2022 के अनुसार बंद कर दिया गया है।"
सोचिए, बाबासाहेब के नाम पर दिए जाने वाले पुरस्कारों को बंद करने का निर्णय “गोपनीय” है? क्या ये लोकतंत्र है? जिस योजना को स्वयं भारत सरकार ने ढिंढोरा शुरू किया था, आज वही भारत सरकार कह रही है कि योजना को बंद करने का निर्णय गोपनीय है। बाबासाहेब के नाम से शुरू की गई योजना राष्ट्रीय सुरक्षा अथवा दो देशों के बीच संबंधों का मामला नहीं है जो उसकी सूचना सार्वजनिक करने क�� confidential बताया जा रहा है।
चाहे प्रधानमंत्री या फिर गृह मंत्री अथवा अन्य विपक्षी नेता, हर साल नेताओं की तस्वीरें आती हैं जहां वे बाबासाहेब की मूर्ति के सामने खड़े होकर फूल माला चढ़ाते हैं। लेकिन जब बाबासाहेब की विरासत को बचाने का समय आता है तो सब चुप क्यों हो जाते हैं?
क्या यही है बाबासाहेब को श्रद्धांजलि? या फिर ये सिर्फ़ दलितों की आंखों में धूल झोंकना है? सरासर धोखा!
मैं भारत सरकार से निवेदन ���रता हूँ कि बाबासाहेब के सम्मान में शुरू की गई पुरस्कार योजना को फिर से शुरू किया जाए ताकि देश को 'समता मूलक समाज' बनाने की लड़ाई को और मजबूती से बल दिया जा सके। @HMOIndia @PMOIndia @narendramodi @AmitShah @NCSC_GoI @Mayawati @ikishormakwana @DrAmbedkarInte2