कैंसर की अंतिम स्टेज से जूझ रहे पिता को जब अहसास हुआ कि उनके पास अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है, तो उन्होंने अपने बेटे मंत्र को अपने पास बुलाया. उन्होंने बहुत ही प्यार और दुलार से अपने बेटे को समझाया कि उनके जाने के बाद उसे कैसे रहना है. पिता ने बेटे से कहा कि वह अपनी मां की हर बात सुने और कभी भी बदमाशी न करे. उन्होंने मासूम को समझाया कि अब परिवार की जिम्मेदारी और मां-बहनों का ख्याल रखने का वक्त उसका ही है.
वीडियो में पिता अपने मासूम बेटे का हौसला बढ़ाते नजर आ रहे हैं. जब बच्चा भावुक होने लगता है, तो पिता बड़े ही प्यार से उससे कहते हैं कि रोना नहीं है, तुम तो बहुत अच्छे और समझदार बच्चे हो ना. उन्होंने बेटे से रोने का वादा भी लिया ताकि उनके जाने के बाद बच्चा हिम्मत से काम ले सके. पिता की ये बातें सुनकर इंटरनेट पर हर कोई भावुक हो रहा है और इस पिता के जज्बे को सलाम कर रहा है.
उन्होंने अपने बेटे को साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी मां का ख्याल रखेगा और उनकी हर बात मानेगा. इसके साथ ही उन्होंने बेटे को याद दिलाया कि उसे अपनी दो छोटी बहनों का भी ध्यान रखना है और उनकी रक्षा करनी है. छोटी सी उम्र में बेटे को एक जिम्मेदार इंसान बनाने की यह कोशिश दिल छू लेने वाली है
@dineshdangi84 इतना भी नहीं बोलना चाहिए जिनके आशीर्वाद से आज जहां काबिज हैं यदि उसने हाथ की एक अंगुली भी उपर उठा ली है तो अर्श से फर्श पर आने में 1मिनट भी नहीं लगेगी वो भी ऐसे माहौल में जब विपक्षी लीडर ने आपके कुर्सी पर जो बुरी तरह नजर गड़ा रखी हो ऐसे समय
@ratanac81230688 ज्ञान को दुरुस्त करने की आवश्यकता है सस्ता नशा करके मत आया करो अशोक गहलोत जी विधायक दल की मीटिंग में मौजूद थे 92 विधायक मौजूद नहीं थे उन्हें मानेसर सरगना मंजूर नहीं था इसलिए नहीं थे