अगर 'द कश्मीर फाइल्स' जैसी फिल्में बिना रोक-टोक रिलीज़ हो सकती हैं, तो किसी दूसरी ऐतिहासिक या सामाजिक घटना पर बनी फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद क्यों?
लोकतंत्र में हर कहानी को तथ्यों और कानून के दायरे में सामने आने का अवसर मिलना चाहिए।
आजकल ट्रेंड चल रहा है इन जैसी यज़ीद की औलाद लगता हैं कि मुसलमान के खिलाफ जहरीली बातें करने से वह फेमस हो जाएंगे ऐसे कुत्ते की शक्ल वाली को करना चाहूंगा एक नंबर की सूअर जैसी है
Dear @DelhiPolice@NIA_India he is urging people to pick up arms and calls himself enthusiastic journalist. SC guidelines mandates action on hate speech without FIR. If you don’t act, you are in contempt.