'11,000 में दम नहीं... 60,000 से कम नहीं'
- ये नारे प्रयागराज में वे बेरोजगार युवा लगा रहे हैं, जो प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे हैं
8 साल बीत गए, लेकिन यूपी में भर्ती नहीं आई। जब भी युवा सवाल पूछते हैं तो शिक्षा मंत्री 'शिक्षक-छात्र' अनुपात समान है कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
यूपी में स्कूलों और शिक्षा की हालत किसी से छिपी नहीं हैं, लेकिन BJP सरकार को न बच्चों की चिंता है, न ही युवाओं की।
चिंता होगी भी कैसे- दिनभर जुमलेबाजी करने से फुर्सत मिले तब ना...
एक तरफ 11,508 नगरीय पद, दूसरी तरफ 48,883 ग्रामीण पद—
तो फिर दोनों को अलग-अलग क्यों?
युवाओं की वर्षों की प्रतीक्षा को देखते हुए दोनों को जोड़कर लगभग 60,000 प्राथमिक शिक्षक पदों पर एक संयुक्त विज्ञापन जारी किया जाए।
एक भर्ती, एक विज्ञापन, हजारों परिवारों के भविष्य को नई दिशा।
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#UPPRT_नगरीय_ग्रामीण_एक_साथ_दो
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन आए 8 वर्ष बीत चुके हैं।
जब 27,713 न्यायालय आदेशित पद + 51,112 शपथपत्र में घोषित पद + 8 वर्षों में 40,000+ सेवानिवृत्त पद मिलाकर 1 लाख से अधिक पदों की आवश्यकता है, और 2020 से 2025 तक की PAB रिपोर्ट भी लगातार बड़ी संख्या में रिक्त पदों की पुष्टि करती है, तो फिर भर्ती में इतनी देरी क्यों?
हम सरकार से विनम्र आग्रह करते हैं कि नगरीय एवं ग्रामीण पदों को मिलाकर कम से कम 1 लाख प्राथमिक शिक्षक भर्ती का संयुक्त विज्ञापन तत्काल जारी किया जाए।
शिक्षक होंगे तभी शिक्षा मजबूत होगी, और युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा।
#UP_एक_लाख_शिक्षक_भर्ती
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@Samajwadi_AK Himanshi mam ki youtube playlist se hi hmne tet ctet pass kiye hain..aise Anjana jaise chapri tv star ko defend krna itna bhi jaruri nahi..