@souravreporter2 इसमें कुछ छूट गया है जैसे:
MLA
MLC
MP (Lok Sabha, Rajya Sabha)
Ministers
CM
PM
Governor
Vice President
President
HC Justice
SC Justice
Mukhiya
Sarpanch
Pramukh
Zila Parishad
Ward Member
Panchayat Samiti
Contractor
Broker
Smuggler
Mafia, etc.
@GarimaBharti19 इस हमाम में सब नंगे हैं। हमारे यहां पहले झोला छाप डॉक्टर हुआ करते थे। अब ये झोला छाप शिक्षक हैं। जैसे मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया डॉक्टर को प्रेक्टिस करने के लिए सर्टिफाइ करती है वैसे ही एक एजुकेशन काउंसिल ऑफ इंडिया बने जो शिक्षकों को प्राइवेट ट्यूशन के लिए सर्टिफाइ करें।
जितने भी स्वघोषित 'सर' हैं हमलोगों को उन्हें सर कहना बंद कर देना चाहिए।
#KhanSir (Faisal Khan)
#DearSir (Mohammed Kashif)
#RahmanSir (Motiur Rahman)
ये लोग अपने नाम के आगे ऐसे 'सर' लगा रखे हैं मानो अंग्रेजों से इन्हें Knighthood की उपाधि मिली हो।
यह शिक्षा के नाम पर गोरखधंधा है।
@anuranjanj खान जैसे 'हकीम' शिक्षक बिहार में ही स्वघोषित 'सर' बन सकता है। इतनी ही काबिलियत है तो कोटा और दिल्ली जैसे शहरों में अपना एक ब्रांच खोल के दिखाए। कहावत है जहां कोई वनस्पति न हो वहां अरंडी का पेड़ भी विशाल वृक्ष कहलाता है। साथ ही ये भी बता दूं अंजना ओम कश्यप भी एक घटिया पत्रकार है।
@bhelari1 बिहार की राजनीतिक बिरादरी सत्ता पाने के लिए पहले लठैतों और बाहुबलियों से सांठगांठ करते थे। अब वही बाहुबली जब राजनेता बन गये तो सत्ता में बने रहने के लिए चाटुकार और दलाल पत्रकारों का सहारा ले रहे हैं।
@PrashantKishor को बांकीपुर का उपचुनाव लड़ना चाहिए
हतो वा प्राप्यसि स्वर्गम् जित्वा वा भोक्ष्यसे महिम्। तस्मात् उत्तिष्ठ कौन्तेय युद्धाय कृतनिश्चय।। (अर्थ: यदि तुम (अर्जुन) युद्ध में वीरगति को प्राप्त होते हो तो तुम्हें स्वर्ग मिलेगा और यदि विजयी होते हो तो धरती के सुख को भोगोगे)
एक बिहारी की हत्या उसकी पहचान बता कर देश की राजधानी दिल्ली में कर दी गई।
आपने बिहार के सत्ता पक्ष के सीएम डिप्टी सीएम केंद्रीय मंत्री या दूसरे नेताओं को इस परिवार के प्रति संवेदना दिखाते देखा। कहते सुना कि वह बिहारी के साथ हैं।
आपने विपक्ष के किसी नेता को इस मुद्दे पर बताने की कोशिश की कि यह होना कितना ग़लत है।
किसी बिहार के सेलिब्रेटी को अपने सुना? नहीं सुना
दरअसल बिहार के ये बड़े लोग ख़ुद आम बिहारी से जुड़ने में मानों अपनी तौहीन समझते हैं।
इन्हें नार्थ ईस्ट या बाक़ी दूसरे जगहों के राजनेताओं से सीखनी चाहिए कि दुख के समय अपने लोगों के साथ कैसे खड़ा हुआ जाता है!
@GarimaBharti19 Education is not a criterion to become a CM or MLA, MP, PM, etc. in India. In Bihar, caste has become the most important qualification for such positions. And of course the art of hoodwinking the people into choosing a worthless fellow as their leader!
सुप्रीम कोर्ट ने जन सुराज की याचिका पर सुनवाई से मना कर दिया। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द करने की मांग की थी।
लेकिन CJI ने जो टिप्पणी की, वह गैरजरुरी थी। CJI ने याचिका पर सवाल उठाते हुए कहा: आपकी पार्टी को कितने वोट मिले? जनता ने आपको नकार दिया है और फिर आप लोकप्रियता हासिल करने के लिए जूडिशियल फोरम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसी को लेकर @AmicusRaj के साथ हुई ये बातचीत सुनिए। @jansuraajonline
@souravreporter2 हारने के बाद सभी पार्टियों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की संख्या में गिरावट स्वाभाविक है। @jansuraajonline को क्यों single out कर रहे हैं? कहां गए बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद, उसके नेता तेजस्वी यादव और उनके समर्थक? चुनावी सरगर्मी और अन्य दिनों में कुछ फर्क तो होता ही है न!
बिहार चुनाव के बाद...प्रशांत किशोर और बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू के बीच दो बार मुलाकात हुई फिर कृष्णा अल्लावरू ने प्रशांत किशोर को केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कराया और उसके बाद प्रशांत किशोर और प्रियंका गांधी के बीच 10 जनपथ में मुलाकात हुई!
#PrashantKishor
@PrashantKishor will contest his first election in 2029 for Lok Sabha on #Congress ticket: My prediction. Keep it for record. I'm not going to leave anything if my prediction goes wrong.
Centre and Parliament, has time and again, sent very clear reminders to Biharis of, where and how they belong in India?!
If we are not waking up to these clarion calls and expect such prejudiced minds in seats of power, to help Bihar upturn its poor fortune. God save us
Dear @PrashantKishor : I want to congratulate you, as a fellow Bihari who cares for his state of Bihar, for being bold and gutsy enough to launch a political party and hit the grassroots, and provide an alternative political idea to change the lives of the people of Bihar.
Irrespective of the election results, a great effort by Jan Suraaj Party. I hope you stay the rough course. Indian politics needs more competitive experimentations. You must treat this as a semi-finals.
Good luck!
मेरा अपना मानना है कि प्रशांत किशोर को राजनीति नहीं छोड़नी चाहिए। बिहार को प्रशांत किशोर जैसे सोच वाले नेताओं की जरूरत है। प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी इस चुनाव में वोट के स्तर पर भले कुछ नहीं कर पाया हो, उनकी मौजूदगी की वजह से शिक्षा , रोजगार, पलायन जैसे ज़रूरी मुद्दों पर चर्चा जरूर हुई है।
इसलिए @PrashantKishor और उनकी पार्टी@jansuraajonline को प्रयास करते रहना चाहिए। शुभकामनाएं।