थाना सीमापुरी की कलंदर कॉलोनी में अवैध शराब और स्मैक के कारोबार का भंडाफोड़; स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल।
नई दिल्ली: राजधानी के उत्तर-पूर्वी जिले के संवेदनशील क्षेत्र थाना सीमापुरी के अंतर्गत आने वाली कलंदर कॉलोनी (बीट नं. 02) में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इलाके के प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर के पास घनी आबादी के बीच अवैध गतिविधियों का एक बड़ा जाल फैल चुका है, जहाँ खुलेआम जुआ, अवैध जहरीली शराब और स्मैक का कारोबार परोसा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों में इस अवैध धंधे के कारण भारी रोष और असुरक्षा का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलंदर कॉलोनी स्थित रिंकी के मकान में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का संचालन किया जा रहा है। इस अवैध कारोबार के संचालन के पीछे मुख्य रूप से रिंकी का नामक नाम सामने आया हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शाम ढलते ही इस मकान और इसके आसपास संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों का तांता लग जाता है। विशेषकर गौरी शंकर मंदिर के पास इस प्रकार की गतिविधियां चलने से आसपास के धार्मिक स्थल की पवित्रता और क्षेत्र के पारिवारिक माहौल पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है।
अवैध शराब के साथ-साथ इस क्षेत्र में नशीले पदार्थों का कारोबार भी चरम पर है। सूत्रों के मुताबिक, छोटा राहुल नामक व्यक्ति द्वारा इलाके में खुलेआम और धड़ल्ले से स्मैक की बिक्री की जा रही है, जिससे युवा पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में बर्बाद हो रही है।
इन तमाम अवैध गतिविधियों के बीच सबसे संवेदनशील पहलू स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर है। चर्चाओं और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे खेल में बीट ऑफिसर परवेश की भूमिका बेहद संदिग्ध बताई जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि कथित तौर पर बीट ऑफिसर की अनदेखी या उनकी 'छत्रछाया' के बिना घनी आबादी वाले इस रिहायशी क्षेत्र में इस स्तर पर अवैध कारोबार चलना असंभव है। इस प्रकार की कथित मिलीभगत और लापरवाही ने दिल्ली पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर कई बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
मंदिर के पास और रिहायशी इलाकों में इस तरह के अवैध धंधों के फलने-फूलने से स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि इससे इलाके का सामाजिक ताना-बाना बिगड़ रहा है और बच्चों व युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
क्षेत्र की जनता ने दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारियों से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने, नामजद आरोपियों रिंकी और छोटा राहुल) के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा संलिप्त पाए जाने वाले बीट ऑफिसर व अन्य पुलिसकर्मियों पर भी सख्त विभागीय जांच बिठाने की पुरजोर मांग की है।
अब देखना यह होगा कि इस सनसनीखेज खुलासे और गंभीर आरोपों के बाद जिला पुलिस प्रशासन व वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में क्या त्वरित और ठोस कदम उठाते हैं।
@DCP_SHAHDARA@SHOSeemaPuriDL@CPDelhi@DelhiPolice@CrimeBranchDP@vksaxena21@dgovcbic@DelhiZone_NCB@narcoticsbureau@LtGovDelhi@DelhiGovDigital संबंधित अधिकारी हेतु मामले की गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
नंदनगरी में फल-फूल रहा ज्योति का अवैध कारोबार, डीसीपी की कार्रवाई के बावजूद हौसले बुलंद।
नई दिल्ली / नंदनगरी
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के थाना नंदनगरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ए-ब्लॉक में कानून और व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक महिला द्वारा सट्टे और अवैध जहरीली शराब का काला कारोबार बेखौफ चलाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस अवैध धंधे को संचालित करने वाली ज्योति नामक महिला 'स्टेट आउट' (जिला बदर या निगरानी सूची से जुड़ी) बताई जा रही है, इसके बावजूद स्थानीय पुलिस और बीट ऑफिसर जितेन्दर की कथित मिलीभगत और 'छत्रछाया' के कारण यह गोरखधंधा दिन-दूनी रात-चौगुनी तरक्की कर रहा है।
डीसीपी की कड़ी कार्रवाई के बाद भी नहीं सुधरे हालात
गौरतलब है कि कुछ समय पहले इसी महिला की अवैध गतिविधियों और क्षेत्र में लगातार पनप रहे अपराधों के चलते जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की थी। उस दौरान कई बीट ऑफिसर भी जांच के घेरे में आए थे और उन पर प्रशासनिक गाज गिरी थी। जनता के मन में यह सवालिया निशान खड़ा हो गया है कि आखिर इतनी बड़ी विभागीय कार्रवाई और उच्च अधिकारियों के कड़े निर्देशों के बावजूद इस महिला और इसके संरक्षकों को हर बार कैसे छुटकारा मिल जाता है?
स्थानीय लोगों में आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल
क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि एक तरफ दिल्ली पुलिस अपराध मुक्त समाज और अवैध शराब-सट्टे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ थाने के ही कुछ नुमाइंदे अपनी जेबें भरने के लिए इन अपराधियों को खुली छूट दे रहे हैं।
जहरीली शराब के अवैध कारोबार से कभी भी कोई बड़ा हादसा या जनहानि हो सकती है।
सट्टे के काले कारोबार के कारण क्षेत्र के युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
एक 'स्टेट आउट' महिला का इस तरह खुलेआम घर से अवैध धंधा चलाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, अवैध कारोबार को संरक्षण देने वाले बीट ऑफिसर जितेन्दर और अन्य संलिप्त कर्मियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का इकबाल कायम हो सके और क्षेत्र को इस अवैध जहर के कारोबार से मुक्ति मिल सके।
@DCPNEastDelhi@NNagri60662@NagriSho@CPDelhi@CrimeBranchDP@DelhiPolice@LtGovDelhi@govt_delhi
नंदनगरी में फल-फूल रहा ज्योति का अवैध कारोबार, डीसीपी की कार्रवाई के बावजूद हौसले बुलंद।
नई दिल्ली / नंदनगरी
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के थाना नंदनगरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ए-ब्लॉक में कानून और व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक महिला द्वारा सट्टे और अवैध जहरीली शराब का काला कारोबार बेखौफ चलाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस अवैध धंधे को संचालित करने वाली ज्योति नामक महिला 'स्टेट आउट' (जिला बदर या निगरानी सूची से जुड़ी) बताई जा रही है, इसके बावजूद स्थानीय पुलिस और बीट ऑफिसर जितेन्दर की कथित मिलीभगत और 'छत्रछाया' के कारण यह गोरखधंधा दिन-दूनी रात-चौगुनी तरक्की कर रहा है।
डीसीपी की कड़ी कार्रवाई के बाद भी नहीं सुधरे हालात
गौरतलब है कि कुछ समय पहले इसी महिला की अवैध गतिविधियों और क्षेत्र में लगातार पनप रहे अपराधों के चलते जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की थी। उस दौरान कई बीट ऑफिसर भी जांच के घेरे में आए थे और उन पर प्रशासनिक गाज गिरी थी। जनता के मन में यह सवालिया निशान खड़ा हो गया है कि आखिर इतनी बड़ी विभागीय कार्रवाई और उच्च अधिकारियों के कड़े निर्देशों के बावजूद इस महिला और इसके संरक्षकों को हर बार कैसे छुटकारा मिल जाता है?
स्थानीय लोगों में आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल
क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि एक तरफ दिल्ली पुलिस अपराध मुक्त समाज और अवैध शराब-सट्टे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ थाने के ही कुछ नुमाइंदे अपनी जेबें भरने के लिए इन अपराधियों को खुली छूट दे रहे हैं।
जहरीली शराब के अवैध कारोबार से कभी भी कोई बड़ा हादसा या जनहानि हो सकती है।
सट्टे के काले कारोबार के कारण क्षेत्र के युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
एक 'स्टेट आउट' महिला का इस तरह खुलेआम घर से अवैध धंधा चलाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, अवैध कारोबार को संरक्षण देने वाले बीट ऑफिसर जितेन्दर और अन्य संलिप्त कर्मियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का इकबाल कायम हो सके और क्षेत्र को इस अवैध जहर के कारोबार से मुक्ति मिल सके।
@DCPNEastDelhi@NNagri60662@NagriSho@CPDelhi@CrimeBranchDP@DelhiPolice@LtGovDelhi@govt_delhi
दिल्ली का सीमापुरी थाना क्षेत्र बना अवैध गतिविधियों का अड्डा: सट्टा और 'चिड़िया-कबूतर' का खेल, पुलिस संरक्षण पर उठ रहे गंभीर सवाल।
सीमापुरी, दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र आने वाला दिल्ली का सीमापुरी थाना क्षेत्र इन दिनों गंभीर आपराधिक और अवैध गतिविधियों का खुला अड्डा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों और सूत्रों से मिल रही जानकारियों के मुताबिक, इलाके में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए बड़े पैमाने पर अवैध सट्टा और जुए का कारोबार फल-फूल रहा है।
बी-ब्लॉक और पुरानी सब्जी मंडी बना जुए का मुख्य केंद्र
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीमापुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पुरानी सीमापुरी सब्ज़ी मंडी और बी-ब्लॉक में इन दिनों सट्टा और ‘चिड़िया-कबूतर’ जैसे अवैध जुए का धंधा पूरी तरह बेखौफ चल रहा है। यहां रोजाना अवैध गतिविधियों का संचालन होता है, जिससे स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं का भविष्य अधर में लटकता जा रहा है। खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार के कारण क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है और लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
महिला सरगना 'कमलेश' संभाल रही है काले कारोबार की कमान
सूत्रों से मिली पुख्ता खबर के अनुसार, इस पूरे अवैध नेटवर्क की मास्टरमाइंड एक महिला सरगना है, जिसकी पहचान 'कमलेश' के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कमलेश इस काले कारोबार की पूरी कमान अपने हाथों में संभाले हुए है और उसके इशारे पर पूरे इलाके में सट्टे का जाल फैला हुआ है। इस अवैध धंधे से होने वाली काली कमाई के बल पर इलाके में उसका दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम नागरिक उसके खिलाफ खुलकर बोलने से कतराते हैं।
स्थानीय पुलिस और बीट ऑफिसर की भूमिका पर गंभीर सवाल,
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली और गंभीर बात यह है कि यह अवैध साम्राज्य किसी डर या खौफ के बिना, बल्कि स्थानीय पुलिस और विशेष तौर पर बीट ऑफिसर आदेश के भरपूर आशीर्वाद और संरक्षण में फल-फूल रहा है।
आरोप है कि बीट ऑफिसर की कथित मिलीभगत और संरक्षण के चलते ही इन अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कानून की परवाह किए बिना धड़ल्ले से अपना अवैध साम्राज्य चला रहे हैं। यदि समय रहते इस गठजोड़ को नहीं तोड़ा गया, तो यह क्षेत्र अपराधियों की शरणस्थली बन सकता है।
स्थानीय जनता की मांग
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और पीड़ित लोगों ने दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों (डीसीपी और पुलिस आयुक्त) से मांग की है कि इस मामले का तुरंत कड़ा संज्ञान लिया जाए। लोगों ने मांग की है कि:
पुरानी सीमापुरी सब्ज़ी मंडी और बी-ब्लॉक में चल रहे सट्टे और 'चिड़िया-कबूतर' के खेल पर तत्काल छापा मारकर रोक लगाई जाए।अवैध धंधे की सरगना महिला कमलेश व जुड़े गुर्गो को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण देने वाले बीट ऑफिसर आदेश और संलिप्त अन्य पुलिसकर्मियों की उच्चस्तरीय जांच कराकर उनके खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
@DCP_SHAHDARA@SHOSeemaPuriDL@CPDelhi@DelhiPolice@CrimeBranchDP@vksaxena21@dgovcbic@DelhiZone_NCB@narcoticsbureau@LtGovDelhi@DelhiGovDigital संबंधित अधिकारी हेतु मामले की गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
दिल्ली का सीमापुरी थाना क्षेत्र बना अवैध गतिविधियों का अड्डा: सट्टा और 'चिड़िया-कबूतर' का खेल, पुलिस संरक्षण पर उठ रहे गंभीर सवाल।
सीमापुरी, दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र आने वाला दिल्ली का सीमापुरी थाना क्षेत्र इन दिनों गंभीर आपराधिक और अवैध गतिविधियों का खुला अड्डा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों और सूत्रों से मिल रही जानकारियों के मुताबिक, इलाके में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए बड़े पैमाने पर अवैध सट्टा और जुए का कारोबार फल-फूल रहा है।
बी-ब्लॉक और पुरानी सब्जी मंडी बना जुए का मुख्य केंद्र
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीमापुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पुरानी सीमापुरी सब्ज़ी मंडी और बी-ब्लॉक में इन दिनों सट्टा और ‘चिड़िया-कबूतर’ जैसे अवैध जुए का धंधा पूरी तरह बेखौफ चल रहा है। यहां रोजाना अवैध गतिविधियों का संचालन होता है, जिससे स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं का भविष्य अधर में लटकता जा रहा है। खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार के कारण क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है और लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
महिला सरगना 'कमलेश' संभाल रही है काले कारोबार की कमान
सूत्रों से मिली पुख्ता खबर के अनुसार, इस पूरे अवैध नेटवर्क की मास्टरमाइंड एक महिला सरगना है, जिसकी पहचान 'कमलेश' के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कमलेश इस काले कारोबार की पूरी कमान अपने हाथों में संभाले हुए है और उसके इशारे पर पूरे इलाके में सट्टे का जाल फैला हुआ है। इस अवैध धंधे से होने वाली काली कमाई के बल पर इलाके में उसका दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम नागरिक उसके खिलाफ खुलकर बोलने से कतराते हैं।
स्थानीय पुलिस और बीट ऑफिसर की भूमिका पर गंभीर सवाल,
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली और गंभीर बात यह है कि यह अवैध साम्राज्य किसी डर या खौफ के बिना, बल्कि स्थानीय पुलिस और विशेष तौर पर बीट ऑफिसर आदेश के भरपूर आशीर्वाद और संरक्षण में फल-फूल रहा है।
आरोप है कि बीट ऑफिसर की कथित मिलीभगत और संरक्षण के चलते ही इन अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कानून की परवाह किए बिना धड़ल्ले से अपना अवैध साम्राज्य चला रहे हैं। यदि समय रहते इस गठजोड़ को नहीं तोड़ा गया, तो यह क्षेत्र अपराधियों की शरणस्थली बन सकता है।
स्थानीय जनता की मांग
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और पीड़ित लोगों ने दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों (डीसीपी और पुलिस आयुक्त) से मांग की है कि इस मामले का तुरंत कड़ा संज्ञान लिया जाए। लोगों ने मांग की है कि:
पुरानी सीमापुरी सब्ज़ी मंडी और बी-ब्लॉक में चल रहे सट्टे और 'चिड़िया-कबूतर' के खेल पर तत्काल छापा मारकर रोक लगाई जाए।अवैध धंधे की सरगना महिला कमलेश व जुड़े गुर्गो को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण देने वाले बीट ऑफिसर आदेश और संलिप्त अन्य पुलिसकर्मियों की उच्चस्तरीय जांच कराकर उनके खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
@DCP_SHAHDARA@SHOSeemaPuriDL@CPDelhi@DelhiPolice@CrimeBranchDP@vksaxena21@dgovcbic@DelhiZone_NCB@narcoticsbureau@LtGovDelhi@DelhiGovDigital संबंधित अधिकारी हेतु मामले की गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
थाना सीमापुरी की कलंदर कॉलोनी में अवैध शराब और स्मैक के कारोबार का भंडाफोड़; स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल।
नई दिल्ली: राजधानी के उत्तर-पूर्वी जिले के संवेदनशील क्षेत्र थाना सीमापुरी के अंतर्गत आने वाली कलंदर कॉलोनी (बीट नं. 02) में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इलाके के प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर के पास घनी आबादी के बीच अवैध गतिविधियों का एक बड़ा जाल फैल चुका है, जहाँ खुलेआम जुआ, अवैध जहरीली शराब और स्मैक का कारोबार परोसा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों में इस अवैध धंधे के कारण भारी रोष और असुरक्षा का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलंदर कॉलोनी स्थित रिंकी के मकान में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का संचालन किया जा रहा है। इस अवैध कारोबार के संचालन के पीछे मुख्य रूप से रिंकी का नामक नाम सामने आया हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शाम ढलते ही इस मकान और इसके आसपास संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों का तांता लग जाता है। विशेषकर गौरी शंकर मंदिर के पास इस प्रकार की गतिविधियां चलने से आसपास के धार्मिक स्थल की पवित्रता और क्षेत्र के पारिवारिक माहौल पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है।
अवैध शराब के साथ-साथ इस क्षेत्र में नशीले पदार्थों का कारोबार भी चरम पर है। सूत्रों के मुताबिक, छोटा राहुल नामक व्यक्ति द्वारा इलाके में खुलेआम और धड़ल्ले से स्मैक की बिक्री की जा रही है, जिससे युवा पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में बर्बाद हो रही है।
इन तमाम अवैध गतिविधियों के बीच सबसे संवेदनशील पहलू स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर है। चर्चाओं और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे खेल में बीट ऑफिसर परवेश की भूमिका बेहद संदिग्ध बताई जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि कथित तौर पर बीट ऑफिसर की अनदेखी या उनकी 'छत्रछाया' के बिना घनी आबादी वाले इस रिहायशी क्षेत्र में इस स्तर पर अवैध कारोबार चलना असंभव है। इस प्रकार की कथित मिलीभगत और लापरवाही ने दिल्ली पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर कई बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
मंदिर के पास और रिहायशी इलाकों में इस तरह के अवैध धंधों के फलने-फूलने से स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि इससे इलाके का सामाजिक ताना-बाना बिगड़ रहा है और बच्चों व युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
क्षेत्र की जनता ने दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारियों से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने, नामजद आरोपियों रिंकी और छोटा राहुल) के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा संलिप्त पाए जाने वाले बीट ऑफिसर व अन्य पुलिसकर्मियों पर भी सख्त विभागीय जांच बिठाने की पुरजोर मांग की है।
अब देखना यह होगा कि इस सनसनीखेज खुलासे और गंभीर आरोपों के बाद जिला पुलिस प्रशासन व वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में क्या त्वरित और ठोस कदम उठाते हैं।
@DCP_SHAHDARA@SHOSeemaPuriDL@CPDelhi@DelhiPolice@CrimeBranchDP@vksaxena21@dgovcbic@DelhiZone_NCB@narcoticsbureau@LtGovDelhi@DelhiGovDigital संबंधित अधिकारी हेतु मामले की गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
थाना खजूरी खास क्षेत्र के न्यू बीकानेर के पास अवैध रूप से संचालित OYO होटल का भंडाफोड़: नाबालिगों की एंट्री और अवैध रूप से दो मंजिलें चलाने के गंभीर आरोप।
नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के थाना खजूरी खास इलाके से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, क्षेत्र में 'न्यू बीकानेर' के ठीक बराबर में एक OYO होटल का संचालन किया जा रहा है, जहाँ नियमों को ताक पर रखकर कथित तौर पर अवैध गतिविधियां और भारी पैमाने पर अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस OYO होटल के पास केवल एक मंजिल फर्स्ट फ्लोर पहली मंजिल का वैध रजिस्ट्रेशन है, जबकि धड़ल्ले से इसके ऊपर दो और मंजिलें बिना किसी आधिकारिक रजिस्ट्रेशन और अनुमति के अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं।
होटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप हैं कि यहाँ आने वाले ग्राहकों से मात्र एक घंटे के हिसाब से 700 रुपये तक की भारी रकम वसूली जा रही है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यहाँ नाबालिग जोड़ों (Minor Couples) को भी आसानी से एंट्री दिए जाने की सूचना मिली है, जो कानूनन बाल संरक्षण और सुरक्षा के नियमों का खुला उल्लंघन है।
इतना ही नहीं, इस पूरे अवैध खेल को लेकर स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोरों पर है कि इस OYO होटल को स्थानीय बीट ऑफिसरों की कथित 'छत्रछाया' और संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि तमाम अनियमिताओं और अवैध गतिविधियों के बावजूद अब तक इस पर कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय नागरिकों में आक्रोश
इस अवैध संचालन और नाबालिगों की बढ़ती आवाजाही को लेकर स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि इस तरह के होटलों से इलाके का माहौल खराब हो रहा है और युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर जा रही है।
इस संवेदनशील मामले ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। अब देखना यह होगा कि इस सनसनीखेज खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस और संबंधित विभाग इस अवैध OYO होटल और इसके संरक्षकों के खिलाफ क्या और कब तक कड़ी कार्रवाई अमल में लाते हैं।
@DCPNEastDelhi@rakeshsi1974@AcpKhajuri@DelhiPolice@CrimeBranchDP@vksaxena21@dgovcbic@DelhiZone_NCB@riteshagar@CPDelhi@JointCPSR@JointCP_ER@LtGovDelhi@DelhiGovDigital
संबंधित अधिकारी हेतु मामले की गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
थाना खजूरी खास क्षेत्र के न्यू बीकानेर के पास अवैध रूप से संचालित OYO होटल का भंडाफोड़: नाबालिगों की एंट्री और अवैध रूप से दो मंजिलें चलाने के गंभीर आरोप।
नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के थाना खजूरी खास इलाके से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, क्षेत्र में 'न्यू बीकानेर' के ठीक बराबर में एक OYO होटल का संचालन किया जा रहा है, जहाँ नियमों को ताक पर रखकर कथित तौर पर अवैध गतिविधियां और भारी पैमाने पर अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस OYO होटल के पास केवल एक मंजिल फर्स्ट फ्लोर पहली मंजिल का वैध रजिस्ट्रेशन है, जबकि धड़ल्ले से इसके ऊपर दो और मंजिलें बिना किसी आधिकारिक रजिस्ट्रेशन और अनुमति के अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं।
होटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप हैं कि यहाँ आने वाले ग्राहकों से मात्र एक घंटे के हिसाब से 700 रुपये तक की भारी रकम वसूली जा रही है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यहाँ नाबालिग जोड़ों (Minor Couples) को भी आसानी से एंट्री दिए जाने की सूचना मिली है, जो कानूनन बाल संरक्षण और सुरक्षा के नियमों का खुला उल्लंघन है।
इतना ही नहीं, इस पूरे अवैध खेल को लेकर स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोरों पर है कि इस OYO होटल को स्थानीय बीट ऑफिसरों की कथित 'छत्रछाया' और संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि तमाम अनियमिताओं और अवैध गतिविधियों के बावजूद अब तक इस पर कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय नागरिकों में आक्रोश
इस अवैध संचालन और नाबालिगों की बढ़ती आवाजाही को लेकर स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि इस तरह के होटलों से इलाके का माहौल खराब हो रहा है और युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर जा रही है।
इस संवेदनशील मामले ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। अब देखना यह होगा कि इस सनसनीखेज खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस और संबंधित विभाग इस अवैध OYO होटल और इसके संरक्षकों के खिलाफ क्या और कब तक कड़ी कार्रवाई अमल में लाते हैं।
@DCPNEastDelhi@rakeshsi1974@AcpKhajuri@DelhiPolice@CrimeBranchDP@vksaxena21@dgovcbic@DelhiZone_NCB@riteshagar@CPDelhi@JointCPSR@JointCP_ER@LtGovDelhi@DelhiGovDigital
संबंधित अधिकारी हेतु मामले की गहनता से जांच कर कार्यवाही के संदर्भ में।
शास्त्री पार्क में अवैध डग्गामार बसों का बोलबाला: बिना कागजात के सामान की लोडिंग और यातायात नियमों की धज्जियां।
दिल्ली राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले स्थित शास्त्री पार्क लोहे वाले पुल के नीचे अवैध गतिविधियों और अनधिकृत वाहनों का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। नियमों को ताक पर रखकर प्रतिदिन लगभग दोपहर 3:00 बजे से लेकर देर शाम तक अवैध 'डग्गामार' (अनाधिकृत) बसें धड़ल्ले से चलाई जा रही हैं, जो यात्रियों के साथ-साथ भारी मात्रा में बिना बिल व कागजात का अवैध सामान लोड कर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों की ओर रवाना होती हैं।
प्रमुख बिंदु एवं जमीनी स्थिति
नियमों की सरेआम अनदेखी: शास्त्री पार्क लोहे के पुल के नीचे रोज दोपहर 3 बजे के बाद से ही अवैध बसों और लोडिंग वाहनों का जमावड़ा शुरू हो जाता है।
अवैध माल परिवहन: इन बसों में सवारी बिठाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर ऐसा सामान और माल लोड किया जा रहा है, जिसका न तो कोई जीएसटी बिल होता है और न ही वैध कागजात। इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
यातायात व सुरक्षा को खतरा: सड़क के किनारे और पुल के नीचे बेतरतीब खड़ी ये बसें न केवल भीषण ट्रैफिक जाम का कारण बनती हैं, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी एक गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
स्थानीय तंत्र की भूमिका पर उठे सवाल,
सूत्रों की मानें तो यह पूरा अवैध सिंडिकेट स्थानीय ट्रैफिक पुलिस और शास्त्री पार्क थाना पुलिस की देखरेख व छत्रछाया में फल-फूल रहा है। बार-बार ध्यान आकर्षित किए जाने और सार्वजनिक स्थान पर हो रही इस अवैध गतिविधि के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई सख्त कार्रवाई न किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम के समय यहां से गुजरना बेहद कठिन हो जाता है। अवैध लोडिंग और बसों के जमावड़े के कारण रोज जाम लगता है और आए दिन हादसों का डर बना रहता है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
इस क्षेत्र में बढ़ती अनधिकृत गतिविधियों, राजस्व की चोरी और संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए उच्च अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। जरूरत है कि:
शास्त्री पार्क लोहे पुल के नीचे चल रहे इस अवैध बस संचालन और लोडिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए।
बिना बिल/कागजात के अवैध सामान ले जाने वाले वाहनों और संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
मामले में संलिप्त या लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की जाए।
@DCPTrafficER@dtptraffic@DelhiTrafficPol@AddlCPTraffic1@acpnortheasttr@TrafficCP@DelhiPolice@CMODelhi@HMOIndia@PMOIndia@TIbhajanpura@shoshastripark@TIGandhinagar जांच कर कार्यवाही हेतु।
शास्त्री पार्क में अवैध डग्गामार बसों का बोलबाला: बिना कागजात के सामान की लोडिंग और यातायात नियमों की धज्जियां।
दिल्ली राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले स्थित शास्त्री पार्क लोहे वाले पुल के नीचे अवैध गतिविधियों और अनधिकृत वाहनों का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। नियमों को ताक पर रखकर प्रतिदिन लगभग दोपहर 3:00 बजे से लेकर देर शाम तक अवैध 'डग्गामार' (अनाधिकृत) बसें धड़ल्ले से चलाई जा रही हैं, जो यात्रियों के साथ-साथ भारी मात्रा में बिना बिल व कागजात का अवैध सामान लोड कर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों की ओर रवाना होती हैं।
प्रमुख बिंदु एवं जमीनी स्थिति
नियमों की सरेआम अनदेखी: शास्त्री पार्क लोहे के पुल के नीचे रोज दोपहर 3 बजे के बाद से ही अवैध बसों और लोडिंग वाहनों का जमावड़ा शुरू हो जाता है।
अवैध माल परिवहन: इन बसों में सवारी बिठाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर ऐसा सामान और माल लोड किया जा रहा है, जिसका न तो कोई जीएसटी बिल होता है और न ही वैध कागजात। इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
यातायात व सुरक्षा को खतरा: सड़क के किनारे और पुल के नीचे बेतरतीब खड़ी ये बसें न केवल भीषण ट्रैफिक जाम का कारण बनती हैं, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी एक गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
स्थानीय तंत्र की भूमिका पर उठे सवाल,
सूत्रों की मानें तो यह पूरा अवैध सिंडिकेट स्थानीय ट्रैफिक पुलिस और शास्त्री पार्क थाना पुलिस की देखरेख व छत्रछाया में फल-फूल रहा है। बार-बार ध्यान आकर्षित किए जाने और सार्वजनिक स्थान पर हो रही इस अवैध गतिविधि के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई सख्त कार्रवाई न किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम के समय यहां से गुजरना बेहद कठिन हो जाता है। अवैध लोडिंग और बसों के जमावड़े के कारण रोज जाम लगता है और आए दिन हादसों का डर बना रहता है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
इस क्षेत्र में बढ़ती अनधिकृत गतिविधियों, राजस्व की चोरी और संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए उच्च अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। जरूरत है कि:
शास्त्री पार्क लोहे पुल के नीचे चल रहे इस अवैध बस संचालन और लोडिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए।
बिना बिल/कागजात के अवैध सामान ले जाने वाले वाहनों और संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
मामले में संलिप्त या लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की जाए।
@DCPTrafficER@dtptraffic@DelhiTrafficPol@AddlCPTraffic1@acpnortheasttr@TrafficCP@DelhiPolice@CMODelhi@HMOIndia@PMOIndia@TIbhajanpura@shoshastripark@TIGandhinagar जांच कर कार्यवाही हेतु।
शाहदरा में 11 वर्षीय बालक लापता, परिजनों ने पुलिस से लगाई तलाश की गुहार
रात में दोस्त के साथ बिस्किट लेने दुकान पर गया था अभिनाश, घर नहीं लौटने पर परिजन परेशान
दिल्ली। शाहदरा के न्यू मॉडल क्षेत्र में 11 वर्षीय बालक अभिनाश के लापता होने का मामला सामने आया है। बालक 3 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे अपने दोस्त के साथ दुकान पर बिस्किट लेने गया था, लेकिन इसके बाद घर वापस नहीं लौटा। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर उसकी मां पिंकी देवी ने मानसरोवर पार्क थाने में प्रार्थना पत्र देकर बेटे की गुमशुदगी दर्ज करने और उसे तलाश करने की गुहार लगाई है।
पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, पिंकी देवी पत्नी उमाशंकर अपने परिवार के साथ ए-41, शशि पब्लिक स्कूल वाली गली नंबर-2, न्यू मॉडल, शाहदरा, दिल्ली में किराये के मकान में रहती हैं। उनका 11 वर्षीय बेटा अभिनाश 3 अक्टूबर की रात करीब साढ़े नौ बजे अपने दोस्त शिवम के साथ दुकान पर बिस्किट लेने गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने जब शिवम के घर जाकर उसके बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अभिनाश के साथ दुकान पर गया था, जहां से अभिनाश वरुण के साथ कहीं चला गया, जबकि वह अपने पिता के साथ घर लौट आया था। परिजनों ने वरुण से भी अभिनाश के बारे में जानकारी ली। वरुण ने बताया कि कुछ देर बाद अभिनाश ने घर जाने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद वह कहां गया, इसकी उसे जानकारी नहीं है।
बेटे के लापता होने से परेशान पिंकी देवी ने थाना मानसरोवर पार्क, शाहदरा में प्रार्थना पत्र देकर पुलिस से मामले में गुमशुदगी दर्ज करने और बेटे की तलाश कराने की मांग की है। परिजन बालक के सकुशल मिलने की उम्मीद में उसकी तलाश कर रहे हैं।
@DelhiPolice@cpdelhi@GovtDelhi@DCP_SHAHDARA
शाहदरा में 11 वर्षीय बालक लापता, परिजनों ने पुलिस से लगाई तलाश की गुहार
रात में दोस्त के साथ बिस्किट लेने दुकान पर गया था अभिनाश, घर नहीं लौटने पर परिजन परेशान
दिल्ली। शाहदरा के न्यू मॉडल क्षेत्र में 11 वर्षीय बालक अभिनाश के लापता होने का मामला सामने आया है। बालक 3 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे अपने दोस्त के साथ दुकान पर बिस्किट लेने गया था, लेकिन इसके बाद घर वापस नहीं लौटा। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर उसकी मां पिंकी देवी ने मानसरोवर पार्क थाने में प्रार्थना पत्र देकर बेटे की गुमशुदगी दर्ज करने और उसे तलाश करने की गुहार लगाई है।
पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, पिंकी देवी पत्नी उमाशंकर अपने परिवार के साथ ए-41, शशि पब्लिक स्कूल वाली गली नंबर-2, न्यू मॉडल, शाहदरा, दिल्ली में किराये के मकान में रहती हैं। उनका 11 वर्षीय बेटा अभिनाश 3 अक्टूबर की रात करीब साढ़े नौ बजे अपने दोस्त शिवम के साथ दुकान पर बिस्किट लेने गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने जब शिवम के घर जाकर उसके बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अभिनाश के साथ दुकान पर गया था, जहां से अभिनाश वरुण के साथ कहीं चला गया, जबकि वह अपने पिता के साथ घर लौट आया था। परिजनों ने वरुण से भी अभिनाश के बारे में जानकारी ली। वरुण ने बताया कि कुछ देर बाद अभिनाश ने घर जाने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद वह कहां गया, इसकी उसे जानकारी नहीं है।
बेटे के लापता होने से परेशान पिंकी देवी ने थाना मानसरोवर पार्क, शाहदरा में प्रार्थना पत्र देकर पुलिस से मामले में गुमशुदगी दर्ज करने और बेटे की तलाश कराने की मांग की है। परिजन बालक के सकुशल मिलने की उम्मीद में उसकी तलाश कर रहे हैं।
@DelhiPolice@cpdelhi@GovtDelhi@DCP_SHAHDARA
दिल्ली के लाल किले और सेंट मेरी चर्च के पास बेखौफ चल रही अवैध पार्किंग, बिना पर्ची-रजिस्ट्रेशन के हो रही है वसूली।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रशासनिक सख्ती के दावों के बीच अवैध और मनमाने तौर पर संचालित पार्किंग माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला ऐतिहासिक लाल किले के पास और St. Mary's Catholic Church (Archdiocese of Delhi Estd. AD 1857) की ठीक बगल में मुख्य मार्ग का है, जहां नियमों को ताक पर रखकर अवैध बाइकों की पार्किंग खुलेआम चलाई जा रही है।
सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, यह अवैध कारोबार बिना स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस की मिलीभगत के संभव नहीं है।
बिना पर्ची और बिना रजिस्ट्रेशन का खेल
इस अवैध पार्किंग की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह है कि यहां वाहन चालकों को पार्क किए गए वाहनों के लिए कोई आधिकारिक पर्ची (रसीद) नहीं दी जाती है। इसके अलावा, इस पार्किंग का कोई कानूनी रजिस्ट्रेशन या MCD (नगर निगम) द्वारा वैध ठेका भी नहीं है। इसके बावजूद, सरेआम सड़कों पर अवैध रूप से गाड़ियां खड़ी करवाकर भारी वसूली की जा रही है।
यातायात और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा
मुख्य मार्ग पर कब्जा: चर्च के बराबर और मेन रोड पर अवैध पार्किंग होने के कारण सड़क का दायरा सिकुड़ रहा है, जिससे आए दिन लंबा जाम लगता है।
सुरक्षा को लेकर चिंता: लाल किला और उसके आसपास का इलाका सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में बिना किसी वेरिफिकेशन या रजिस्ट्रेशन के बाइकों का बेतरतीब खड़ा होना किसी बड़ी सुरक्षा चूक को भी न्योता दे सकता है।
अवैध संचालकों की जेबें भरने से सरकारी खजाने (MCD) को रोजाना भारी आर्थिक चूना लग रहा है।
जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठे सवाल
एक तरफ जहां दिल्ली पुलिस और नगर निगम (MCD) अवैध पार्किंग के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाने का दावा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर के इतने महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाके में सरेआम चल रहे इस अवैध खेल पर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और अवैध पार्किंग का संचालन करने वालों के साथ-साथ संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
@DCPTrafficER@dtptraffic@DelhiTrafficPol@AddlCPTraffic1@acpnortheasttr@TrafficCP@DelhiPolice@CMODelhi@HMOIndia@PMOIndia जांच कर कार्यवाही हेतु।
दिल्ली के लाल किले और सेंट मेरी चर्च के पास बेखौफ चल रही अवैध पार्किंग, बिना पर्ची-रजिस्ट्रेशन के हो रही है वसूली।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रशासनिक सख्ती के दावों के बीच अवैध और मनमाने तौर पर संचालित पार्किंग माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला ऐतिहासिक लाल किले के पास और St. Mary's Catholic Church (Archdiocese of Delhi Estd. AD 1857) की ठीक बगल में मुख्य मार्ग का है, जहां नियमों को ताक पर रखकर अवैध बाइकों की पार्किंग खुलेआम चलाई जा रही है।
सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, यह अवैध कारोबार बिना स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस की मिलीभगत के संभव नहीं है।
बिना पर्ची और बिना रजिस्ट्रेशन का खेल
इस अवैध पार्किंग की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह है कि यहां वाहन चालकों को पार्क किए गए वाहनों के लिए कोई आधिकारिक पर्ची (रसीद) नहीं दी जाती है। इसके अलावा, इस पार्किंग का कोई कानूनी रजिस्ट्रेशन या MCD (नगर निगम) द्वारा वैध ठेका भी नहीं है। इसके बावजूद, सरेआम सड़कों पर अवैध रूप से गाड़ियां खड़ी करवाकर भारी वसूली की जा रही है।
यातायात और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा
मुख्य मार्ग पर कब्जा: चर्च के बराबर और मेन रोड पर अवैध पार्किंग होने के कारण सड़क का दायरा सिकुड़ रहा है, जिससे आए दिन लंबा जाम लगता है।
सुरक्षा को लेकर चिंता: लाल किला और उसके आसपास का इलाका सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में बिना किसी वेरिफिकेशन या रजिस्ट्रेशन के बाइकों का बेतरतीब खड़ा होना किसी बड़ी सुरक्षा चूक को भी न्योता दे सकता है।
अवैध संचालकों की जेबें भरने से सरकारी खजाने (MCD) को रोजाना भारी आर्थिक चूना लग रहा है।
जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठे सवाल
एक तरफ जहां दिल्ली पुलिस और नगर निगम (MCD) अवैध पार्किंग के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाने का दावा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर के इतने महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाके में सरेआम चल रहे इस अवैध खेल पर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और अवैध पार्किंग का संचालन करने वालों के साथ-साथ संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
@DCPTrafficER@dtptraffic@DelhiTrafficPol@AddlCPTraffic1@acpnortheasttr@TrafficCP@DelhiPolice@CMODelhi@HMOIndia@PMOIndia जांच कर कार्यवाही हेतु।
गाज़ियाबाद में कानून व्यवस्था को ठेंगा: विजयनगर क्षेत्र में सरेआम चल रहा है गांजे का अवैध कारोबार, पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।
गाज़ियाबाद के थाना विजयनगर क्षेत्र, जल निगम चौकी के पास।
बेबी नामक महिला पर लंबे समय से सरेआम गांजा बेचने का गंभीर आरोप।
महिला पहले भी जेल जा चुकी है, लेकिन रिहाई के बाद फिर से सक्रिय होकर खुलेआम नशे का कारोबार चला रही है।
आखिर बेख़ौफ़ अपराधियों में खाकी और कानून का डर क्यों समाप्त हो रहा है?
गाज़ियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जनपद में पुलिस के तमाम दावों और 'ऑपरेशन क्लीन' जैसे अभियानों के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। ताजा मामला थाना विजयनगर क्षेत्र के अंतर्गत जल निगम चौकी के पास का है, जहाँ स्थानीय नागरिकों द्वारा एक महिला पर सरेआम गांजे का अवैध कारोबार चलाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
खुलेआम परोसा जा रहा है जहर
विश्वसनीय सूत्रों और स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, 'बेबी' नामक यह महिला लंबे समय से इस इलाके में नशे का अवैध सामान बेच रही है। हैरानी की बात यह है कि इस गैरकानूनी धंधे को किसी गुप्त ठिकाने के बजाय बिल्कुल खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है, जिससे आसपास के युवाओं और आने-जाने वाले राहगीरों पर इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा है।
पहले भी जा चुकी है जेल, फिर भी नहीं रुका कारोबार
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह महिला इस धंधे में कोई नई नहीं है। इससे पहले भी वह इसी अवैध कारोबार के चलते पुलिस की पकड़ में आ चुकी है और जेल की हवा खा चुकी है। इसके बावजूद, जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी इस आपराधिक गतिविधियों को और अधिक बेखौफ अंदाज में दोबारा शुरू कर दिया है। बार-बार कानून की गिरफ्त में आने के बाद भी उसके हौसले पस्त न होना स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि आखिर पुलिस और चौकी के नाक के नीचे सरेआम यह अवैध कारोबार कैसे फल-फूल रहा है? लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस तरह के अपराधियों पर सख्त और स्थायी कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र का युवा वर्ग नशे की गर्त में चला जाएगा और आपराधिक वारदातों में इज़ाफा होगा।
बड़ा सवाल: जब कानून के हाथ लंबे होने का दावा किया जाता है, तो आखिर ऐसे शातिर अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ क्यों गायब हो चुका है? क्या विजयनगर पुलिस इस मामले में कोई ठोस और नज़ीर पेश करने वाली कार्रवाई करेगी, या फिर यह अवैध कारोबार यूं ही बदस्तूर जारी रहेगा?
स्थानीय जनता और जागरूक नागरिकों ने उच्चाधिकारियों से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी महिला के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और इलाके में गश्त बढ़ाने की पुरजोर मांग की है।
@ghaziabadpolice@Uppolice@dgpup@Uppolice@myogiadityanath@HMOIndia@PMOIndia@CMOfficeUP
गाज़ियाबाद में कानून व्यवस्था को ठेंगा: विजयनगर क्षेत्र में सरेआम चल रहा है गांजे का अवैध कारोबार, पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।
गाज़ियाबाद के थाना विजयनगर क्षेत्र, जल निगम चौकी के पास।
बेबी नामक महिला पर लंबे समय से सरेआम गांजा बेचने का गंभीर आरोप।
महिला पहले भी जेल जा चुकी है, लेकिन रिहाई के बाद फिर से सक्रिय होकर खुलेआम नशे का कारोबार चला रही है।
आखिर बेख़ौफ़ अपराधियों में खाकी और कानून का डर क्यों समाप्त हो रहा है?
गाज़ियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जनपद में पुलिस के तमाम दावों और 'ऑपरेशन क्लीन' जैसे अभियानों के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। ताजा मामला थाना विजयनगर क्षेत्र के अंतर्गत जल निगम चौकी के पास का है, जहाँ स्थानीय नागरिकों द्वारा एक महिला पर सरेआम गांजे का अवैध कारोबार चलाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
खुलेआम परोसा जा रहा है जहर
विश्वसनीय सूत्रों और स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, 'बेबी' नामक यह महिला लंबे समय से इस इलाके में नशे का अवैध सामान बेच रही है। हैरानी की बात यह है कि इस गैरकानूनी धंधे को किसी गुप्त ठिकाने के बजाय बिल्कुल खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है, जिससे आसपास के युवाओं और आने-जाने वाले राहगीरों पर इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा है।
पहले भी जा चुकी है जेल, फिर भी नहीं रुका कारोबार
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह महिला इस धंधे में कोई नई नहीं है। इससे पहले भी वह इसी अवैध कारोबार के चलते पुलिस की पकड़ में आ चुकी है और जेल की हवा खा चुकी है। इसके बावजूद, जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी इस आपराधिक गतिविधियों को और अधिक बेखौफ अंदाज में दोबारा शुरू कर दिया है। बार-बार कानून की गिरफ्त में आने के बाद भी उसके हौसले पस्त न होना स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि आखिर पुलिस और चौकी के नाक के नीचे सरेआम यह अवैध कारोबार कैसे फल-फूल रहा है? लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस तरह के अपराधियों पर सख्त और स्थायी कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र का युवा वर्ग नशे की गर्त में चला जाएगा और आपराधिक वारदातों में इज़ाफा होगा।
बड़ा सवाल: जब कानून के हाथ लंबे होने का दावा किया जाता है, तो आखिर ऐसे शातिर अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ क्यों गायब हो चुका है? क्या विजयनगर पुलिस इस मामले में कोई ठोस और नज़ीर पेश करने वाली कार्रवाई करेगी, या फिर यह अवैध कारोबार यूं ही बदस्तूर जारी रहेगा?
स्थानीय जनता और जागरूक नागरिकों ने उच्चाधिकारियों से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी महिला के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और इलाके में गश्त बढ़ाने की पुरजोर मांग की है।
@ghaziabadpolice@Uppolice@dgpup@Uppolice@myogiadityanath@HMOIndia@PMOIndia@CMOfficeUP
शक्ति खंड-4, इंदिरापुरम: श्मशान घाट के पास झुग्गी-झोपड़ियों में चल रहा है गांजा तस्करी का अवैध कारोबार, स्थानीय बीट पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल।
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, एनसीआर के पॉश इलाकों में शुमार इंदिरापुरम थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शक्ति खंड-4 (श्मशान घाट के पास) स्थित झुग्गी-झोपड़ी के इलाकों में गांजे की अवैध तस्करी का काला कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है।
इस संवेदनशील मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि इस अवैध धंधे को कथित तौर पर स्थानीय बीट ऑफिसरों की छत्रछाया और संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।
शक्ति खंड-4 श्मशान घाट के पास स्थित झुग्गी-झोपड़ी का क्षेत्र पिछले कुछ समय से मादक पदार्थों (विशेषकर गांजा) की तस्करी का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
सूत्रों का दावा है कि इस पूरे अवैध नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर तैनात बीट पुलिसकर्मियों की मौन स्वीकृति और संरक्षण हासिल है, जिसके कारण इन तस्करों पर समय रहते कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाती है।
इस अवैध व्यापार के कारण क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ रहा है। यहां तक कि कम उम्र के युवा और किशोर भी इस नशे की लत की चपेट में आते जा रहे हैं, जिससे इलाके में आपराधिक घटनाओं और अवांछित गतिविधियों की आशंका काफी बढ़ गई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल: इंदिरापुरम जैसे विकसित और संवेदनशील माने जाने वाले थाना क्षेत्र में पुलिस चौकी या बीट व्यवस्था के साये में इस प्रकार का अवैध कारोबार चलना कानून-व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
स्थानीय नागरिकों में भारी रोष और चिंता
इस अवैध गतिविधि के कारण स्थानीय निवासियों, महिलाओं और अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि झुग्गी-झोपड़ी के इस इलाके में आए दिन संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने इस बात की भी आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह क्षेत्र अपराधों का गढ़ बन सकता है।
प्रशासन और उच्चाधिकारियों से कड़ी कार्रवाई की मांग
इस गंभीर मामले के प्रकाश में आने के बाद अब स्थानीय जनता और प्रबुद्ध नागरिकों ने गाजियाबाद पुलिस के उच्चाधिकारियों (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / पुलिस कमिश्नर) से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
जनता की मांग है कि:
शक्ति खंड-4 श्मशान घाट के पास स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में चल रहे गांजा तस्करी के इस अड्डे पर तुरंत छापेमारी की जाए।
इस अवैध कारोबार में संलिप्त मुख्य तस्करों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई (NDPS Act के तहत) की जाए।
कथित संलिप्तता के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर स्थानीय बीट ऑफिसरों और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित हो।
@ghaziabadpolice@Uppolice@dgpup@UPGovt@myogiadityanath@HMOIndia@PMOIndia@CMOfficeUP
@police_gzb