भारत मे ब्राह्मणों का सबसे ज्याद�� नुकसान फ़र्ज़ी ब्राह्मणों ने किया है। अभी बीबीसी पर मनोज झा का एक इंटरव्यू देख रहा था।
मनोज झा से BBC इंडिया की प्रमुख रूपा झा पूछती है, की क्या ब्राह्मणवाद सबसे बड़ा खतरा है ?
जबाब में मनोज झा अपनी जलेबी वाली लाइन के साथ कहते है, हमें इसपर चर्चा करनी चाहिए।
झा जी ब्राह्मण और ब्राह्मणवाद में अंतर भी बताते है। और कहते है ये दोनों एक नही है।
अगर इतना ही वंचितों का भला करना है, तो मनोज झा को अपनी कुर्सी किसी वंचित वर्ग के लिए कुर्बान करनी चाहिये।
रूपा झा भी BBC प्रमुख का पद किसी वंचित को दे सकती है। 😀🙏
मिलिये, विकास दिव्यकिर्ति से, जो कहते है, ब्राह्मणों ने 3000 सालो तक पढ़ाई लिखाई पर कब्ज़ा किया था, लेकिन अब आरक्षण से उनके पेट मे दर्द होने लगा है।
मास्टर जी ज़रा ये बताईये, आरक्षण के साथ, फीस माफी ओर उम्र में अलग अलग मापदंड ओर योग्यता भी सामाजिक न्याय का ही हिस्सा है क्या ?
दूसरा आपने अपने संस्थान में आरक्षण क्यो लागू नही किया, अधिकतर शिक्षक ओर कर्मचारी सवर्ण वर्ग के क्यो रखे है ? 🤔
इसके अलावा दलित छात्रों के लिए फीस माफी योजना भी नही है। ये सब वीडियो में भाषण के लिये ही लागू होता है क्या ?
भाजपा को केंद्र में सत्ता में आए 9 वर्ष का समय हो गया है अभी तक क्या वे कांग्रेस के भ्रष्टाचार की ही बात करते रहेंगे फिर 9 साल तक क्या किया? भाजपा शासित राज्यों में जो भ्रष्टाचार चरम पर है उस पर कार्रवाई क्यों नहीं होती है? ये जो पब्लिक है ये सब जानती है। कर्नाटक के बाद अब मप्र?
@IGNOU
The Assignment marks of MAPC first year batch July 2022 are not updated in score card even after six months after submission online at RC3 center, Naraina, New Delhi. Center code 38039. Students are suffering.
लालू यादव थे LLB, उनके हुए 9 बच्चे!
-ऐसे बढ़ी आबादी😂
लालू यादव थे CM,अरबपति! तब भी बेटे 12वीं और 9वीं से आगे नहीं पढ़ पाए!
-ऐसे बने पिछड़े😂
पढ़ाई-लिखाई ना करने के बावजूद तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव मंत्री बने!
-ऐसे हुई आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी😂
लालटेनी socialism🙏👏😂
कितना दर्दनाक. ये दृश्य आपको अंदर तक झकझोर देगा. पुजारी मणिंद्र मणि त्रिपाठी की निर्मम हत्या कर दी गई. उनके दोनों हाथ-पैर बांधकर उनकी हत्या कर दी गई. पुजारी जी राम जानकी मंदिर में पुजारी थे. दिव्यांग थे. वो दोनो��� पैर से चल नहीं सकते थे. कातिल ने अंगौछे से हाथ-पैर बांधे, फिर गला घोंट दिया निर्मम हत्या. दिल दहला देने वाली घटना UP के प्रयागराज की. पुजारियों के खिलाफ सोशल मीडिया में फैलाई जा रही नफरत का असर अब ज़मीन पर.
ये हैं दिव्यकिर्ती जी👇
अपना कोचिंग सेंटर चलाने के लिए सफेद झूठ बोलते हैं!
क्यों?
ताकि ऐसे लोगों को अपनी तरफ खींच सकें जो कम अंक लाकर भी UPSC निकाल पाएं, ताकि कोचिंग सेंटर का बड़ा नाम हो!😂
इनमें बड़ी खूबियाँ हैं:
-ये खुद किसी को कोई डिस्काउंट नहीं देते, लेकिन चाहते हैं कि सरकारी नौकरियों, कॉलेजों में 90% लोग कम फीस भरें!
-ये अपने कोचिंग सेंटर की तरक्की चाहते हैं लेकिन चाहते हैं कि 90% लोग कम मेहनत करें ताकि देश का बंटाधार हो जाए!
-ये ख़ुद को शिक्षक कहते हैं लेकिन इनको ना इतिहास पता, ना वर्तमान!
-ये ख़ुद कायस्थ से ब्याहे हैं, खुद पूजा-पाठ और अनुष्ठान करवाते हैं, पुजारियों को बुलाते हैं लेकिन फिर इन्ही को बुरा बताते हैं ताकि करोडों की वर्षा होती रहे!
धन्य हैं ��से लोग!🙏🙏👏👏😂😂
@VikasDivyakirti
तुम्हारे ज्ञान को prefix लगाता हूं। गोबर ज्ञान। बस यही पढ़ पाए हो इतने सालों में।
ब्राह्मणों पंडितों ने जो भी हासिल किया अपने दम और नॉलेज पर किया। आरक्षण एक सरकारी भीख है। CA के EXAM में जनरल कैटेगरी के मुकाबले SC ST के कितने % लोग पास होते हैं, बताएं
विपक्ष 60 साल से जात-पात में देश बांट रहा, यह सही है परंतु आपने तो 2014 में सत्ता में आते ही 2 साल में एट्रोसिटी एक्ट में अमेंडमेंट कर सभी साधारण अपराध गैर जमानती बनाकर पूरे देश को बांट दिया। पदोन्नति में आरक्षण, 10% ईडब्ल्यूएस देन�� फिर ओबीसी को आरक्षण बढ़ाने की बात यह स�� क्या है?
नाम-ओम कश्यप, माथे पर तिलक, काम-रेलवे स्टेशन के बाहर पन्नी बेंचना। ये शौक नहीं मजबूरी है। पिता की मौत हो चुकी है, भाई जेल में है। मां घर में रहती है। पापी पेट का सवाल है, जो मासूम रेलवे स्टेशन के बाहर पन्नी बेचने को मजबूर। सपना फिर भी IAS बनने का। सरकार का तो नहीं पता लेकिन कासगंज के आस-पास अगर कोई इस मासूम की मदद कर सकता है तो कर दे ताकि बच्चा पढ़ाई कर सके। किसी का संपर्क हो सके मासूम से तो सूचित ��रें।
लेकिन तू गंदी नाली का कीड़ा है..........?
#कुंआ ठाकुर का था मगर लोग राजतंत्र में कभी #प्यासे ��हीं मारे!
#खेत जरूर ठाकुर के होते थे मगर लोग राजतंत्र में कभी #भूखे नहीं सोए!
#बैल ठाकुर के, #हल ठाकुर का, हल की #मूठ पर हाथ किसान का जरूर होता था मगर राजतंत्र में किसानों को #आत्महत्या करने नौबत नहीं आती थी जानते हो क्यों क्योंकि उनकी हर जरूरत पूरी की ठाकुर ने उसके परिवार पालने का एक मात्र साधन था "ठाकुर के बैल और हल"..!
#गांव ठाकुर के, #शहर ठाकुर के और #देश ठाकुर का क्योंकि #मातृभूमि के लिए अपना और अपने बच्चों का बलिदान देने वाला ठाकुर!
तुम्हारे जैसे भेड़ियों को पालने वाला भी ठाकुर इस देश में लोकतंत्र स्थापित करने भी ठाकुर जिस कुर्सी में तुम बैठे हो वो देन भी है ठाकुर की।
जय मां भवानी 🚩
जय राजपूताना 🙏