#Satluj फिल्म के मेकर्स इस हकीकत को कभी नहीं दिखाएंगे!
खालिस्तानी उग्रवादियों ने पंजाब के पटियाला में काली माता मंदिर को अपवित्र किया और परिसर में मौजूद हिंदू दुकानदारों को बेरहमी से पीटा।
आखिर यह अलगाववादी चरमपंथ कब खत्म होगा?
Sonam Wangchuk’s hunger strike has suddenly become CJP’s biggest headache 😂
Now this Cockroch is openly crowdsourcing an “exit strategy” so that Wangchuk ends the fast before anything happens on their watch.
Looks like they’re desperately searching for a face-saving excuse…
SHOCKING! Open calls for violence at the CJP protest stage ahead of the July 20 Parliament March. 🤯
The speaker says: "Enough of non-violence, adopt the path of violence," while shockingly distorting Mahatma Gandhi's 1942 history to justify it.
— STRICT ACTION needed.
पहली बार किसी ने इस गैंग से सही सवाल पूछा कि आप लोग सिर्फ हिंदू धर्म गुरुओं को हिंदू देवी देवताओं को ही अपने मंच से भला बुरा क्यों बोल रहे हो ??
दूसरे धर्म पर आप क्यों नही बोलते ?
इस गैंग को समझ में आ गया होगा कि आखिर जनता क्यों नहीं उनके साथ है
अरे भाई जिसके प्रशांत भूषण स्वरा भास्कर अरुंधति राय जैसे लोग हो तो वह देशभक्त नहीं बल्कि देश का गद्दार देशद्रोही ही होगा
Hindu Gods mocked at CJP stage!
Kunal Kamra mocks Prabhu Shri Ram and Maa Sita, says
"Sita ke pati ka naam le lekar
Nita ke pati ka kaam kar rahe hai..."
देश के नेता विपक्ष 17 June के बाद आज पहली बार देश में पब्लिकली एक महीने बाद देखे गए है-
मतलब एक महीना वो कहाँ थे, क्या कर रहे थे , किसके साथ थे- ये भारत की जनता को कुछ नहीं पता है।
इसीलिए मैं कहता हूँ कि ये सरकार में तो छोड़िये विपक्ष में बैठने के लायक भी नहीं है।
हमने विपक्ष में अटल जी को बोलते नहीं सुना, पर सुषमा स्वराज-जेटली जी को जरूर सुना है-
एक वो शानदार विपक्ष था, एक ये नकारा विपक्ष है।
मंच पर रो पड़े नरोत्तम मिश्रा…
नरोत्तम मिश्रा कभी मध्यप्रदेश की राजनीति में दहाड़ते हुए दिखाई देते थे।
अब वो रोते हुए दिखाई दे रहे हैं। दतिया में आशुतोष तिवारी के प्रचार के दौरान रो पड़े! ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है।
3 दिन से मन में जो ग़ुबार भरा था वो आज आँसुओं के रूप में बाहर निकला
मुल्ला @ArvindKejriwal का ऐलान , अगर महाराष्ट्र में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो मुकेश अंबानी का घर तोड़ कर मुस्लिम वक़्फ़ बोर्ड को दी जाएगी वो जगह । देश की सबसे बड़ी मस्जिद बनने का प्लान ?
अरविंद केजरीवाल हमेशा से नास्तिक रहे हैं और उनका झुकाव चर्च की तरफ रहा है, क्योंकि उन्होंने मदर टेरेसा की संस्था के साथ काम किया था।
लेकिन जब उन्होंने देखा कि हिंदुओं का समर्थन पाने के लिए धर्म का सहारा लेना पड़ेगा, तब उन्होंने खुद को हिंदू दिखाने की कोशिश शुरू कर दी।
पहले वह हिंदुओं को धर्म पालन को लेकर उपदेश देते थे, लेकिन बाद में राजनीतिक लाभ के लिए खुद धार्मिक छवि बनाने लगे। जबकि असल में उनका हिंदू धर्म से कोई विशेष जुड़ाव नहीं रहा।
उनकी इस सच्चाई का खुलासा उनके पुराने साथी और आम आदमी पार्टी के बड़े नेता आशुतोष ने भी किया।
17 करोड़ बांग्लादेशी मुसलमान ममता बनर्जी के साथ है।
ममता बनर्जी दिल्ली से अपनी लड़ाई जारी रखे हम उनके साथ हैं।
ममता बनर्जी भले ही चुनाव हारी हैं लेकिन हमारा समर्थन अभी भी उन्हें जारी रहेगा।
: नाहिद इस्लाम, भारत विरोधी बांग्लादेशी सांसद
बंगाल पुलिस का असली चेहरा!
बंगाल पुलिस का एक जवान गांव में TMC को वोट देने की कर रहा था अपील!
गांव के लोगों ने देखते ही बंगाल पुलिस के इस जवान का एकजुट होकर विरोध किया।
Bengal elections
Officer: Aap sabko vote daalne jaana hai
Women: gunde(TMC) maarte hai
Officer: Aap Maa ke samaan ho. Aap ko koi haath laga dega to usko wahi jameen me gaad denge
Based
"महबूबा मुफ्ती मेरी दोस्त रही हैं। मैं उनके परिवार के सदस्य जैसी थी। सोनिया गांधी ने उन्हें मेरे हस्तक्षेप के कारण ही मुख्यमंत्री बनाया। कारण एक दिलचस्प कहानी है।"
महबूबा मुफ्ती की ये दोस्त थी और आतंकवादी यासीन मलिक इसका प्यार था अब ये मधु किश्वर मोदी विरोधी गिरोह की हीरो बनी हुई हैं।
ओडिशा में करीब 25 साल तक नवीन पटनायक CM रहे। कायस्थ समाज से आते हैं, और उनके टाइम में राज्य ने ठीक-ठाक विकास भी देखा. साथ ही उन्होंने खुलेआम जातिवाद को हवा नहीं दी। उस समय एजुकेशन में करीब 12% ST और 8% SC आरक्षण था, OBC आरक्षण नहीं था।
फिर पिछले चुनाव में नई सरकार आई, जिस पर ई. वी. रामासामी पेरियार वाली सोच का असर बताया जाता है। सत्ता में आते ही गेम बदल गया ST को 12% से बढ़ाकर 22.5%, SC को 8% से 16% और OBC को सीधे 0% से 11.5% कर दिया। अब बातें चल रही हैं कि इसे 27% तक भी ले जाया जा सकता है।
अब बंगाल में चुनाव आने वाले हैं, और वहां भी कुछ पार्टियां इसी तरह की लाइन पर पूरी ताकत लगा रही हैं। अगर वहां भी ऐसी सरकार आ गई, तो वही पैटर्न रिपीट हो सकता है आरक्षण, जाति की राजनीति और समाज को अलग-अलग हिस्सों में बांटना।
सीधी बात ये है अब फैसला “फॉरवर्ड समाज” को करना है।
या तो आने वाली पीढ़ियों को इस तरह की राजनीति में उलझाना है,
या फिर ऐसी लीडरशिप चुननी है जो सबको साथ लेकर चले, ना कि सिर्फ वोट बैंक के हिसाब से खेल खेले।
आज जो चुनोगे, वही कल की दिशा तय करेगा 👍