मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है। इसकी 10वीं तारीख, आशूरा, विशेष महत्व रखती है। इसी दिन इमाम हुसैन इब्न अली ने अन्याय और अत्याचार के सामने झुकने के बजाय सत्य, न्याय और इंसानियत के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह घटना कर्बला की लड़ाई में हुई थी, जो आज के इराक के कर्बला में लड़ी गई।
मुहर्रम हमें यह संदेश देता है कि सत्य, न्याय, धैर्य और मानवता की रक्षा के लिए कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहना चाहिए। इसलिए यह महीना त्याग, बलिदान, आत्मचिंतन और इंसानियत की महान सीख का प्रतीक माना जाता है।
The sacrifice of Hazrat Imam Hussain (AS) continues to inspire many people to remain steadfast in the pursuit of truth and justice. It is also a reminder of the enduring power of courage and conviction.
हज़रत इमाम हुसैन जी का संघर्ष, त्याग और बलिदान हमें असत्य, अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध मानवता की सबसे मज़बूत ढाल बनने की सीख देता है।
आज मुहर्रम के दिन हमें उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
— Unnao
— Kathua
— Hathras
— Manipur
— Wrestlers
— Bilkis Banu
— IIT-BHU case
— Ankita Bhandari
— Prajwal Revanna
— Asaram parole after parole
— Ram Rahim parole after parole
Sab Yaad Rakha jayega..
आज देश के सभी Trade Unions, किसान और मज़दूर — मोदी सरकार की Trade Deal, उनके लाए हुए Labour Laws और मनरेगा छीने जाने पर सड़कों पर हैं।
करोड़ों मेहनतकश किसानों, मज़दूरों और श्रमिकों का भविष्य गिरवी रखने वाली जन-विरोधी TRAP DEAL के खिलाफ़ हम डटकर खड़े हैं।
विदेशी दबाव में आकर, मोदी सरकार ने देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ किया है।
“अबकी बार, ट्रंप सरकार” कहने वालों ने भारत के देशहित को चोट पहुंचाया है, जिसका सबसे बड़ा विरोध हमारे कामगार, छोटे व्यापारी और आम जनमानस कर रहे हैं।
सड़क से संसद तक, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
उत्तराखंड में मुसलमानों के साथ जो कुछ हो रहा, उससे सभी अंजान हैं, उत्तराखंड से लौटी फैक्ट फाइंडिंग टीम की सदस्य सृष्टि जायसवाल ने बड़ा खुलासा किया है, बोली- मैं हिंदू हूँ, लेकिन उत्तराखंड में मुसलमानों के साथ हो रहें ज़ुल्म पर मुझे दुख होता है…
सत्ता के गुरूर में जो नाइंसाफ़ी और जुल्म की हदें पार कर देते हैं, वो ख़ुद एक दिन क़ुदरत के फ़ैसले की गिरफ़्त में आकर एक बेहद बुरे अंत की ओर जाते हैं।
सब, सब देख रहे हैं।
संघ क्यों उपद्रवी संगठन है? आज़ादी की लड़ाई में संघ सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ था। भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद को अपना आइकॉन मानने से मना कर दिया था।संघियों का पोल खोल सुनिए Talk with @ambar_parmindar पर।लिंक कमेंट बॉक्स में है।
Rahul Gandhi was not wrong when he said this.
The 4-second clip of Narendra Modi meeting with Xi Jinping is enough to prove his point.
Narendra Modi is just a media-hyped balloon.
वोटर अधिकार यात्रा 🇮🇳
बिहार से उठी ये क्रांति पूरे देश में आगे बढ़ रही है। अब ये रुकने वाली नहीं है- वोट चोरों को गद्दी से उतार कर रहेगी।
#VoterAdhikarMarch
जब मैं कहता हूँ 'सरेंडर' तस्वीर अपने आप साफ़ हो जाती है,
- 'फेकू' कहो या 'झूठा' जनता पहचान लेती है,
इतना बड़ा प्रचार तंत्र भी अब सच्चाई नहीं छुपा पाता!