'चूड़ा बांटने से बाढ़ खत्म?'
पत्रकार पर भड़के PK
Bihar Floods पर Prashant Kishor ने PM Modi, Amit Shah से क्या हिसाब मांगा? पत्रकार पर भड़के, सुनिए क्या कहा -
Prashant Kishor | Jan Suraaj | Bihar Floods
जनसाधारण से अपील, सरकार से भी अपील
एक संवेदनशील पत्रकार, @IIMC_India के स्कॉलर और प्यारे शख्स प्रकाश आज जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रकाश को एक रेयर कैंसर है जो अब उनके लिवर तक फैल चुका है। कीमोथेरेपी और रेडिएशन के कई थका देने वाले दौर से गुजरने के बाद भी कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में अमेरिका में इसे टारगेट करने वाली दुनिया की पहली जीवनरक्षक दवा को मंजूरी मिली है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी जान बचाने के लिए अब यही एकमात्र रास्ता बचा है।
उनकी पत्नी रश्मि ने अब तक इस पूरी लड़ाई को अकेले लड़ा है और अपनी सारी जमा-पूंजी लगा दी है। लेकिन इस नई दवा को अमेरिका से मंगाने और पूरे इलाज का खर्च करीब 3 करोड़ रुपये आ रहा है। इसे इस परिवार के लिए अकेले जुटाना नामुमकिन है। आप सभी से अपील है कि नीचे दिए गए Ketto लिंक पर जाकर जितनी संभव हो उतनी आर्थिक मदद करें। इसमें बीमारी और इलाज से जुड़ी सारी प्रामाणिक जानकारी मौजूद है।
अगर आप डोनेट नहीं भी कर पा रहे हैं, तो इस पोस्ट को आगे जरूर शेयर करें ताकि यह सही लोगों तक पहुंच सके। आपका एक छोटा सा प्रयास भी प्रकाश को नया जीवन दे सकता है।
https://t.co/9pAzPAq9F7
लगभग 1 साल पहले, 8 सितंबर 2025 को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ 2025, कोयंबतूर में पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा वर्तमान चुनाव आयोग की SIR कार्यप्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर आलोचनात्मक थे, जबकि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत का कहना था कि भारत में चुनाव बड़े पैमाने पर स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं. हालांकि, उन्होंने बिहार में चल रहे SIR के तरीके को गलत बताया था.
उस समय दोनों ने चुनाव आयोग की जवाबदेही पर ज़ोर देते हुए कहा था कि गंभीर शिकायत आने पर चुनाव आयोग को उसकी जांच करनी चाहिए, ताकि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर संदेह न रहे, न कि शिकायतकर्ता से हलफनामा मांगना चाहिए..
और अब, 1 साल बाद, 29 सितंबर 2026 को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ 2026, कोच्चि में वही दोनों फिर एक मंच पर थे.
इस बार अशोक लवासा ने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर “Trust Deficit”, यानि भरोसे की कमी, पैदा हो चुकी है और चुनाव आयोग ने इस धारणा में योगदान दिया है.
उन्होंने SIR में की गई हालिया “सुधार की कोशिश” को फ्रैक्चर के ऊपर बैंड-एड की पट्टी लगाने जैसा बताया और SIR को “conceptually fraud”, यानि बुनियादी तौर पर ही गलत बताया.
वहीं ओपी रावत जी ने भी कहा, “चीजें अब पहले जैसी नहीं हैं”. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पहले एक “गोल्ड स्टैंडर्ड” स्थापित किया था.
उन्होंने यह भी कहा कि अविश्वास की छाया पूरी संस्था पर नहीं, बल्कि मौजूदा तीन चुनाव आयुक्तों पर है और उन्हें सार्वजनिक रूप से सवालों का सामना करना चाहिए, वरना नुकसान चुनाव आयोग का होगा.
#SackGyaneshKumar
पत्रकार अभिनव पाण्डेय के खिलाफ बिहार सरकार ने मानहानि का केस दर्ज किया है।
अभिनव पाण्डेय पर आरोप लगा है कि उन्होने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ भड़काऊ और अपमानजनक बातें शेयर की है।
बिहार सरकार और पुलिस का मानना है कि इस पोस्ट की वजह से समाज में शांति और सौहार्द बिगड़ने का खतरा है।
इसलिए BNS की धारा 356 के तहत मानहानि का मामला दर्ज किया गया है।
साथ ही बिहार पुलिस ने X से 72 घंटे के भीतर पोस्ट हटाने के लिए कहा है और IP एड्रेस के साथ अभिनव पाण्डेय की लोकेशन डेटा भी मांगा है।
ईमानदारी की ऐसी मिसाल जिसने दिलाई पैसा और सम्मान!
एक कपल टूरिस्ट अमेरिका से इंडिया घूमने आया था पहले ओ आगरा जाता है।आगरा घूमने के बाद जयपुर के लिए कैब बुक करते है।
मैडम किराया पूछती है तो कैब वाला बोलता है आप ऑनलाइन चेक कर लीजिएगा जो भी हो दे दीजियेगा।
कैब वाला इनको जयपुर ले जाकर छोड़ता है और पूछता है दुबारा कब आयेंगे आप लोग।
ये कपल टूरिस्ट कैब वाले को किराए से ₹500 Extra..1/2
मोदी सरकार में मंत्री रहे आर.के. सिंह ने SIR को लेकर चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में नाम हटाने की प्रक्रिया में क़ानून का उल्लंघन हुआ. अपने खुले ख़त में उन्होंने लोकतंत्र को लेकर भी चिंता जताई है.
#indianexpresshindi
अंग्रेज कलकत्ता से दिल्ली लाइब्रेरी ले आए थे, लेकिन मोदी सरकार दिल्ली के अंदर ही 8.5 लाख किताबों वाली 135 साल पुरानी लाइब्रेरी को सेंट्रल विस्टा में जगह नहीं दे रही।
शास्त्री भवन की इस ऐतिहासिक library को पहले सिर्फ़ दो कमरे दिए गए अब वो भी रिजेक्ट कर दिए गए हैं।
एक नेताजी का दिल एक मशहूर अभिनेत्री पर आ गया। बात शादी तक पहुँच गई लेकिन राजनीति की पुरानी आदत बिना छानबीन के भरोसा न करना नेताजी ने अपने सेक्रेटरी को हिदायत दी, इस अभिनेत्री के बैकग्राउंड की जाँच के लिए एक प्राइवेट जासूस लगाओ। पर ध्यान रहे, जासूस को भनक भी न लगे कि यह काम मेरे लिए हो रहा है.
दो महीने बाद जासूस की गोपनीय रिपोर्ट सेक्रेटरी के ज़रिए नेताजी की टेबल पर पहुँची :लड़की का चरित्र एकदम बेदाग़ है।खानदान बेहद शरीफ़ और संभ्रांत है।
परन्तु, पिछले कुछ महीनों से इसे एक बेहद घटिया, भ्रष्ट और चरित्रहीन नेता के साथ देखा जा रहा है.अतः सावधान रहें.
🤣🤣🤣🤣
दिनांक 29/09/2026 को मैंने मुख्य चुनाव आयुक्त के द्वारा मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान कानून के उल्लंघन के संबंध में लिखा था और कहा था कि उनपर फौजदारी मुकदमा होना चाहिए। इस संदर्भ में कुछ लोगो ने कहा है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति अधिनियम 2023 की धारा 16 के अंतर्गत उनके द्वारा किये गए कार्यो के लिए फौजदारी मुकदमा से प्रतिरक्षा (immunity) है। यह गलत है। कानून (धारा 16) उनको मात्र उन्ही कार्यो के लिए फौजदारी मुकदमे से बचाती है जो उन्होंने अपने कर्त्तव्य निर्वहन के दौरान किया है। कानून का उल्लंघन किसी भी कर्तव्य निर्वहन का अंग नहीं है - अतः जो कार्य उन्होंने कानून के उल्लंघन में किये है उसके लिए उनपर फौजदारी मुकदमा हो सकता है और सज़ा भी हो सकती है।
2 अक्टूबर, गांधी जयंती पर सिर्फ़ फोटो पर माला न चढ़ाएँ, सत्याग्रह कीजिए। उस अंतिम व्यक्ति के लिए, जिसके पास एक चीज़ थी—‘वोट का अधिकार’—जो उसका छीना जा रहा है, और इस पाप के अपराधी ज्ञानेश कुमार जी के इस्तीफ़े के लिए।
जंतर मंतर सत्याग्रह
2 अक्टूबर, सुबह 11 बजे
जंतर मंतर, नई दिल्ली
कैमरे पर बहुत कुछ बोल नहीं सकता. बिहार में क़ानून व्यवस्था ध्वस्त है. एक लड़की के साथ दुर्घटना हो गई. मैंने पटना के SSP को फोन किया, पर नहीं उठाया.
ये बात विपक्ष की तरफ से नहीं, बीजेपी के राज्य सभा सांसद शंभु शरण पटेल कह रहे हैं.