हमने CJI को पत्र लिखा था। उन्होंने हमें याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया।
अब ‘वोट चोरी’ के खिलाफ INDIA गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे और याचिका दाखिल करेंगे।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की इस लड़ाई में देशवासियों, आइए हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। कनॉट प्लेस पहुँचें और इस मार्च का हिस्सा बनें। अगर नहीं आ सकते, तो जहाँ हैं, वहीं से अपनी आवाज़ बुलंद करें!
#ChaloDilli
I’d like to thank every single person who came out today for this protest. I'd also like to thank the millions of people who showed support in their own way at 3pm. Thank you to the leaders of INDIA bloc, all the workers of the Congress party and workers of the INDIA bloc.
Today was a very important day because we needed to show the government that the people of India are not going to be intimidated. You cannot beat us, threaten us, frighten us. We will not accept being bullied.
I was wondering where the cowards of the RSS who were beating the young children day before yesterday were. Where were those people? Because I didn’t see them.
When we are standing there and when the people of India are standing there, why don’t you come out? Why don’t you wear your little scarves and come out and see what happens?
Because you’re essentially, like the Prime Minister of India, bullies. You cannot stand up. You can only use power to fight.
So, it’s very heartening to see what happened. I’m proud of everybody. Everybody worked like a team.
As I said in my press conference, there are no parallel protests. It’s one protest, and it’s a protest where everybody is standing together. Every single person is going to stand against these killers of our Constitution, these killers of our democracy. And we’re not going to back down.
I’d also like to thank everybody from civil society organisations who came, supported us. We value your support, and we love all of you.
Thank you all for coming out and defending the idea of India, the idea of the Constitution, the idea of our democracy.
I’m extremely proud of every single person who came out on the streets. Thank you.
आज के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले हर एक व्यक्ति का मैं दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ। उन करोड़ों लोगों का भी धन्यवाद, जिन्होंने दोपहर 3 बजे अपने-अपने तरीके से इस आंदोलन को समर्थन दिया। INDIA गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और INDIA गठबंधन के तमाम कार्यकर्ताओं का भी बहुत-बहुत धन्यवाद।
आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है। आप हमें मारिए, धमकाइए, डराने की कोशिश कीजिए, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम आपकी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मैं सोच रहा था कि RSS के वो कायर लोग कहाँ थे, जो परसों हमारे युवा साथियों को पीट रहे थे? कहाँ थे वो लोग? आज तो मुझे उनमें से कोई दिखाई नहीं दिया।
जब हम वहाँ खड़े हैं, जब देश की जनता वहाँ खड़ी है, तो तुम बाहर क्यों नहीं आते? अपनी छोटी-छोटी गमछियाँ पहनकर क्यों नहीं बाहर आते हो और देखते हो कि क्या होता है?
क्योंकि तुम भी देश के प्रधानमंत्री की तरह सिर्फ़ गुंडागर्दी करना जानते हो। तुममें सामने आकर खड़े होने की हिम्मत नहीं है। तुम सिर्फ़ सत्ता और ताक़त के दम पर लड़ सकते हो।
इसलिए आज जो कुछ हुआ, उसे देखकर बहुत खुशी होती है। मुझे आप सभी पर गर्व है। सबने एक टीम की तरह काम किया।
जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ये अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हैं। यह एक ही आंदोलन है, जिसमें हम सब एक साथ खड़े हैं।
हममें से हर एक व्यक्ति संविधान के इन हत्यारों, हमारे लोकतंत्र को कुचलने वालों के ख़िलाफ़ खड़ा होगा। और हम एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे।
मैं उन सभी सिविल सोसाइटी संगठनों का भी दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ, जो आज हमारे साथ आए और जिन्होंने हमारा समर्थन किया। आपके समर्थन की हम कद्र करते हैं। हम आप सभी से मोहब्बत करते हैं।
भारत की सोच, हमारे संविधान के विचार और हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए आज सड़कों पर उतरने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद।
मुझे उन सभी लोगों पर बेहद गर्व है, जो आज सड़कों पर उतरे।
बहुत-बहुत धन्यवाद!
भारत के संविधान, लोकतंत्र और उसकी आवाज़ की रक्षा हर भारतीय की ज़िम्मेदारी है - और ये Process शुरू हो चुका है।
हिंदुस्तान की जनता को न्याय दिलाने का Process
लोकतंत्र में भरोसा वापस लाने का Process
देशद्रोहियों को सज़ा दिलाने का Process
और अब ये रुकने वाला नहीं है।
I am thankful to every INDIA alliance MP standing firm in defence of our democracy - in Parliament, outside on the streets, and today near Jantar Mantar.
They can stop a march. They can refuse a meeting. But they cannot stop the will of our people.
Narendra Modi, Amit Shah, Gyanesh Kumar and the entire system will be brought to justice.
We are not going to stop protesting till Gyanesh Kumar resigns.
This is a fight to protect the most sacred thing in this country.
There is nothing that Narendra Modi and Amit Shah can do that will stop us.
More than 300 Opposition MPs marched from Parliament to the Election Commission today to meet the Election Commissioners.
We represent crores of Indians.
- Why aren't the Election Commissioners meeting us?
- Why is the police stopping and threatening us?
दिल्ली में इस वक़्त जो हो रहा है, उसका एक ही पैटर्न है - जो औरत सवाल पूछे, उसे चुप कराओ।
जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए। महिला प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। महिला पत्रकारों के कैमरे छीने गए, उन्हें घसीटा गया। एक पत्रकार की शिकायत पर FIR तक दर्ज नहीं हुई।
कुछ हफ्तों पहले शाहीन और नफ़ीसा ने साकेत थाने के अंदर अपने साथ हुई हिंसा और बदसलूकी की आपबीती सुनाई है। सोचिए, थाने के अंदर - वो जगह जहां महिलाएं शिकायत लेकर जाती हैं।
जिन पर महिलाओं की रक्षा की ज़िम्मेदारी है, वही आज उनके लिए ख़तरा बन रहे हैं। और दिल्ली पुलिस किसके अधीन है - यह पूरा देश जानता है।
साकेत थाने का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक किया जाए। दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत कार्रवाई हो। शाहीन, नफ़ीसा और जिनके साथ भी दिल्ली पुलिस ने हिंसा और बदतमीज़ी की है उनको न्याय मिले।
अमित शाह जी - आप और आपकी पुलिस महिलाओं से डरती क्यों है?
महाराष्ट्र के छात्र फडणवीस सरकार की शिक्षा व्यवस्था और अन्याय से त्रस्त हैं।
आदिवासी छात्र अपनी माँगें लेकर मुंबई पहुँचे - कुछ बस से, और कुछ पैदल चलकर।
उनकी माँगें क्या हैं? आदिवासी आश्रमशालाओं और छात्रावासों में बुनियादी सुविधाएँ। छात्रवृत्ति। वही चीज़ें जो किसी भी बच्चे का हक़ हैं।
मुंबई में रुकने की जगह नहीं थी, तो कांग्रेस ने उन्हें तिलक भवन में ठहराया। और आज सुबह होने से पहले - पुलिस कांग्रेस कार्यालय के अंदर घुसी और इन बच्चों को उठाकर ले गई। आज़ाद मैदान पर प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही। जो बच्चे नासिक से पैदल चलकर आए, उनको ये जवाब मिला।
उधर पुणे में MPSC के अभ्यर्थी सत्याग्रह पर बैठे हैं। ये माँगें नई नहीं हैं - मैंने मुख्यमंत्री फडणवीस से इन पर बात की थी। तब कुछ नहीं हुआ। इसीलिए आज ये बच्चे सड़क पर हैं।
मैं और कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र के छात्रों के साथ खड़े हैं। हम एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
It is now established beyond doubt that Gyanesh Kumar changed Form 6 illegally and unilaterally.
This is just one more proof of him abusing his position to help the BJP.
He and everyone else involved in this criminal assault on our democracy will be held accountable.
जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है।
घंटों से सैकड़ों पत्रकार सिर्फ़ इतनी माँग लेकर बैठे हैं कि FIR दर्ज कर ली जाए। ये तो पुलिस का बुनियादी काम है न? वो भी नहीं किया।
आज ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए। महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए।
और ये पहली बार नहीं है - इससे पहले भी हमने वीडियो सबूतों के साथ देखा है कि पुलिस के अफसर महिलाओं के साथ घिनौनी बदसलूकी करते हैं।
पूरी दिल्ली की महिलाएं, छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर घबराहट में हैं, सत्याग्रह कर रही हैं - मगर जिस पुलिस पर महिलाओं की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी है, वही महिलाओं पर हाथ उठा रही है।
और एक महिला की शिकायत दर्ज करने से जो सरकार डरती है - वो आख़िर किसकी हिफ़ाज़त कर रही है?
दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। अमित शाह जी, कहाँ हैं आप? जवाब आपको ही देना है।
From Electoral Bonds & EVMs to manipulating the election schedule, NaMo TV, “Modi’s Army” & now the drama in Kedarnath; the Election Commission’s capitulation before Mr Modi & his gang is obvious to all Indians.
The EC used to be feared & respected. Not anymore.
बिहार में बाढ़ फिर कहर बनकर टूटी है। लाखों लोग प्रभावित हैं, सैकड़ों गांव डूबे हुए हैं। कई लोगों की मौत और लापता होने की खबर है। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है।
सबसे दुखद बात यह है कि बिहार में यह संकट नया नहीं है। हर साल बाढ़ आती है, मौतें होती हैं, परिवार उजड़ते हैं और लोग पलायन करते हैं। BJP की डबल इंजन सरकार बताए - पिछले 17 साल में इस सालाना त्रासदी से निपटने के लिए क्या किया? ज़मीन पर क्या बदला? बिहार के लोगों को हर साल राहत और आश्वासन नहीं, स्थायी समाधान चाहिए।