गोरखपुर के प्रतीक त्रिपाठी बेटी पढ़ाओ की नई स्कीम चला रहे हैं।
स्कूल की लड़कियों को पढ़ा रहे हैं खर्चा उठा रहे हैं शहर में कमरा दिलाने का वादा भी।
दसवीं की एक लड़की को इसी तरह ब्लैकमेल करके, 4 महीने यौन शोषण कर चुके हैं,मना कर रही है फिर भी धमका रहे हैं।
गोरखपुर के प्रतीक त्रिपाठी बेटी पढ़ाओ की नई स्कीम चला रहे हैं।
स्कूल की लड़कियों को पढ़ा रहे हैं खर्चा उठा रहे हैं शहर में कमरा दिलाने का वादा भी।
दसवीं की एक लड़की को इसी तरह ब्लैकमेल करके, 4 महीने यौन शोषण कर चुके हैं,मना कर रही है फिर भी धमका रहे हैं।
यह #नेहा_शुक्ला हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर अपनी बेटी को बचाने के लिए गुहार लगा रही हैं।
इनका कहना है कि मैंने FIR की मेरी कोई सुन नहीं रहा। मेरा पति #ऋषिकेश_शुक्ला मेरी बेटी का जबरदस्ती रे@#प करता है।
“कोरी और चमारों को बढ़ने नहीं देंगे ,इनको जूता मारकर आरक्षण खत्म करायेंगे”
दलित समाज को आगे बढ़ते देख इन जातांकियों के सीने पर सांप लोट जाता है।
जालौन पुलिस से निवेदन है कि इस व्यक्ति पर कार्रवाई होनी चाहिए।
@jalaunpolice
लखनऊ की शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज़ के बाद नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए खास दुआ की गई। नमाज़ियों ने मृतकों की मग़फ़िरत, लापता लोगों की सलामती और प्रभावित परिवारों के लिए राहत की दुआ मांगी...
मलबे में जिंदगी ढूंढी जा रही है
नेपाल में आर्मी त्रिशूली पावर प्रोजक्ट की टनल में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर रही है
यहां प्रोजेक्ट पर काम कर रहे 50 भारतीयों को भी रेस्क्यू करके सुरक्षित बाहर निकाला गया है
नेपाल में हर दृश्य दिल दहला देने वाला है। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ के बीच फंसे घर, पानी के भंवर में घूमते वाहन, ढहते घरों के साथ मरते लोग और जान बचाने के लिए छतों-बालकनियों पर खड़े लोग… यह मंजर आज के इस आधुनिक युग में भी कुदरत के आगे इंसान की बेबसी बयां कर रहा है।
रक्षाबंधन पर बहनें रात के 2 बजे तक सड़क पर खड़ी हैं, आँखें बस का इंतज़ार कर रही हैं और दिल घर पहुँचने की उम्मीद लगाए बैठा है।
#उत्तर_प्रदेश सरकार ने मुफ्त बस यात्रा का प्रचार तो खूब किया, लेकिन पर्याप्त बसें उपलब्ध कराना भूल गई।
#बदहाल_व्यवस्था#बदहाल_उत्तर_प्रदेश
जयपुर में 16 नंबर बस ने इस बहन को उतरने ही नहीं दिया, उसके गंतव्य से दो किलोमीटर दूर जाकर बस रोकी, जब लड़की ने बस वालों से पूछा तो वह लोग गालियां देने लगे,कहा उतार के चप्पल मारूंगा।
इससे अच्छा तो टिकट लेकर यात्रा करना चाहिए रक्षाबंधन में फ्री यात्रा अपमानजनक है।