E 20 पर मोदी चुप, पेट्रोल पम्पों में मिली खराबी. SIAM की चिट्ठी गडकरी न��� वापस करा दी?
गाड़ियों के फ्यूल पंप, इंजेक्टर, फिल्टर, EGR वॉल्व, गैस्केट, कम माइलेज, कम पिकअप जैसी गड़बड़ियों पर चिंता जताते हुए, सोसायटी ऑफ इन्डियन ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चर्र्स, SIAM ने 28 जुलाई को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी को चिट्ठी लिखी थी. मगर एक हफ्ते बाद 4 अगस्त को E 20 पेट्रोल पॉलिसी को सही बताते हुए चिट्ठी वापस ले ली. आरोप हैं कि SIAM के अध्यक्ष शैलेश चन्द्रा, उपाध्यक्ष शेनू अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष संतोष अय्यर के मंत्री नितिन गडकरी के साथ बेहद करीबी रिश्ते हैं और गडकरी के दबाव में ही SIAM ने E 20 पॉलिसी को समर्थन दिया है. उधर, ऐथेनॉल वाले पेट्रोल से पेट्रोल पंपों की डिस्पेंसिंग ��शीनों में खराबी और स्टोरेज टैंकों में जंग लगने जैसी शिकायतें आने लगीं हैं. यानि नौ दिन चले अढ़ाई कोस. नतीजा ढाक के तीन पात 🧐🙄
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"सत्ता से सव���ल करना अब आसान नहीं रहा..."
@news24tvchannel छोड़ने के बाद वरिष्ठ पत्रकार गरिमा सिंह ने टीवी मीडिया का ऐसा सच सामने रखा है, जिसे हर नागरिक को सुनना चाहिए।
अगर किसी सरकार के दौर में पत्रकारों को सवाल पूछने से पहले दबाव, ट्रोलिंग और स्टूडियो तक पहुँचने वाली भीड़ का डर सताने लगे, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चेतावनी है।
जब पत्रकार निर्भीक नहीं रहेंगे, तो जनता भी सच से वंचित होती जाएगी। इसलिए यह मुद्दा किस�� एक पत्रकार या एक चैनल का नहीं, पूरे लोकतंत्र का है।
बाक़ी, आपकी समझदारी पर छोड़ता हूँ।
SIAM (Society of Indian Automobile Manufacturers) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि E20 में बहुत ज़्यादा chloride और moisture है, जिससे आपकी गाड़ियाँ ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने SIAM पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापिस करवा दी। क्यों?
जब science और engineering कह रहे हैं कि E20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?
ट्रैफिक पुलिस कर्मी ने मुझे सहायता केंद्र ले जाकर पीटा है...मेरे 3000 रुपए छीन लिए.. ऑटो का 7000 Rs का चालान कर दिए..!
इतना ही नहीं मुझे और मेरी मां को भद्दी भद्दी गालियां भी दी है..!
पीड़ित रोहित कह रहा है...क्या ऑटो चालक इंसान नहीं होते...किसी की मां को गाली देंगे ये पुलिसकर्मी.....?
ये मामला यूपी के कानपुर का है..पूरी घटना ���े बारे में पीड़ित रोहित से जानिए..👇👇👇
समाज के रक्षक ही जब भक्षक बन जाए तो आम जनता क्या करे
“साहब, 2 घंटे कमाने आता हूं…” पुलिस के सामने गिड़गिड़ाया दुकानदा���
दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सड़क किनारे स्टॉल लगाकर खाना बेचने वाले एक व्यक्ति का सामान हटाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो में दुकानदार पुलिस के सामने अपनी रोज़ी-रोटी का हवाला देते हुए गुहार लगाता दिखाई देता है। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए बहस भी की
#delhi
मेरा भाजपा के चुनाव आयोग से सवाल है कि अगर मेरे जैसे व्यक्ति को 2002 की लिस्ट में अपना नाम ढूंढ पाने में समस्या हो रही है तो आम इंसान की क्या हालत होगी?
क्या अन्य प्रमाणों पर विचार नहीं किया जाएगा?
@attorneybharti
गरीब ई रिक्शा चालक का साहब ने नो एंट्री में प्रवेश बताकर 20000 का चालान कर दिया..!
युवक साहब से कह रहा है नो एंट्री का बोर्ड कहां है..चालान को कर दिए 20k का..!
आरोप ये भी है कि प्राइवेट लोगों द्वारा रिक्शा रुकवाकर वसूली करवाई जाती है.. आरोप की जांच तो प्रशासन करेगा..!
दिल्ली वासी ह�� बता पाएंगे कि क्या सच में आरोप सही है.. मेरा सवाल तो बस इतना सा है कि -
मैने कभी प्रभावशाली व्यक्ति का इस प्रकार इतना भारी भरकम चालान होते नहीं देखा..ऐसा क्यों..?
गरीब है कमजोर है बेबस है क्या ही करेगा..इसका फायदा उठाया जाता है क्या..?