16वीं सदी तक भारत अध्यात्म, ज्ञान-विज्ञान तथा आर्थिक क्षेत्र सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी था। विज्ञान का प्रसार भी पूरे विश्व में भारत से होता था।
- डॉ मोहन भागवत जी
भारत में विवाह एक पवित्र बंधन है इसीलिए भारत के किसी भी भाषा में तलाक या डायवोर्स जैसे कोई शब्द नही है।
- कृष्ण गोपाल जी, सह-सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
#RSS l #संघ l #KrishnaGopal Ji
संघ कार्य कभी रुकता नहीं।
राष्ट्र सेविका समिति, जोधपुर प्रांत के प्रवेश-प्रबोध शिक्षा वर्ग–2026 में वर्षा के कारण पानी भर गया, किंतु सेविकाओं ने उसे साफ कर निर्धारित कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के शासन में अन्न, जल या जीवनोपयोगी किसी भी वस्तु की कभी भी कमी नहीं रही। उन्होंने कई स्थानों पर सदाव्रत व अन्न-क्षेत्र चालू कर रखे थे, जहां साधु-संतों, निर्धनों व असहायों को बिना किसी भेदभाव के भोजन मिलता था। #अहिल्याबाई_होल्कर#AhilyabaiHolkar
ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले सामान्य परिवार की बालिका से एक असाधारण शासनकर्ता तक की पुण्यश्लोक अहिल्याबाई की जीवन यात्रा आज भी प्रेरणा की महान स्रोत है।— दत्तात्रेय होसबाले, सरकार्यवाह - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ #अहिल्याबाई_होल्कर#AhilyabaiHolkar
वो बार-बार मंदिर तोड़ते थे, हमने उसे दुबारा उसी खंडहर पर बनाने का जो संकल्प लिया वो दुनिया कि कोई और सभ्यता नही ले सकी।
- डॉ . कृष्ण गोपाल जी , सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
लाल किला बना ‘संस्कृति की रंगोली’, देशभर की जनजातियों ने भरे विविधता के रंग।
भीषण गर्मी, अलग-अलग भाषाएँ और अनजान प्रदेश होने के बावजूद उत्साह में कहीं कोई कमी नहीं दिखी।
जनजाति संस्कृति समागम में देशभर से आए 1 लाख से अधिक जनजातीय समाज के लोग आज दिल्ली के लाल किला में उपस्थित हुए।
एकात्म स्त्रोत 4 -
गंगा सरस्वती सिंधु ब्रह्मपुत्राश्च गण्डकी
कावेरी यमुना रेवा कृष्णा गोदा महानदी ॥५॥
पवित्र नदियों गंगा, सरस्वती, सिंधु, ब्रह्मपुत्र, गण्डकी, कावेरी, यमुना, रेवा (नर्मदा), कृष्णा, गोदावरी और महानदी को हम सर्वदा ह्रदय में धारण करें।
23 अप्रैल 1995 में पहली बार यूनेस्को ने विश्व पुस्तक दिवस (World Book Day) की शुरुआत की थी।
लोगों के मन में पुस्तक प्रेम को जागृत करने के लिए इस दिन का मनाया जाता है।
इसकी मदद से यूनेस्को लोगों के बीच किताब पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना चाहता है।