अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।
अमेरिकी सैन्य हमले में भारत के तीन नागरिकों की मौत पर प्रधानमंत्री चुप क्यों है?
क्योंकि गोरों के सामने सरेंडर करने की इनकी परम्परा पुरानी है।
छाती नहीं पूँछ है छप्पन इंच की ?
अमरीका का नाम तक लेने की हिम्मत नहीं है किसी मंत्री की।
अबकी बार कायरों की सरेंडर सरकार ।।