@Imdineshpurohit Shame on BJP and this government.. jo bacho ko dara ke ye sab karwa rahi hai ye mat bulna karma will return.. jo boya hai wahi karna padega.. nafrat boyi hai wahi karoge .. remember my words aap ki ulti ginti shuru...jis ko bura lagna hai lage...
@sudhirchaudhary Bro kitna chatoge satta ki ek din jab sab badlega tum kahi ke nahi rahoge.. or jo abhi mila hai uspe SiT baith gayi to baki zindgi wapis tihad mein he kategi.. sharam naam ki cheez bachi hai godi media mein ke nahi.. @4pmnews_network@news_launcher@yadavakhilesh@RahulGandhi
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@sudhirchaudhary Bro kitna chatoge satta ki ek din jab sab badlega tum kahi ke nahi rahoge.. or jo abhi mila hai uspe SiT baith gayi to baki zindgi wapis tihad mein he kategi.. sharam naam ki cheez bachi hai godi media mein ke nahi.. @4pmnews_network@news_launcher@yadavakhilesh@RahulGandhi
"एक पेड़ मां के नाम" लगवाकर सरकार मां का कितना सम्मान करती है, तो क्या यह वृद्ध महिला किसी की मां नहीं है??
यह वीडियो मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र छतरपुर जिले का है। कहां केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में आदिवासियों और किसानों द्वारा किए जा रहे जल सत्याग्रह और अनशन, चिता आंदोलन का है।
यह मुद्दा सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी आदिवासियों के अधिकारों, ज़मीन, जंगलों और घरों को बचाने तथा उचित मुआवज़े की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
वीडियो में देखा जा सकता है पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा एक वृद्ध मां को घसीटा जा रहा है वहीं प्रदर्शनकारियों तथा सत्याग्रहियों को बलपूर्वक हटाने और हिरासत में लेने की कार्रवाई की जा रही है।
बदायूं में उमड़ा जन समर्थन का महासैलाब बता रहा है
अब नई सोच की नई क़लम से इतिहास रचा जा रहा है
हमारे सभी बड़े हमें जो ’समाजवादी सिद्धांत’ सिखाकर गये हैं, हम उन्हें ‘सामाजिक न्याय का राज’ लाने के अपने संकल्प तक लेकर जाएंगे, हर भेदभाव मिटाएँगे, हर ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ को बराबर मौक़े दिलवाएँगे, सबकी तरक़्क़ी और ख़ुशहाली के रास्ते बनाकर अपने प्यार भरे देश को, सौहार्द की बुनियाद पर ‘बंधु राष्ट्र’ बनाएंगे।
#PDA
#बंधुराष्ट्र
#सामाजिक_न्याय_का_राज
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 19 साल के साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला किया।
साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है मगर परिवार को सहारा देने के लिए वो पार्ट-टाइम कार भी चलाता है। वो खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है। अब उसे डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दिया है और फिर से पेपर लीक हो जाएगा।
इंसाफ़ और बेहतर भविष्य की मांग के साथ वह प्रदर्शन में शामिल हुआ था। आज हालत ये है कि उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा है।
ये सज़ा मिलती है हमारे छात्रों को सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने की।
हम साहिल के साथ हैं। हम जवाबदेही मांग रहे हर छात्र के साथ हैं।
मोदी जी, देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफ़ी मांगिए, इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कीजिए और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कीजिए।
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।