आज का दिन मेरे लिए अत्यंत भावनात्मक है। मेरे प्रदेशवासी, विशेषकर शेखावाटी अंचल के लाखों परिवार, कई दशकों से यमुना के जल की प्रतीक्षा कर रहे थे। पेयजल, सिंचाई और उद्योग, हर क्षेत्र में पानी की कमी ने विकास की गति को प्रभावित किया। आज ऐसा प्रतीत होता है मानो यमुना माता ने राजस्थान को अपना आशीर्वाद प्रदान किया है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के दूरदर्शी नेतृत्व, माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी के मार्गदर्शन तथा राजस्थान सरकार के अथक प्रयासों से आज यमुना जल परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन हेतु एमओए पर हस्ताक्षर हुए। यह केवल एक समझौता नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की वर्षों पुरानी आशाओं, विश्वास और संघर्ष की जीत है।
यह ऐतिहासिक कदम राजस्थान के विकास, जल सुरक्षा और समृद्ध भविष्य का नया अध्याय लिखेगा। आने वाली पीढ़ियाँ इस दिन को राजस्थान के इतिहास में एक स्वर्णिम और युगांतकारी क्षण के रूप में सदैव याद रखेंगी।
राजस्थान के 8 करोड़ नागरिकों की ओर से इस ऐतिहासिक पहल को साकार करने में सहयोग देने वाले माननीय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री @CRPaatil जी एवं हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP जी सहित सभी महानुभावों का हृदय से आभार!
@arvindchotia@PoliceRajasthan@Rajeev_ips पहाड़ी राज्यों के निवासियों में सिविक सेंस भी काफ़ी बेहतर है। ये सामने से आ रहे ट्रैफिक को देख कर गाड़ी रोक लेते हैं और पास होने देते हैं। उत्तराखंड हिमाचल में भी आपको ये दिखेगा
@th_anonymouse@8PMnoCM It’s really shameful how this news item has been written just to get this hardcore criminal some kind of sympathy. He murdered an innocent girl in cold blooded manner r….d her looted her house. And they say didi paise de deti to aisa nahi hota. It’s really horrible.
ड्यूटी ऐसी करो कि लोग आपके लिए
सरकार से लड़ने को तैयार हो जाएं
कोटड़ी के नन्दराय में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य शंकर लाल जाट पिछले 8 साल से इस स्कूल में थे और यह 8 साल इस स्कूल के लिए स्वर्णिम वर्ष रहे।
स्कूल का 95%+ परिणाम रहा। एक भी छात्र फेल नहीं हुआ। कई छात्रों के 100/100 अंक।
90% से अधिक अंक लाने वाले 5 छात्रों को शंकर लाल जी ने अपने खर्चे से हवाई यात्रा करवाई।
विद्यालय में छत की मरम्मत करवाई। डोम का निर्माण करवाया। 70 लाख रुपए की लागत से 6 कमरे बनवाए। स्वच्छ टॉयलेट सुनिश्चित किए। स्कूल का भव्य गेट बनवाया।
और तो और, स्कूल में PTI नहीं होने के बावजूद 100+ खिलाड़ी राज्य स्तर तक पहुँचे।
लाइब्रेरी से बच्चों को नौकरी तक मिली।
अब देखिए। सरकार ने इनका तबादला भीलवाड़ा कर दिया तो बच्चे रोने लगे। गांव वालों ने स्कूल के ताला लगा दिया और कड़कड़ाती ठंड में रात भर धरने पर बैठे रहे। किसी सरकारी कर्मचारियों को अपने क्षेत्र के लोगों का ऐसा प्यार कम ही मिलता है। और अगर मिल रहा है तो इसके पीछे उनके किए गए काम हैं।
हम नहीं जानते कि यह तबादला शंकर लाल जी ने खुद अपनी इच्छा से करवाया है या किसी ने खुन्नस निकालने के लिए करवाया है। लेकिन हमारा मानना है कि ऐसे समर्पित शिक्षकों को उनके इच्छित विद्यालय में ही पदस्थापित किया जाना चाहिए।
यह मामला उन सभी शिक्षकों के लिए एक सबक है जिन्होंने मिलजुल कर शिक्षा विभाग की और शिक्षकों की छवि को ऐसा बट्टा लगाया है कि आज लोक सरकारी शिक्षकों को बिल्कुल भी सम्मान की दृष्टि से नहीं देखते हैं। आपको ईश्वर ने यह अवसर दिया है कि आप सम्मान अर्जित कर सकें और अपनी आने वाली पीढ़ियों का बेहतर निर्माण कर सकें। एक संतुष्टि भी लेकर जा सकें। लेकिन इसके लिए समर्पण के साथ काम करना पड़ता है जैसा शंकर लाल जी जाट ने उदाहरण पेश किया है।
@BhajanlalBjp@madandilawar
@pindichholle Why are we so bothered by her past and not by the rape of a 2-year-old in this country? Both of them are sane adults, so why not let them do whatever they want? They're not hurting anyone, right?
I know this amazing woman, educated, earning more than anyone in her bloodline. Always a topper, then her parents got her married to a man, who was a good man for her. Turns out he was alcoholic, abusive, and harassed her to the point where she lost the will to live. Six months later she left and got a divorce. It took her time to heal and get back to her old self. But now most men call her “second hand maal, used, purana, divorced ladki,” and almost everywhere her parents tried, that’s all they heard. No doubt women are killed because of such men.
अगर आपकी स्क्रीन पर ये वीडियो आ गया है तो सब कुछ छोड़कर 6 मिनट निकालकर ये वीडियो देख डालिए।
19 साल के देवव्रत महेश रेखे बीना देखे शुक्ल यजुर्वेद का मंत्रोच्चार कर रहे हैं। अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय।
आप पुलिस वालों को चलते ही कुछ भी कह देते हैं लेकिन पुलिस में ऐसे ऐसे समर्पित और सेवाभावी जवान भी हैं कि उनके समर्पण की कोई दूसरी मिसाल ढूंढना भी मुश्किल है।
गोपाल लाल की जितनी तारीफ की जाए कम ही होगी