2023 में आम्रपाली वेरोना हाइट्स प्रोजेक्ट को पूरा होना था। सुप्रीम कोर्ट में दिसंबर 2025 का हलफनामा देने के बाद भी आज तक काम पूरा नहीं हुआ और उल्टा घर खरीदारों को ही @OfficialNBCC दोषी बता रहा है कि वो पोजीशन लेने नहीं आ रहे हैं। बिना समुचित सुविधाओं के लोग कैसे शिफ्ट करे?
मा.प्रधानमंत्री @narendramodi जी,
विगत 11 वर्षों से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी आपके मन की बात को सुन रहे हैं। आपसे करबद्ध अनुरोध है कि अब हम निवासियों के भी मन की बात सुनें और इस बार अटकी हुई मेट्रो फाइल को फाइनल अप्रूवल दिलवा दें जिससे यहां पर काम शुरू हो सके। @PMOIndia
, @narendramodi@PMOIndia@myogiadityanath@mlkhattar@MoHUA_India#Metro4GreaterNoidaWest
केंद्र सरकार द्वारा एक बार फिर ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को निरस्त किए जाने से नाराज निवासियों ने आज सेक्टर-71 चौराहे के समीप नोएडा एक्सटेंशन की ओर जाने वाले अंतिम मेट्रो पिलर के पास जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का आयोजन नेफोवा (NEFOWA) द्वारा किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय रेसिडेंट्स ने भाग लिया।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते हुए मोटी रस्सी से मेट्रो पिलर को खींचकर नोएडा एक्सटेंशन की ओर ले जाने का प्रतीकात्मक प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार डीपीआर निरस्त होने से क्षेत्र के लाखों निवासियों में भारी निराशा है।
नेफोवा अध्यक्ष @abhishek_nefowa ने बताया कि “ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। बार-बार डीपीआर निरस्त करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लाखों लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। हम सरकार से मांग करते हैं कि मेट्रो परियोजना को जल्द से जल्द मंजूरी देकर कार्य शुरू किया जाए।”
प्रदर्शन में शामिल निवासियों ने बताया कि वे रोजाना भीषण ट्रैफिक जाम से जूझते हैं, जबकि क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। पिछले 10 वर्षों से मेट्रो को लेकर केवल वादे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नजर नहीं आ रही।आज के प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जमकर नारेबाजी की तथा केंद्र एवं राज्य सरकार से गुहार लगाया कि मेट्रो हमारी आवश्यकता है और इसे अब और ज्यादा विलंब किए बिना कार्य शुरू होना चाहिए।
आज सभी निवासियों ने एकजुट होकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मेट्रो परियोजना को स्वीकृति नहीं दी गई, तथा कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके अलावा 26 अप्रैल को हजारों की संख्या में निवासी दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।
टीम नेफोवा
आख़िर क्यों आम्रपाली के घर खरीदार सड़क पर हैं..??
क्यों घर खरीदार @CBIHeadquarters और @dir_ed द्वारा जाँच की माँग कर रहे हैं…!
क्या इसमें कोई धांधली हुई है…!!
वैसे तो ये जाँच का विषय है और सुप्रीम कोर्ट को इस माँग को लेकर फ़ैसला करना चाहिए।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों @OfficialNBCC ने आम्रपाली की दो परियोजनाओं के खाली पड़े जमीन को डेवलप करने के लिए निविदा निकाली थी। पहली परियोजना गोल्फ होम्स जिसे मेन्शन बिल्डर ने 8600/ प्रति स्क्वायर में बोली लगा कर लिया।
लेकिन ठीक इस ऑक्शन के 10 दिन बाद दूसरी निविदा आम्रपाली सेंचुरियन पार्क के लिए निकाली गई थी। गोल्फ होम्स के ऑक्शन के बाद एनबीसीसी को मार्केट रेट पता चल गया था, इसके बावजूद NBCC गोल्फ होम्स से भी अच्छे लोकेशन में स्थित आम्रपाली सेंचुरियन पार्क की बिड प्राइस को सिर्फ 6900/_ प्रति स्क्वायर फीट रखा और इसे @gaursons_india गौर बिल्डर ने महज 7200/_ प्रति स्क्वायर फीट में ले लिया।
अब गौर बिल्डर एनबीसीसी से लेने के बाद इसे मार्केट में ₹10000-11000/ प्रति स्क्वायर फीट पर बेच रहा है।
यह सोचने की जरूरत है कि लगभग ₹3000-4000 प्रति स्क्वायर फीट का सीधा-सीधा फायदा ब्रोकरेज के रूप में बिना कुछ किए गौर बिल्डर को हो रहा।
इसमें यह बात भी सामने आ रही है कि सेंचुरियन पार्क स्थित एस्पायर एनबीसीसी सेंचुरियन पार्क के ऑक्शन में दो डमी बिडर को लाकर ऑक्शन को मैनेज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज प्रदर्शन कर रहे सभी घर खरीदारों का एक ही सवाल है कि " एक तरफ फंड की कमी का हवाला देकर हमारे फ्लैटों को कैंसिल किया जा रहा है और वहीं दूसरी तरफ एक निजी बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी एजेंसी @OfficialNBCC कौड़ियों के भाव में प्राइम लोकेशन की जमीन को दे रहा है" यह कहाँ का न्याय है।।
लिफ्ट अधिनियम पारित करने हेतु, नेफोवा @nefowaoffice की याचिका, विधान सभा में रखने हेतु माननीय श्री @DhirendraGBN जी का आभार।
हम 2016 से लगातार इसकी मांग कर रहे थे। हालिया दुर्घटनाओं के बाद एक बार फिर इसके लिए मुखर होकर विधायक जेवर से इसकी मांग की थी।
इससे पूर्व माननीय @CMOfficeUP जी के नॉएडा आगमन पर मीटिंग में भी घर खरीददारों की तरफ से नेफोवा ने लिफ्ट अधिनियम का मुद्दा उठाया था।
सब्वेंशन स्कीम वाले #AmrapaliHomeBuyers का यह दर्द न तो सुप्रीम कोर्ट सुन रही है,ना ही कोर्ट रिसीवर ऑफिस।आखिर कब ऐसे छोटे-छोटे समस्याओं का समाधान होगा किसी को नहीं पता? प्रोजेक्ट को पूरा बनने में अभी विलंब पर 12% पेनाल्टी, कैंसिल की धमकी दी जा रही. @OfficialNBCC@Mihirlawyer
घर खरीददारों के हक की आवाज उठाने वाले नेफोवा के @dipankar_18 को अपनी सोसाइटी में इंटरनेट सेवा एवं बेसिक सुविधाओं की मांग उठाने पर @PanchsheelBuild द्वारा नोटिस भेज कर डराने की कोशिश की गई.किसकी शह पर ये बिल्डर इतनी मनमानी करता है! वैसे हमारे सदस्य ऐसे नोटिस से रत्ती भर नहीं डरते.
एक बार फिर एक मूर्ति चौक पर जुटे आक्रोशित घर खरीददार।
प्राधिकरण, प्रशासन के कुंभकर्णी नींद तोड़ने के लिए भरी हुंकार।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए आदेश के बाद भी रुकी रजिस्ट्री पर प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी।
#KabHogiRegistry#KabMilegaApnaGhar
सांसद महोदय @dr_maheshsharma जी, लाखों होम बायर्स के बहुप्रतीक्षित मांग को आपने संसद में उठाया उसके लिए आभार.वैसे केंद्र व राज्य दोनों जगह @BJP4India की ही सरकार है.अतः उम्मीद करते हैं कि इस समस्या के निराकरण होने तक आप चैन से नहीं बैठेंगे. @myogiadityanath@PMOIndia@AmitShah
घर खरीदारों को ठगने के साथ-साथ यह मेडिकल रिपोर्ट में भी जालसाजी किया है,इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए.क्योंकि यह निर्लज्ज इतना खतरनाक आदमी है जो बाहर रहकर आम्रपाली के प्रोजेक्ट में चल रहे काम को भी प्रभावित करवा सकता है. @IndrishGupta@barandbench@amitguptaHR
जिस व्यक्ति को ग्लुकोमा एवं मेडिकल कॉम्प्लिकेशन के कारण सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दी गई वह पार्टी करता फिरे?सूचना के अनुसार कुछ दिन पहले लेजर वेली विला में ये मक्कार अपने चहेते के गृह प्रवेश में शामिल होने आया था.इसकी जमानत तत्काल खारिज होनी चाहिए. @Mihirlawyer@OfficialNBCC
दिल्ली हाई कोर्ट के जज साहब का बहुत-बहुत आभार कि उन्होंने आम्रपाली के पूर्व प्रमोटर अनिल शर्मा की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया.क्योंकि ये धूर्त आम्रपाली के काम चल रहे प्रोजेक्ट पर अडंगा लगाने में कुछ ना कुछ तिकरम लगाएंगे ही. @dir_ed@EOWDelhi@PMOIndia@Mihirlawyer
आपसे निवेदन है कि कृपया फंड जेनरेट करने पर ध्यान दें.शुरुआत में आप बड़ी-बड़ी बातें करके यही कहा करते थे की @OfficialNBCC के कॉस्ट ऑफ कंस्ट्रक्शन से होम बायर्स को कोई मतलब नहीं होना चाहिए क्योंकि हम लोग उसको पूरा करेंगे,किसी के ऊपर भी एक्स्ट्रा कोई चार्ज नहीं लगेगा.
कंस्ट्रक्शन में लगने वाले बाकी पैसे का इंतजाम हो गया क्या?क्योंकि 9000 करोड़ में से सिर्फ एक तिहाई हिस्सा घर खरीदारों को देना है. पर आप लोग फंड के लिए सबसे आसान टार्गेट आम्रपाली बायर्स को ही क्यों बना रखे हैं? #Amrapali के प्रोमोटर की प्रॉपर्टी को नीलाम क्यों नहीं करवा रहे हैं?
अतः हम सभी आम्रपाली बायर आपसे करबद्ध निवेदन करते हैं कि हम पहले से पीड़ित हैं कृपया और ना सताएं तथा बार बार फ्लैट कैंसल की धमकी ना दें,क्योंकि अब उसका फर्क नहीं पड़ता है.इसलिए घर दिलवाने में हम लोगों की मदद करें. @PMOIndia@CMOfficeUP@FinMinIndia@noida_authority@narendramodi
श्रीमान रिसीवर साहब,आम्रपाली के अटके हुए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करवाने में आपका प्रयास सराहनीय है.परंतु
@OfficialNBCC
के द्वारा कंस्ट्रक्शन शेड्यूल बार बार रिवाइज किया जा रहा है उस पर आप क्या कहना चाहेंगे?हमारी जो बेसिक समस्या है क्या आपने कभी उस पर ध्यान दिया? @Mihirlawyer