मै इन सब साले मेरिट वालो से पुछना चाहता हु तुम लोग देश चला रहे हो लेकिन भीकारीयो की तरह
🇺🇸 अमेरिका के सामने , 🇷🇺 रशिया के सामने
हमको ये हत्यार चाहिऐ वो हत्यार चाहिये इसकी भीक क्यु मांग रहे हो तुम मेरिट हो ना ?
आंबेडकरवादी फायर है मेरिटधारी कायर है 🔥
ॲड .बाळासाहेब आंबेडकर 💙
#Ambedkarite #Ambedkarwadi #Ambedkarism #Reservation #reservationpolitics
एडवोकेट रविंद्र सिंह खालसा का यह कथन जमीनी हकीकत को उजागर करता है—जो समाज आज भी अपने अधिकारों के लिए थाने की दहलीज तक जाने से डरता है,उस पर सुरक्षात्मक कानूनों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाना बेबुनियाद और निराधार है। असली न्याय वही है जो कमजोर को संबल दे। ✊
#SCSTAct
आरक्षण क्यों जरूरी है? पहले यह वीडियो पूरा देखिए यह तो सिर्फ एक फिल्म का सीन जमीनी हकीकत तो इससे भी ज्यादा खतरनाक है। 👇
एक बच्चे द्वारा वाल्मीकि समाज के बच्चों के लिए जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना सिर्फ एक बच्चे की भाषा का सवाल नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज में आज भी मौजूद जातिगत मानसिकता की गंभीर तस्वीर दिखाता है।
सोचिए, जब बचपन में ही किसी बच्चे को उसकी जाति के नाम पर अपमानित किया जाएगा, उसे नीचा समझा जाएगा और उसके समुदाय के लिए गाली जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा, तो बराबरी और सम्मान की भावना कैसे विकसित होगी?
यही वजह है कि आरक्षण आज भी जरूरी है।
आरक्षण किसी की दया, कृपा या भीख नहीं है। यह भारतीय संविधान द्वारा सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े तथा ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को समान अवसर और प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए बनाया गया संवैधानिक प्रावधान है।
सदियों तक जाति के आधार पर शिक्षा, सम्मान, संसाधनों और अवसरों से वंचित किए गए समाजों को जब संविधान ने आगे बढ़ने का रास्ता दिया, तो आज भी जातिगत भेदभाव के उदाहरण सामने आना बताता है कि सामाजिक बराबरी की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
आरक्षण का उद्देश्य किसी से अधिकार छीनना नहीं, बल्कि उन लोगों को अवसर और प्रतिनिधित्व देना है जिन्हें व्यवस्था ने लंबे समय तक पीछे रखा।
इसलिए आरक्षण पर सवाल उठाने से पहले जातिवाद पर सवाल उठाइए।
जिस दिन समाज से जातिगत भेदभाव पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, हर बच्चे को उसकी जाति से नहीं बल्कि उसकी योग्यता और इंसानियत से पहचाना जाएगा और हर वर्ग को वास्तविक समान अवसर मिलेगा उस दिन सामाजिक न्याय की मंजिल करीब होगी।
जय भीम। जय भारत। जय संविधान। जय बसपा।
@Shubhamshuklamp@neha_laldas@ajeetbharti@kalisenachief@Harshdubey9956
आमचा वाटा कुठाय हो? आमचा वाटा कुठाय हो? @SanjayShirsat77@RamdasAthawale
ह्या तुमच्या लाडक्या बहिणी नाहीत का?
की त्या लाडक्या बहिणींमध्ये सुद्धा छुआछूत, भेदभाव आणि जातपात आहे?
@Prksh_Ambedkar
आपका नेता जैसा होगा.......चरित्रवान!
आपका समाज भी वैसा ही होगा......चरित्रवान!
सभ्य नेता ;सभ्य समाज का निर्माण करता है....!
बसपा जब ऊँचाइयों पर गई तो नई परिभाषा गढ़ी,
हमने बताया ,
शिक्षा क्या है ,
विकास क्या है ,
रोजगार क्या है ,
स्वास्थ्य सेवाएं क्या है ,
राजनीतिक मर्यादाएं क्या हैं ,
राजनीतिक मिठास और मीठी वाणी क्या है....!
हम फिर लौटेंगी,
एक नई परिभाषा के साथ....!
हम ये नहीं कहते कि आप आँख बंद करके विश्वास करिए....!
हम बस इतना कहते हैं कि आप सब एक बार सभी पार्टी का BSP के साथ एनालिसिस करिए...!
उसके बाद निष्कर्ष निकालिये कि क्या कभी बहन जी ने किसी पार्टी ,
किसी महापुरुष ,
या किसी नेता के बारे में अमर्यादित बयानबाजी की...!
शायद कभी नहीं....!
उन्होंने हमेशा ही पार्टी की नीतियों का विरोध किया...!
कार्यशैली का विरोध किया!
बसपा एकमात्र पार्टी है जो मानव मूल्यों का महत्त्व समझती है...!
#Bahujan mukti party
m. p.
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आरक्षण पर ब्राह्मण जो बहस कर रहा है, ये मुद्दा खत्म करना है तो जाति जनगणना कराओ और 100% आरक्षण लागू कर दो। सबको उनकी संख्या के अनुपात से आरक्षण दे दो, झंझट खत्म।
— बामसेफ अध्यक्ष
मान्यवर @WamanCMeshram साहब
1/2
महाराष्ट्र शासनाकडे 3190.75 कोटी रुपयांचा अतिरिक्त निधी उपलब्ध असताना अनुसूचित जाती, जमातीच्या निधीतून वेगवेगळ्या कालावधीत त्यांनी मोठ्या प्रमाणात निधी लाडकी बहीण योजनेसाठी वळता केला.
अनुसूचित जाती, जमातीचा शिक्षण, शिष्यवृत्ती, दलित वस्ती विकास, आश्रमशाळा, वसतिगृहासाठीचा निधी होता, त्यातून लाडक्या बहीण योजनेसाठी मोठ्या प्रमाणात निधी सरकारने वळता केला आहे.
कॅग (CAG)ने त्यांच्या अहवालात म्हटले आहे की, राज्य सरकारने तरतुदीपेक्षा जास्त निधी खर्च केला आहे.
अनुसूचित जाती, जमातीचा निधी या योजनेसाठी वळता केला असेल, तर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी दुहेरी घोटाळ्याची लाडकी बहीण योजना आणली आहे.
: राजेंद्र पातोडे
प्रदेशाध्यक्ष, वंचित बहुजन आघाडी
#VBAForIndia
या देशात बेरोजगारीची काय अवस्था आहे पाहायची असेल, तर 'केबीसी'चा हा भाग पाहिला पाहिजे.
अनेक कुटुंबांसाठी सुरक्षित आणि चांगल्या पगाराची नोकरी मिळवणे आजही मोठी चिंता आहे. या चर्चेत शिक्षण, कौशल्ये, रोजगारनिर्मिती वाढत्या कार्यबलासाठी उपलब्ध संधी यांसारखे मुद्देही समोर येतात.
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के संविधान के अनुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
“तुम हमारे गिलास में पानी कैसे पी लिए?”
बस यह एक सवाल सुनिए और फिर उन तमाम दावों को याद कीजिए कि अब जाति कहाँ बची है, भेदभाव तो कब का खत्म हो चुका है, अब तो सब बराबर हैं!
जिस पानी पर किसी जाति का अधिकार नहीं, जिस प्यास में कोई ऊँच-नीच नहीं, उसी पानी का एक गिलास आज भी किसी इंसान को उसकी जाति याद दिला देता है। सोचिए, उस व्यक्ति पर क्या गुजरती होगी जिसे केवल पानी पी लेने भर से उसकी सामाजिक हैसियत बताने की कोशिश की जाए।
जातिवाद केवल किताबों में दर्ज इतिहास नहीं है। वह आज भी भाषा, व्यवहार, अपमान और रोज़मर्रा की छोटी-छोटी घटनाओं में दिखाई देता है।
इसलिए सवाल आरक्षण कब खत्म होगा का नहीं, सवाल यह है - जाति के नाम पर यह अपमान कब खत्म होगा?
शासन प्रशासन अनुशासन का उदाहरण क्या होता है अगर जानना है तो आदरणीय @mayawati जी का ये वीडियो देखिए। देखिए कि किस तरह परिवार के मुखिया की तरह अधिकारियों को ना सिर्फ़ आदेश बल्कि उन्हें मार्गदर्शन भी दे रही हैं की काम किस तरह होना चाहिए ताकि जानता को किसी तरह की मुश्किल ना होने पाए।
महाराष्ट्रात रिक्षा, टॅक्सी आणि कॅब चालकांनी मराठीत संवाद साधणे अनिवार्य असतानाही एका कॅब चालकाने प्रवाशाने मराठीत OTP सांगितल्यावर संताप व्यक्त केल्याचा प्रकार समोर आला आहे. या घटनेचा व्हिडिओ सोशल मीडियावर व्हायरल होत असून, चालकाच्या वागणुकीवर नेटकऱ्यांकडून संताप व्यक्त केला जात आहे.
#LokmatNews #MarathiNews #Marathi #Maharashtra #OTP
मदारी चित्रपट आठवतो?
भ्रष्टाचारामुळे झालेल्या दुर्घटनेत मुलगा गमावलेला बाप काय करतो? आज पुण्यात खड्ड्यामुळे असाच एका चिमुकल्याचा जीव गेला. राज्यभरातील मुले व्हिडीओ बनवून व्यथा मांडत आहेत पण गेंड्याच्या कातडीचे सत्ताधारी निर्धास्त आहेत. कारण त्यांच्या मुलांना हे भोगावे लागत नाही.