संत रविदास जी की पावन स्मृति को सम्मान देते हुए 'संत रविदास नगर भदोही' नाम देकर योगी जी ने साबित कर दिया कि वे हर समाज की भावना का दिल से सम्मान करते हैं। सपा का अवसरवादी चेहरा जनता के सामने एक बार फिर बेनकाब हो गया है।
2013 का मुजफ्फरनगर दंगा सपा के 34 साल के दंगावाद का सबसे खौफनाक मंजर था। कवाल कांड में सचिन और गौरव की हत्या के बाद पश्चिमी यूपी में हिंसा भड़क उठी। #Dangawadke34saal
. यूपी में 34 साल के माफियावाद ने पूरे प्रदेश का बेड़ा गर्क कर दिया था। अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे माफिया सरकार चला रहे थे और आम जनता खौफ के साये में जीने को मजबूर थी। बदलाव आना बेहद जरूरी हो गया था। #mafiawaadke34saal
मंच से महिला सम्मान का ढोंग और पीठ पीछे जातिसूचक तंज! यही सपा का असली दोहरा चरित्र है। जब विकास के मुद्दे नहीं बचते तो बदजुबानी ही इनका आखिरी सहारा बनती है। #देख_सपाई_बिटिया_घबराई
सपा की मानसिकता में नीचता कितनी है और इनके नेता कितना घटिया सोच सकते है, इसका अंदाज़ा आपको सीमा राजभर के इस कारनामे से लग जाएगा, #देख सपाई_बिटिया_घबराई
अखिलेश जी, 2012 में वादा लैपटॉप का था या प्रचार का?
2015 की सीएजी रिपोर्ट: लाखों पात्र छात्र वंचित, समारोहों का खर्च तय सीमा से ज्यादा!
पार्टी के 34 साल याद हैं, लैपटॉप का इंतज़ार करते छात्र भी याद हैं या भूल गए?
#Parivarwadke34saal
2027 का चुनाव आने से पहले ही सपा-कांग्रेस के इस ठगबंधन की हवा निकल चुकी है। 150 सीटों की अड़चन, सपा कार्यकर्ताओं की बगावत और केवल सत्ता की भूख यह साबित करती है कि यह गठबंधन यूपी के भविष्य के लिए सिर्फ एक छलावा है! इमरान मसूद
क्या यही है समाजवादी पार्टी का वैचारिक आधार? जिस पार्टी ने गरीबों के नाम पर राजनीति की, उसने राज्यसभा के लिए धनराज नाथवानी जैसे उद्योगपति को चुन लिया। अपने कोर वोट बैंक को दरकिनार करने का यह सबसे बड़ा उदाहरण है! #SelfishSP
क्या यही है समाजवादी पार्टी का वैचारिक आधार? जिस पार्टी ने गरीबों के नाम पर राजनीति की, उसने राज्यसभा के लिए धनराज नाथवानी जैसे उद्योगपति को चुन लिया। अपने कोर वोट बैंक को दरकिनार करने का यह सबसे बड़ा उदाहरण है! #SelfishSP
भाई कृष्णानंद राय की शहादत और कांग्रेस में मिली उपेक्षा—इन दोनों कारणों ने अजय राय को भाजपा की ओर मोड़ दिया है। बहुत जल्द अजय राय भाजपा जॉइन कर अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे!