पंडित कुमार गंधर्व…सिर्फ एक कलाकार नहीं बल्कि एक दार्शनिक भी थे। उनकी सोच, उनकी गायकी, उनका व्यक्तित्व अलग ही था। अपने ही रचे राग मालावती में उनकी एक प्रसिद्ध रचना है- मंगल दिन आज। वसुंधरा जी साथ में हैं 🙏
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@समाजसंवाद
अपने लिए मन्ना द्वारा बनाया राष्ट्रीय गान |
देश की माटी, देश का जल
हवा देश की, देश के फल
सरस बनें प्रभू सरस बनें |
देश के घर और देश के घाट
देश के वन और देश के बाट
सरल बनें प्रभू सरल बनें |
देश के तन और देश के मन
देश के घर के भाई बहन
विमल बनें प्रभू विमल बनें |
@RebornManish मनीष जी,
आपने आपातकाल की स्थिति अच्छे से समझाई। और उसका समर्थन भी नहीं किया।
लोकतंत्र को अगर टिके रहना है तो आपातकाल की संभावनाओं को जनता के सामने रखना ही चाहिए।
तब की इंदिरा हों या आज के मोदी हों, आम जनता की स्वतंत्रता छीनने की आजादी किसी सत्ताधीश को नहीं दी जा सकती।
सादर।