🎙️ "कैमरा चालू है, बिहार ठहर चुका है।"
(एक व्यंग्यात्मक काव्य)
नेता जी आये पदयात्रा पर, बोले – गाँव में रहूँगा,
किसी गरीब की झोपड़ी में आज रात ठहरूँगा।
टीवी वालों से बोले – कैमरा पीछे लाओ,
मैं जब रोटी खाऊँ, ठीक एंगल से दिखाओ।
बूढ़ी अम्मा ने पूछा – बेटा, दवा दिलवा दोगे?
नेता
ककरहाट पंचायत अंतर्गत बांध सड़क के बीचो-बीच एक गोलाकार होल हो चुका है, जो आपातकालीन किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है , या बाढ़ बढ़ने से बांध टूट भी सकती है मैं पदाधिकारी से आगरह करता हूं कि अभिलंब इस बांध की मरमत करवाई जाए।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ( सीपीआई) के 24 वा अधिवेशन सम्मेलन में शामिल होते हुए। दरियापुर आंचल अंतर्गत कोठिया गांव डेरनी में जनसभा को संबोधित करते हुए।
संजन सावंत