I fight only for country n hinduism.Hindi Hindu Hindustan.Yogi in 2027.कबीरा खड़ा बजार मै मागें सब की खैर
ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर.#ugc draconian law.
दतिया से नरोत्तम हारे थे, लेकिन नरोत्तम ही जीत सकते थे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को अब यह बात समझ आ गई होगी। जिन्होंने नरोत्तम का टिकट काटा था, उनको भी समझ आ गया होगा।
पप्पू यादव भैंसे की तरह हांफ रहे हैं, बता रहे हैं मेरे घर में हमला कर दिया?
यह भैंसे जैसे हांफने की स्क्रिप्ट पुरानी हो चुकी है!
जो संतों और भगवा का अपमान किया है उसपर माफी माँगों-
>ब्रो का नाम इरफान अंसारी है
>ब्रो कॉंग्रेस का बड़ा नेता है
>ब्रो झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री है
>ब्रो बहुत बड़ा रीलबाज है, रीलें बहुत तगड़ी बनाता है
>ब्रो को वाईरल रहने का बहुत शौक है
>ब्रो के प्रदेश के बच्चे नौकरी के लिए परेशान है, लेकिन ब्रो बिहार और असम के मुस्लिम बच्चों को 3 लाख रुपये महीने जॉब का ऑफर देता है,
>ब्रो के मंत्रालय का काम काज इनका बेटा देखता है, जैसे औचक निरीक्षण इत्यादि
>ब्रो से जब कोई स्वास्थ्य सुविधाओं में समस्याओं की बात करता है तो ब्रो धमकी देता है
>ब्रो कुछ दिन दिल्ली आंदोलन के समर्थन में रैली निकाल रहे थे
>ब्रो सीधे सीधे इस्तीफा मांग रहे थे
>अब झारखंड में बच्चे आंदोलन कर रहे है
>ब्रो अब बच्चों का समर्थन नहीं कर रहा और मीडिया बाईट से भी गायब है
>कुछ लोगों का कहना है कि ब्रो दम पुख्त और चिकन बिरयानी खाने में व्यस्त हैं
>हम ब्रो से अपील करते हैं कि छात्रों की मांग सुनो
अपने राज्य के छात्रों के आंदोलन पर भारत के इतिहास में यह किसी मंत्री का अब तक का सबसे शर्मनाक बयान है
कर्नाटक पुलिस भर्ती में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है हजारों छात्र आंदोलन कर रहे हैं
कर्नाटक का गृह मंत्री छोटा खड़गे बेशर्मी से कह रहे हैं अभी हमने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है
पत्रकार पूछता है कि आप इस्तीफा कब देंगे ? फिर छोटा खड़गे बेशर्मी से कह रहे हैं मैं इस्तीफा दूंगा पहले उनको (छात्रों को) 25 दिन का भूख हड़ताल करने दो पहले मुझे उन पर लाठी चार्ज करके तोड़ने दो उसके बाद में इस्तीफा दे दूंगा
फिर आगे कह रहा है की SR बोम्बई के समय में पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती में घोटाला हुआ था क्या बोम्बई ने इस्तीफा दिया था?
फिर यह अपने पहले के मंत्रियों का हिसाब किताब बताने लगे कि उनके समय में भी भर्ती में घोटाले हुए थे तो क्या उन्होंने इस्तीफा दिया था तो मैं इस्तीफा क्यों दूं
उधर झारखंड में भी छात्र आंदोलन कर रहे हैं
लेकिन अब अखिलेश यादव डिंपल यादव राहुल गांधी प्रियंका वाड्रा सबके मुंह में दही जमा है कोई कर्नाटक और झारखंड पर कुछ नहीं बोल रहा
और विपक्ष का दलाल ध्रुव राठी और अभिजीत दीपके भी चुप है
1) BJP lost Bankipur not because the public is against the party, but because PK was seen as a stronger candidate than the BJP nominee. Many voters believed the by-election result wouldn't affect the BJP govt, so they chose the candidate over the party.
2) BJP losing by-elections isn't something new. The party has lost several by-elections in the past as well. By-election results, more often than not, do not reflect the overall public mood or predict the outcome of a general election.
I do have a few suggestions for the BJP based on this result. I'll be sharing them soon in a detailed article.
ब्रजभूषण शरण सिंह को पहलवानों से यौन शोषण के आरोप में राउज रेवेन्यू कोर्ट ने बरी किया
ये मामला सीख है, सोचिए ऐसे झूठे केसेस से कितने मध्यमवर्गीय परिवार और कम पहुँच वाले पुरुषों का करियर बर्बाद होता होगा। जो केस भी नहीं लड़ पाते होंगे
बृजभूषण शरण सिंह अब फ़िलहाल हमलावर हैं।
जब सवर्ण समाज फर्जी SC/ST एक्ट के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा था, तब श्यामनारायण पटेल बहुजन एकता की बात किया करते थे। अब पासी समाज के लोगों द्वारा इन्हें परिवार सहित पीटा गया, इनके परिवार की लड़कियों और औरतों के कपड़े तक फाड़ दिए गए, फर्जी SC/ST भी लगा दिया गया है, अब ये रो रहे हैं।
लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में..
यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है
काक्रोच प्रदर्शन के संदर्भ में कुछ बातें स्पष्ट होती जा रही हैं।
प्रथम.....
काक्रोच के समर्थकों को पूरा विश्वास था कि भारत में भी बांग्लादेश और नेपाल की तरह वे सरकार उखाड़ देंगे।
इसके लिए किशोर-नवयुवाओं, विशेषकर किशोरियों और नवयुवतियों का weaponisation किया गया।
स्वयं यही लड़कियां बता रही हैं कि उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां देने के लिए उकसाया गया। उद्देश्य यह संदेश देना था कि प्रधानमंत्री मोदी की दार्शनिक राजा या प्रीस्ट किंग वाली छवि टूट गई है और अब उनकी सरकार का पतन तय है।
इसी आशा के अनुरूप विदेशी समाचारपत्रों में ऐसे लेख भी खूब छपे। उन्हें विश्वास था कि सरकार जाने के बाद इन गालीबाजों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
लेकिन प्रधानमंत्री जी ने पहले आंदोलन को भड़कने दिया, जिससे 12 वर्ष के शासन के बाद जो भी आक्रोश था, वह निकल गया।
देशतोड़क शक्तियों और नक्सलियों को मंच देने के कारण आंदोलन स्वयं कलंकित हो गया। फिर शिकायतों को absorb किया, उन्हें सुना, कार्रवाई की और एक मंत्री की बलि दे दी।
अगर काक्रोच केवल प्रधानमंत्री मोदी जी की राजनीतिक पूंजी पर प्रहार करते तो आंशिक सफलता की संभावना थी।
लेकिन राहुल-केजरी की अकड़ और अनुभवहीनता में उन्होंने मोदी जी की सामाजिक पूंजी पर चोट करने की कोशिश की, जो उलटी पड़ गई। परिणाम यह निकला कि राजनीतिक पूंजी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाए और उनकी विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त हो गई।
द्वितीय.....
काक्रोचों की आड़ में यह उस भ्रष्ट अभिजात वर्ग का एक और दांव था, जो अपनी उपेक्षा समाप्त कर राजनीतिक आधिपत्य फिर से स्थापित करना चाहता था।
R. Jagannathan लिखते हैं कि इन प्रदर्शनों में मुख्य भूमिका वंचित वर्ग की नहीं, बल्कि अपेक्षाकृत सुविधा-संपन्न वर्ग की थी।
इतिहास गवाह है कि क्रांतियों की अगुवाई अक्सर वही अभिजात वर्ग करता है, जो सत्ता में अपनी हिस्सेदारी चाहता है। वे किसान आंदोलन में धनी आढ़तियों और CAA विरोधी आंदोलन में अशरफ मुस्लिमों की भूमिका का उदाहरण भी देते हैं।
अंत में, मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी भारत की सभ्यतागत पुनर्संरचना कर रहे हैं। अगले 1000 वर्ष की बात भी इसी बदलाव का संकेत है।
यह परिवर्तन निर्धनों को साथ लिए बिना संभव नहीं है, इसलिए घर, नल से जल, बिजली, शौचालय, बैंक अकाउंट, आयुष्मान, मुफ्त अन्न और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बड़े स्तर पर वेल्थ ट्रांसफर किया जा रहा है।
एक प्रश्न जो किसी ने नहीं पूछा - आखिर इस काक्रोच आंदोलन में निर्धन वर्ग कहां था?
इसी प्रश्न के उत्तर में निहित है कि भारत में सत्ता परिवर्तन केवल चुनाव से संभव है। और चुनाव जीतने के लिए भाजपा के लगभग 24 करोड़ वोटों से अधिक वोट चाहिए।
पिछले आम चुनाव में दूसरे सबसे बड़े दल कांग्रेस को भाजपा के आधे वोट मिले थे। क्या यह गैप काक्रोचों की मदद से पाट पाओगे?
पप्पू यादव पर जूता फेंकने वाले हैप्पी शर्मा ने बताया कि हम लोगों के पास कोई चाकू नहीं था।
सब कुछ मीडिया के कैमरों के सामने था।
सनातनियों से मारपीट करने वाले गैंगस्टर पप्पू यादव के समर्थकों पर गम्भीर धाराओं में कार्यवाही होना चाहिये।
UK MP Chris Philp went to witness the invasion of Britain firsthand this week.
Watch how the invaders are aided and abetted by vile libtard French NGOs.