सांझ के सूरज सी लाली तेरे चहरे प तेरे रूप की चमक चांद सी है .. गोल गोल मुंह, तीखी सी नाक ठोडी प तिल ~ होठा पे मुस्कान देख सब कुछ भुलजाऊ, सादी सी छोरी तू परछाई जणू राधा सी है
#राधाष्टमी ❤️
@abhishapt ओर फिर मैने ये महसूस किया की,
जो हिस्सा उसके साथ चला गया, वो कभी लौटकर नहीं आयेगा अब जो बाकी है उससे केवल ज़िम्मेदारी निभाई जा सकती है, मोहब्बत नहीं